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विवेकानंद से सीख से लें युवा
Maharajganj
Updated Sun, 13 Jan 2013 05:30 AM IST
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महराजगंज। स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पूरे जिले में शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। कहीं गोष्ठी का आयोजन किया गया तो कहीं रैली निकाली गई।
जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने इस मौके पर युवा सप्ताह का शुभारंभ किया। पहले दिन मुख्य अतिथि हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. महेश मणि ने कहा कि विवेकानंद से युवाओं को सीख लेनी चाहिए। डॉ. घनश्याम शर्मा ने कहा कि विवेकानंद ने जाति, धर्म से ऊपर उठकर समाज के लिए जीवन खपा दिया। डॉ. प्रेमचंद पटेल ने उनके आदर्शों को अपनाने की बात कही। प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. त्रियुगीनाथ ने अतिथियोें का स्वागत किया। संचालन प्रभाकर दुबे और आभार ज्ञापन अभिमन्यु सिंह ने किया।
माता रानी रूमाली देवी महिला महाविद्यालय नदुआ बाजार में इस मौके पर युवा सप्ताह शुरू हुआ। पहले दिन आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर आरके मिश्र ने कहा कि विवेकानंद भारतीय सभ्यता व संस्कृति के ध्वज वाहक थे। संस्थापक प्रबंधक व जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. घनश्याम पांडेय ने कहा कि विवेकानंद को व्यावहारिक जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। डॉ. शांतिशरण मिश्र ने कहा कि विवेकानंद धार्मिक व आध्यात्मिक सत्ता के प्रमाणिक व्यक्ति थे। राजीव द्विवेदी ने कहा कि विवेकानंद ने दरिद्रता और अशिक्षा को समाप्त करने का वीणा उठाया। डॉ. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि विवेकानंद ने प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को बनाए रखने पर बल दिया। संचालन हिंदी की प्रवक्ता शांति शुक्ला ने किया। कार्यवाहक प्राचार्य सचिदानंद शुक्ल और बागेश्वरी पटेल ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान कविता, प्रियंका, वंदना, मीना और चंपा ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
सोनपति देवी महिला महाविद्यालय में प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने समाज को अल्प आयु में जो दिया, वह अन्य के लिए मुश्किल है। प्राचार्य डॉ. बीएल अंजना ने विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला। डॉ. हरिप्रकाश शर्मा, अखिलेश, राजेश यादव, प्रमेन्द्र मिश्र, प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी मिश्रा ने विवेकानंद को ऐतिहासिक पुरुष बताया। संचालन नम्रता गुप्ता ने किया।
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महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय चौक में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष भूगोल डॉ. श्रीनिवास गुप्त ने कहा कि 39 वर्षों के संक्षिप्त जीवन काल में विवेकानंद ने जो कर दिखाया, वह आने वाली कई शताब्दियों तक संभव नहीं है। पूर्व प्रधानाचार्य जयप्रकाश शाही, प्राचार्य डॉ. रजनीश मल्ल सपना सिंह, मनीषा त्रिपाठी, एकता श्रीवास्तव और सुनील यादव ने युवाओं से अपील की कि वे विवेकानंद को जानें और उनके बताए रास्ते पर चलने की कोशिश करें।
जयपुरिया इंटर कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में मेजर सूबेदार यादव ने कहा कि विवेकानंद के रास्ते पर चलकर ही लक्ष्य व उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। जद (यू) नेता विजय सिंह ने कहा कि विवेकानंद ने अपने विचारों से देश में ही नहीं दुनिया में भारत का परचम फहराया। सत्यदेव सिंह, बीडी चौबे, जयप्रकाश लाल, डॉ. रामनारायण ने विवेकानंद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अनूप पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अनूप चौधरी ने युवाओं को विवेकानंद के जीवन से सीख लेने की अपील की। स्वाती चौधरी, प्रतिमा पटेल, सुमन चौधरी और सुचिन्द्रम पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने इस मौके पर युवा सप्ताह का शुभारंभ किया। पहले दिन मुख्य अतिथि हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. महेश मणि ने कहा कि विवेकानंद से युवाओं को सीख लेनी चाहिए। डॉ. घनश्याम शर्मा ने कहा कि विवेकानंद ने जाति, धर्म से ऊपर उठकर समाज के लिए जीवन खपा दिया। डॉ. प्रेमचंद पटेल ने उनके आदर्शों को अपनाने की बात कही। प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. त्रियुगीनाथ ने अतिथियोें का स्वागत किया। संचालन प्रभाकर दुबे और आभार ज्ञापन अभिमन्यु सिंह ने किया।
माता रानी रूमाली देवी महिला महाविद्यालय नदुआ बाजार में इस मौके पर युवा सप्ताह शुरू हुआ। पहले दिन आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर आरके मिश्र ने कहा कि विवेकानंद भारतीय सभ्यता व संस्कृति के ध्वज वाहक थे। संस्थापक प्रबंधक व जवाहर लाल नेहरू पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. घनश्याम पांडेय ने कहा कि विवेकानंद को व्यावहारिक जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। डॉ. शांतिशरण मिश्र ने कहा कि विवेकानंद धार्मिक व आध्यात्मिक सत्ता के प्रमाणिक व्यक्ति थे। राजीव द्विवेदी ने कहा कि विवेकानंद ने दरिद्रता और अशिक्षा को समाप्त करने का वीणा उठाया। डॉ. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि विवेकानंद ने प्राचीन सभ्यता और संस्कृति को बनाए रखने पर बल दिया। संचालन हिंदी की प्रवक्ता शांति शुक्ला ने किया। कार्यवाहक प्राचार्य सचिदानंद शुक्ल और बागेश्वरी पटेल ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान कविता, प्रियंका, वंदना, मीना और चंपा ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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सोनपति देवी महिला महाविद्यालय में प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने समाज को अल्प आयु में जो दिया, वह अन्य के लिए मुश्किल है। प्राचार्य डॉ. बीएल अंजना ने विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला। डॉ. हरिप्रकाश शर्मा, अखिलेश, राजेश यादव, प्रमेन्द्र मिश्र, प्रमोद शर्मा, लक्ष्मी मिश्रा ने विवेकानंद को ऐतिहासिक पुरुष बताया। संचालन नम्रता गुप्ता ने किया।
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महंत अवेद्यनाथ महाविद्यालय चौक में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष भूगोल डॉ. श्रीनिवास गुप्त ने कहा कि 39 वर्षों के संक्षिप्त जीवन काल में विवेकानंद ने जो कर दिखाया, वह आने वाली कई शताब्दियों तक संभव नहीं है। पूर्व प्रधानाचार्य जयप्रकाश शाही, प्राचार्य डॉ. रजनीश मल्ल सपना सिंह, मनीषा त्रिपाठी, एकता श्रीवास्तव और सुनील यादव ने युवाओं से अपील की कि वे विवेकानंद को जानें और उनके बताए रास्ते पर चलने की कोशिश करें।
जयपुरिया इंटर कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में मेजर सूबेदार यादव ने कहा कि विवेकानंद के रास्ते पर चलकर ही लक्ष्य व उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। जद (यू) नेता विजय सिंह ने कहा कि विवेकानंद ने अपने विचारों से देश में ही नहीं दुनिया में भारत का परचम फहराया। सत्यदेव सिंह, बीडी चौबे, जयप्रकाश लाल, डॉ. रामनारायण ने विवेकानंद की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अनूप पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अनूप चौधरी ने युवाओं को विवेकानंद के जीवन से सीख लेने की अपील की। स्वाती चौधरी, प्रतिमा पटेल, सुमन चौधरी और सुचिन्द्रम पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।