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मंदिर में समाधि देने को लेकर ग्रामीणों में विवाद
Updated Thu, 02 Aug 2018 06:44 PM IST
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मंदिर में समाधि दिए जाने पर विवाद
सुरक्षा के लिहाज से चार थानों की पुलिस तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। थाना क्षेत्र के गांव जमुई पंडित के बड़ा टोला स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को साधु की पत्नी के शव को समाधि दिए जाने के मसले पर दो गुटों में विवाद पैदा हो गया। विवाद बढ़ते देख पुलिस बुला ली गई। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। बाद में पुलिस प्रशासन की पहल पर शव को समाधि दिए जाने पर सहमति बनी। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीण संजय जायसवाल, राजेश वर्मा, विजय कनौजिया, गोरख वर्मा, गोविन्द तिवारी, उमेश आदि लोगों ने बताया कि गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर की देखभाल साधु पारस नाथ वर्मा कर रहते हैं। बुधवार की रात करीब आठ बजे साधु की पत्नी गंगोत्री देवी (75) का निधन हो गया। बृहस्पतिवार को सुबह साधु अपनी पत्नी के शव को मंदिर परिसर में समाधि देने की तैयारी कर रहे थे कि इस बीच गांव के हेमंत दुबे व प्रभु जायसवाल आदि विरोध जताते हुए समाधि दिए जाने से रोकने लगे। इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया और ग्रामसभा के लोग दो गुटों में बंट गए। विवाद बढ़ते देख ग्रामीणों ने यूपी 100 पुलिस को सूचना दी। साथ ही थाना प्रभारी निचलौल को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी हरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण दो पक्षों में बंट गए। जिसमें अधिकांश लोग साधु की पत्नी का शव मंदिर परिसर में ही दफन कराना चाह रहे थे, लेकिन दूसरे पक्ष के लोग इसका विरोध कर रहे थे। विवाद ज्यादा बढ़ते देख निचलौल, कोठीभार, चौक व सदर महिला थाने की पुलिस बुलाकर तैनात कर दी गई। उपजिलाधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के आपसी सामंजस्य से साधु की पत्नी के शव मंदिर परिसर के पास ही समाधि दी गई। इस मौके पर तहसीलदार राहुल देव भट्ट के अलावा तमाम पुलिस कर्मी एवं गांव के लोग मौजूद रहे।
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सुरक्षा के लिहाज से चार थानों की पुलिस तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। थाना क्षेत्र के गांव जमुई पंडित के बड़ा टोला स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में बृहस्पतिवार को साधु की पत्नी के शव को समाधि दिए जाने के मसले पर दो गुटों में विवाद पैदा हो गया। विवाद बढ़ते देख पुलिस बुला ली गई। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार थानों की पुलिस तैनात कर दी गई है। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। बाद में पुलिस प्रशासन की पहल पर शव को समाधि दिए जाने पर सहमति बनी। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीण संजय जायसवाल, राजेश वर्मा, विजय कनौजिया, गोरख वर्मा, गोविन्द तिवारी, उमेश आदि लोगों ने बताया कि गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर की देखभाल साधु पारस नाथ वर्मा कर रहते हैं। बुधवार की रात करीब आठ बजे साधु की पत्नी गंगोत्री देवी (75) का निधन हो गया। बृहस्पतिवार को सुबह साधु अपनी पत्नी के शव को मंदिर परिसर में समाधि देने की तैयारी कर रहे थे कि इस बीच गांव के हेमंत दुबे व प्रभु जायसवाल आदि विरोध जताते हुए समाधि दिए जाने से रोकने लगे। इस बात को लेकर विवाद बढ़ गया और ग्रामसभा के लोग दो गुटों में बंट गए। विवाद बढ़ते देख ग्रामीणों ने यूपी 100 पुलिस को सूचना दी। साथ ही थाना प्रभारी निचलौल को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी हरेन्द्र मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण दो पक्षों में बंट गए। जिसमें अधिकांश लोग साधु की पत्नी का शव मंदिर परिसर में ही दफन कराना चाह रहे थे, लेकिन दूसरे पक्ष के लोग इसका विरोध कर रहे थे। विवाद ज्यादा बढ़ते देख निचलौल, कोठीभार, चौक व सदर महिला थाने की पुलिस बुलाकर तैनात कर दी गई। उपजिलाधिकारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के आपसी सामंजस्य से साधु की पत्नी के शव मंदिर परिसर के पास ही समाधि दी गई। इस मौके पर तहसीलदार राहुल देव भट्ट के अलावा तमाम पुलिस कर्मी एवं गांव के लोग मौजूद रहे।
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