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पंजीकरण के मामले में महराजंगज को सूबे में मिला चौथा स्थान
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:08 AM IST
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पंजीकरण में महराजगंज का सूबे में चौथा स्थान
डीएम व खाद्य विभाग के अधिकारियों की पहल रंग लाई
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सूबे के 71 जिलों को पिछे करते हुए महराजगंज ने पंजीकरण के मामले में प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। इस सफलता में जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय व खाद्य विभाग केे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहल व प्रयास रंग लाई है।
सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1750 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इस समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को दिलाने के पहले किसानों के पंजीकरण पर जोर दिया। डीएम के निर्देश के क्रम में खुद जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश सिंह, क्षेेत्रीय विनणन अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी एवं कमरूददीन आदि लोगों ने जगह-जगह चौपाल लगाकर किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया। यह भी बताया कि बिना पंजीकरण के धान बेंच पाना मुश्किल होगा। ऐसे में पहले धान तौलवाने के लिए पहले पंजीकरण कराएं। इसके बाद एसडीएम द्वारा सत्यापन होगा।
पंजीकरण अभियान का नतीजा रहा कि पूरे प्रदेश में महराजगंज को चौथा स्थान मिला है। क्षेत्रीय खाद्य विपणन अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि बाराबांकी ने 9969 किसानों का पंजीकरण कराकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मिर्जापुर दूसरा (8548 पंजीकृत), सोनभद्र तीसरा (8255 पंजीकृत) है। 7778 किसानों का पंजीकरण कर महराजगंज ने चौथा स्थान प्राप्त किया है।
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खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में धान की तौल पहली अक्टूबर से होगी। जबकि गोरखपुर मंडल सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में धान की तौल पहली नवंबर से होगी।
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डीएम व खाद्य विभाग के अधिकारियों की पहल रंग लाई
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। सूबे के 71 जिलों को पिछे करते हुए महराजगंज ने पंजीकरण के मामले में प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। इस सफलता में जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय व खाद्य विभाग केे अधिकारियों और कर्मचारियों की पहल व प्रयास रंग लाई है।
सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 200 रुपये बढ़ाकर 1750 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इस समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को दिलाने के पहले किसानों के पंजीकरण पर जोर दिया। डीएम के निर्देश के क्रम में खुद जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश सिंह, क्षेेत्रीय विनणन अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी एवं कमरूददीन आदि लोगों ने जगह-जगह चौपाल लगाकर किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया। यह भी बताया कि बिना पंजीकरण के धान बेंच पाना मुश्किल होगा। ऐसे में पहले धान तौलवाने के लिए पहले पंजीकरण कराएं। इसके बाद एसडीएम द्वारा सत्यापन होगा।
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पंजीकरण अभियान का नतीजा रहा कि पूरे प्रदेश में महराजगंज को चौथा स्थान मिला है। क्षेत्रीय खाद्य विपणन अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि बाराबांकी ने 9969 किसानों का पंजीकरण कराकर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। मिर्जापुर दूसरा (8548 पंजीकृत), सोनभद्र तीसरा (8255 पंजीकृत) है। 7778 किसानों का पंजीकरण कर महराजगंज ने चौथा स्थान प्राप्त किया है।
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खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में धान की तौल पहली अक्टूबर से होगी। जबकि गोरखपुर मंडल सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में धान की तौल पहली नवंबर से होगी।