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ओमान से लाश आई तो गांव में छा गया मातम
Maharajganj
Updated Wed, 14 Nov 2012 12:00 PM IST
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भिटौली। एक ओर लोग दीपावली की खुशियां मना रहे थे तो एक परिवार गम के समंदर में डूबा था। भिटौली क्षेेत्र के इस परिवार के कमाऊ व्यक्ति की मौत ने घरवालों को झकझोर कर रख दिया है। ओमान से मंगलवार की सुबह चार बजे उसकी लाश पहुंची तो गांव में मातम छा गया। विदेश कमाने गए इस व्यक्ति की मौत हार्ट अटैक से होने की बात सामने आ रही है।
भिटौली क्षेत्र के रामपुर निवासी जयप्रकाश पासवान डेढ़ साल पहले ओमान कमाने गया था। उसका सपना था वह विदेश में कमाकर घर वालों की गरीबी दूर करेगा। बच्चों की बेहतर परवरिश करेगा। मगर ऐसा नहीं हो सका। उसके सपनों को किसी की नजर लग गई। दो नवंबर को ही उसने घर वालों से बात की थी। दिन में बात करने के बाद शाम को उसकी मौत की खबर आई। पता चला कि ओमान में जयप्रकाश को कई महीने से सेलरी नहीं मिली थी। वह यहां एक टाइल्स कंपनी में काम करता था। मुफलिसी से वह इतना टूट गया कि उसे हार्ट अटैक हो गया। उसके घर वालों क ी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। ओमान से दिल्ली होते हुए जयप्रकाश की लाश मंगलवार सुबह चार बजे उसके घर पहुंची। लाश देखकर सबकी आंखें नम न हो गईं। ओमप्रकाश का दिल इतना बड़ा था कि वह दो बेटों व एक बेटी के अलावा एक लावारिस बच्चे कुलदीप को भी पाल रहा था। मौत के बाद पत्नी और घर के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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भिटौली क्षेत्र के रामपुर निवासी जयप्रकाश पासवान डेढ़ साल पहले ओमान कमाने गया था। उसका सपना था वह विदेश में कमाकर घर वालों की गरीबी दूर करेगा। बच्चों की बेहतर परवरिश करेगा। मगर ऐसा नहीं हो सका। उसके सपनों को किसी की नजर लग गई। दो नवंबर को ही उसने घर वालों से बात की थी। दिन में बात करने के बाद शाम को उसकी मौत की खबर आई। पता चला कि ओमान में जयप्रकाश को कई महीने से सेलरी नहीं मिली थी। वह यहां एक टाइल्स कंपनी में काम करता था। मुफलिसी से वह इतना टूट गया कि उसे हार्ट अटैक हो गया। उसके घर वालों क ी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। ओमान से दिल्ली होते हुए जयप्रकाश की लाश मंगलवार सुबह चार बजे उसके घर पहुंची। लाश देखकर सबकी आंखें नम न हो गईं। ओमप्रकाश का दिल इतना बड़ा था कि वह दो बेटों व एक बेटी के अलावा एक लावारिस बच्चे कुलदीप को भी पाल रहा था। मौत के बाद पत्नी और घर के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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