फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   257 परीक्षकों का वेतन रोका गया

257 परीक्षकों का वेतन रोका गया

Wed, 16 Apr 2014 05:30 AM IST
Maharajganj
Maharajganj Updated Wed, 16 Apr 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन में लापरवाही बरतना परीक्षकों को महंगा पड़ गया है। डीआईओएस ने 257 परीक्षकों का अप्रैल का वेतन रोक दिया है। मूल्यांकन नहीं करने पर सोमवार को परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए जिले में तीन मूल्यांकन केंद्र बने हैं। इसमें कुल 991 परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। मूल्यांकन 11 अप्रैल से हो रहा है। 15 दिन के अंदर सभी कॉपियों का मूल्यांकन करने का आदेश है। हाईकोर्ट का आदेश है कि 31 मई तक परीक्षा फल घोषित कर दिया जाए। लेकिन परीक्षक इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। जिससे परीक्षाफल घोषित करने में विलंब हो सकता है। करीब 285 परीक्षक मूल्यांकन करने नहीं आ रहे थे। इस पर डीआईओएस ने सोमवार को मूल्यांकन नहीं करने वाले परीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। मंगलवार को 257 परीक्षक नहीं आए। इसके बाद डीआईओएस अनिल कुमार मिश्र ने मूल्यांकन नहीं करने वाले सभी 257 परीक्षकों का अप्रैल का वेतन बाधित कर दिया। मंगलवार को गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक इंटर कॉलेज में 369 परीक्षकों में से 101 परीक्षक गैरहाजिर रहे। यहां 18 हजार कॉपियों का मूल्यांकन हुआ। प्रधानाचार्य त्रियुगीनारायण त्रिपाठी का कहना है कि परीक्षकों ने नहीं रहने से प्रतिदिन करीब पांच से छह हजार कॉपियां कम जांची जा रही हैं। महराजगंज इंटर कॉलेज में 311 परीक्षकों में से 96 परीक्षक नहीं आए। यहां साढे़ छह हजार कॉपियां जांची गईं। अब तक कुल करीब 28 हजार कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। प्रधानाचार्य राजेश कुमार का कहना है कि सभी परीक्षक आते तो मूल्यांकन का ग्राफ बढ़ जाता। सेठ आनंदराम जयपुरिया इंटर कॉलेज आनंदनगर में 311 परीक्षकों में से 60 परीक्षक नहीं आए। मंगलवार को 13 हजार 28 कॉपियां जांची गईं। यहां अब तक 34 हजार 248 कॉपियों का मूल्यांकन हो चुका है। प्रधानाचार्य सूबेदार का कहना है कि परीक्षकों की कमी से मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि 31 मई के पहले परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए। जो परीक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं कर रहे हैं वे उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं। चेतावनी के बाद भी मूल्यांकन नहीं करने वाले 257 परीक्षकों का अप्रैल का वेतन रोक दिया गया है। इसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed