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लोक अदालत में 780 मामले निस्तारित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:46 AM IST
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मिनी लोक अदालत में काम निपटाते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तरफ से शनिवार को मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दीवानी न्यायालय व तहसील न्यायालयों के परिसर में किया हुआ।
लोक अदालत में कुल 780 वादों का निस्तारण हुआ। जिसमें जनपद न्यायाधीश भोपाल सिंह एक इजरा वाद का निस्तारण किए, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट नं. एक गोविन्द बल्लभ शर्मा एक फौजदारी वाद का निस्तारण किए तथा पांच सौ रुपए अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया।
इसके अलावा दो इजरावाद का भी निस्तारण किए और 412644 रुपए प्रतिकर के रूप में दिलवाया। अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट नं.4 संजय डे तीन सिविल प्रर्कीण वाद का निस्तारण किया और मूल्य 1013691 रुपए प्रतिकर के रूप में दिलवाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय डॉ बाल मुकुंद चौरसिया एक वैवाहिक वाद व नौ भरण-पोषण का निस्तारण किए। जिसमें चार प्रकरणों में पक्षकारों को समझा-बुझाकर एक साथ पति-पत्नी के रूप में विदा कराया।
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अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम देवेंद्र सिंह ने एक मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण किया और 546352 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाया। एडीजे कोर्ट नं. दो योगेन्द्र राम गुप्ता ने एक मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण कर एक लाख रुपये प्रतिकार के रूप में दिलाया।11 फौजदारी वादों का निस्तारण कर एक हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सीजेएम राम किशोर कुल 274 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 22635 अर्थदंड वसूल किया।
सिविल जज वरिष्ठ खंड/अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने 134 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 16880 रुपये अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज वरिष्ठ खंड/त्वरित न्यायालय सर्वजीत कुमार सिंह तीन उत्तराधिकार वादों का निस्तारण कर 287795 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया तथा पांच सिविल वाद का निपटारा कर 693446 रुपये प्रतिकर दिलाया। अमन कुमार श्रीवास्तव ने पांच सिविल वाद तथा 60 आपराधिक वादों का निस्तारण कर 2720 रुपये का अर्थदंड लगाया।
सिविल जज अवर खंड फरेंदा शीलवंत ने 120 आपराधिक वादों का निस्तारण कर 25610 रुपये का अर्थदंड वसूला। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व न्यायालयों में 189 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। मासिक राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के कुल 780 वादों का निस्तारण किया गया। 69345 रुपये अर्थदंड राजकोष में जमा कराया गया। 287795 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया तथा 2766133 रुपये प्रतिकर दिलाया गया।
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लोक अदालत में कुल 780 वादों का निस्तारण हुआ। जिसमें जनपद न्यायाधीश भोपाल सिंह एक इजरा वाद का निस्तारण किए, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट नं. एक गोविन्द बल्लभ शर्मा एक फौजदारी वाद का निस्तारण किए तथा पांच सौ रुपए अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया।
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इसके अलावा दो इजरावाद का भी निस्तारण किए और 412644 रुपए प्रतिकर के रूप में दिलवाया। अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट नं.4 संजय डे तीन सिविल प्रर्कीण वाद का निस्तारण किया और मूल्य 1013691 रुपए प्रतिकर के रूप में दिलवाया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय डॉ बाल मुकुंद चौरसिया एक वैवाहिक वाद व नौ भरण-पोषण का निस्तारण किए। जिसमें चार प्रकरणों में पक्षकारों को समझा-बुझाकर एक साथ पति-पत्नी के रूप में विदा कराया।
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अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम देवेंद्र सिंह ने एक मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण किया और 546352 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाया। एडीजे कोर्ट नं. दो योगेन्द्र राम गुप्ता ने एक मोटर दुर्घटना वाद का निस्तारण कर एक लाख रुपये प्रतिकार के रूप में दिलाया।11 फौजदारी वादों का निस्तारण कर एक हजार रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सीजेएम राम किशोर कुल 274 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 22635 अर्थदंड वसूल किया।
सिविल जज वरिष्ठ खंड/अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिवाकर द्विवेदी ने 134 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 16880 रुपये अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज वरिष्ठ खंड/त्वरित न्यायालय सर्वजीत कुमार सिंह तीन उत्तराधिकार वादों का निस्तारण कर 287795 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया तथा पांच सिविल वाद का निपटारा कर 693446 रुपये प्रतिकर दिलाया। अमन कुमार श्रीवास्तव ने पांच सिविल वाद तथा 60 आपराधिक वादों का निस्तारण कर 2720 रुपये का अर्थदंड लगाया।
सिविल जज अवर खंड फरेंदा शीलवंत ने 120 आपराधिक वादों का निस्तारण कर 25610 रुपये का अर्थदंड वसूला। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व न्यायालयों में 189 राजस्व वादों का निस्तारण किया गया। मासिक राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के कुल 780 वादों का निस्तारण किया गया। 69345 रुपये अर्थदंड राजकोष में जमा कराया गया। 287795 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया तथा 2766133 रुपये प्रतिकर दिलाया गया।