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पांच नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:23 AM IST
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महराजगंज/ठूठीबारी। लगातार बारिश से जिले की पांच नदियों रोहिन, राप्ती, महाव, चंदन, प्यास का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर हो गया है। बंधे के किनारे बसे गांवों के लोग दहशत में हैं।
रोहिन नदी को खतरे के निशान 82.44 मीटर से ऊपर 83.34 पर बह रही है। उफनाया महाव नाला भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। महाव के खतरे का निशान 5 फुट पर है। जबकि जल स्तर साढे़ पांच फुट है। चंदन नदी भी खतरे का निशान 101.05 मीटर पार कर 101.35 पर बह रही है। प्यास नदी भी बरसात से खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। इसके खतरे का निशान 102.25 मीटर हैं लेकिन यह नदी 102.64 पर बह रही है।
जिले में बहने वाली नदियों में गंडक खतरे के निशान से पांच फुट नीचे 360.3 फुट पर तो राप्ती करीब एक मीटर नीचे 79.68 मीटर पर बह रही है।
शनिवार की सुबह चंदन पुल का दक्षिणी पूर्वी एप्रोच धंस जाने से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। तेजी के साथ हो रहे कटान की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अमले ने ग्रामप्रधान को मनरेगा से कटान स्थल की मरम्मत कराने का आदेश दिया था लेकिन कारगर उपाय न होने से रविवार को पुल का एप्रोच बह गया। जैसे ही इसकी जानकारी लोगों को हुई तो पुल पर बांस बल्ली लगा आवागमन रोक दिया। दोपहर में निचलौल एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद मौके पर पहुंचे। लोगों ने एसडीएम से बचाव कार्य से संबंधित जानकारी चाही लेकिन बगैर कुछ कहे एसडीएम चले गए। इससे नाराज उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश कुमार रौनियार के नेतृत्व में लोगों ने जिला प्रशासन व निचलौल एसडीएम के खिलाफ घंटों प्रदर्शन किया। इस दौरान विवेक गुप्ता, हृदेश वर्मा, राजन, डीके, सुबाष, यूनुस आदि मौजूद रहे।
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ठूठीबारी निचलौल मार्ग पर पानी का बहाव तेज
ठूठीबारी। नेपाल के पहाड़ समेत भारतीय क्षेत्र में बारिश से स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी के साथ बढ रहा है चंदन, गंडक, भौरहियां के उफान से ठूठीबारी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार की रात ठूठीबारी निचलौल मुख्य मार्ग ठूठीबारी से गडौरा तक रोड पर लगभग चार फुट पानी बह रहा है।
दिक्कतों का सामना कर आ जा रहे राहगीर
ठूठीबारी। चंदन नदी का दक्षिणी पूरबी एप्रोच बह जाने से दोनों तरफ राहगीर एवं मोटरसाइकिल सवार लोग काफी परेशान रहे। कस्बे के युवाओं की सहयोग से टूटे स्थान पर बांस-बल्ली रख बारी-बारी से लोगों को जाने में मदद की। बाइक सवार फंसे रहे। सवारी गाड़ियों से यात्रियों को पुल के पहले ही उतार दिया जा रहा है। यात्री पैदल ठूठीबारी चौराहे तक जा रहे है।
बाढ़ से बिजली गुल
ठूठीबारी। बाढ़ के चलते शनिवार की रात निचलौल से ठूठीबारी के बीच 33केवी की बिजली बाधित हो गई। ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र से दी जाने वाली 67 गांवों की सप्लाई रोक दी गई है। इसकी जानकारी ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र के जेई शंभुनाथ चौधरी ने दी।
सोहगीबरवा के चारों तरफ पानी ही पानी
सोहगीबरवा। बारिश के चलते सोहगीबरवा के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग घर से निकल नहीं पा रहे हैं। नारायणी नदी का पानी भी सोहगीबरवा के करीब पहुंच गया है। रोहुआ नाला के करीब पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से भोथहां, शिकारपुर, नौकटोला, सोहगीबरवा, पिपरासी के लोग कहीं आ जा नहीं पा रहे हैं। लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सोहगीबरवा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनय सिंह ने बताया कि लगातार बारिश से नारायणी और पहाड़ी झरना से निकले रोहुआ नाले में पानी आ गया है। लोगों का अन्य जगहों से संपर्क टूट गया है।
सड़क पर बह रहा पानी
चौक बाजार। लगातार बारिश से क्षेत्र की चानकी नदी उफान पर है। अगल बगल के गांवों में पानी घुस गया है। नाथनगर, धरमौली, महेशपुर, सोनाड़ी खास, कम्हरिया कला गांव के करीब पानी पहुंच गया है। चौक बाजार का मुख्य बाजार पानी से लबालब भरा हुआ है। बसवार, मधुबनी, टीकर, परसौनी, गनेशपुर, तकरारी, सिंहपुर मठिया, पडरी खुर्द, करौता, ओबरी आदि गांवों में पानी घुस गया है। निचलौल से चौक बाजार व चौक बाजार से महराजगंज जाने वाली मुख्य सड़क पर लालपुर, दरहटा में पानी सड़क से एक फुट ऊपर बह रहा है।
दर्जन भर गांवों के सिवान में फैला पानी
बरगदवा। तीन अगस्त को कोहरगड्डी व झिंगटी गांव के पास टूटे महाव नाले की मरम्मत न होने से दर्जन भर गांवों के सिवान अब भी पानी से डूबे हैं। छितवनिया, कोहरगड्डी, मल्लाह टोली रिहायशी बस्तियों में जमा पानी से लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा सता रहा है। कोहरगड्डी गांव के सामने तो इस बार 21जून से कई बार बांध टूटने से धान की सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो गई है। बाढ़ कोहरगड्डी, दोगहरा, असुरैना, विशुनपुरा, छितवनिया, झिंगटी, पड़ौली, परसामलिक, पिपरहियां, जहरी, तरैनी आदि गांवों के सिवान में तबाही मचा रही है। सिवान में चारों तरफ पानी होने से मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। इसके बाद भी प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के प्रति बेपरवाह बना हुआ है। सिंचाई विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि 10 दिन बाद भी कटान स्थल को भरने का कोई इंतजाम नहीं किया है। सिंचाई खंड द्वितीय के अभियंता राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि कटान स्थल को भरने का काम अविलंब शुरू कराया जा रहा है।
विधायक ने रोहिन के तटबंध का जायजा लिया
पुरंदरपुर। विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने रविवार को मझार में बह रही रोहिन नदी के तटबंध का निरीक्षण किया। मझार क्षेत्र के गांव खालिकगढ़ टोला अराजी सुबाइन, रघुनाथपुर टोला के अमहवा, गौहरपुर टोला सेमरहवा व रजापुर के टोला कोइरीपुर में रोहिन नदी तटबंध की नाजुक स्थिति की सूचना पर पहुंचे विधायक ने लोगों को सतर्क रहने को कहा। हर संभव मदद का आश्वासन दिया। संबधित अधिकारियों को तटबंध पर नजर रखने को कहा। इस दौरान सुबराती, अब्दुल्ला मंझरी, नुरूलहोदा, राकेश उपाध्याय, हल्का लेखपाल मंजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
रोहिन नदी के कटे तटबंध को गांव वालों ने बांधा
पुरंदरपुर। रविवार को पहाड़ पर हो रहे बरसात के कारण रोहिन नदी का तटबंध कोईरीपुरवां टोले के पास कट गया। इससे सहमे मझार क्षेत्र के रजापुर तेनुअहवां के लोगों ने कट रहे बंधे को बांध कर साहसिक काम किया। रविवार को सुबह लगभग नौ बजते ही तटबंध कटना शुरू हो गया। ग्राम प्रधान पन्नेलाल सहानी सहित मंझार के लोगों ने कटान को बांधना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद कटान को रोक दिया गया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नौतनवां प्रेमप्रकाश अंजोर, नायब तहसीलदार रवि कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल, पुरंदरपुर एसओ, एसआई मनीर सिंह पहुंचे।
बघेला नदी का जलस्तर बढ़ने से दहशत में ग्रामीण
रतनपुर। बघेला नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव पानी से घिर गए हैं। कुछ मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। लोगों को आने जाने में काफी समस्या हो रही है। पशु पालकों के लिए भी चारे की समस्या हो गई है।
नौतनवां क्षेत्र के चकदह में बाढ़ से फसलें डूब गई हैं। बेलहिया तथा घरोहिया टोले को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है। बेलहिया के चारों तरफ पानी लग गया है। इस टोले को जोड़ने वाले तीन रास्ते पानी से डूबे हैं। मुख्य मार्ग पर आने के लिए तीन फीट पानी से होकर आना जाना मजबूरी है। यही हाल घरोही टोले तथा महुलैना का है। दोनों टोलों को जोड़ने वाले पिच मार्ग पर पानी बह रहा है। एंबुलेंस पहुंचनी मुश्किल है। तबारक, गौरीशंकर यादव, मुस्तफा, उमरशाह, राजेंद्र, मोतीलाल, पंचम, श्रीराम, पूनम, अमीन, बेचन यादव, रामलखन, शंकर आदि ने बताया कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल सत्तार ने बताया कि प्रशासन बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जलजमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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रोहिन नदी को खतरे के निशान 82.44 मीटर से ऊपर 83.34 पर बह रही है। उफनाया महाव नाला भी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। महाव के खतरे का निशान 5 फुट पर है। जबकि जल स्तर साढे़ पांच फुट है। चंदन नदी भी खतरे का निशान 101.05 मीटर पार कर 101.35 पर बह रही है। प्यास नदी भी बरसात से खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। इसके खतरे का निशान 102.25 मीटर हैं लेकिन यह नदी 102.64 पर बह रही है।
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जिले में बहने वाली नदियों में गंडक खतरे के निशान से पांच फुट नीचे 360.3 फुट पर तो राप्ती करीब एक मीटर नीचे 79.68 मीटर पर बह रही है।
शनिवार की सुबह चंदन पुल का दक्षिणी पूर्वी एप्रोच धंस जाने से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। तेजी के साथ हो रहे कटान की सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अमले ने ग्रामप्रधान को मनरेगा से कटान स्थल की मरम्मत कराने का आदेश दिया था लेकिन कारगर उपाय न होने से रविवार को पुल का एप्रोच बह गया। जैसे ही इसकी जानकारी लोगों को हुई तो पुल पर बांस बल्ली लगा आवागमन रोक दिया। दोपहर में निचलौल एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद मौके पर पहुंचे। लोगों ने एसडीएम से बचाव कार्य से संबंधित जानकारी चाही लेकिन बगैर कुछ कहे एसडीएम चले गए। इससे नाराज उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष दिनेश कुमार रौनियार के नेतृत्व में लोगों ने जिला प्रशासन व निचलौल एसडीएम के खिलाफ घंटों प्रदर्शन किया। इस दौरान विवेक गुप्ता, हृदेश वर्मा, राजन, डीके, सुबाष, यूनुस आदि मौजूद रहे।
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ठूठीबारी निचलौल मार्ग पर पानी का बहाव तेज
ठूठीबारी। नेपाल के पहाड़ समेत भारतीय क्षेत्र में बारिश से स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी के साथ बढ रहा है चंदन, गंडक, भौरहियां के उफान से ठूठीबारी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार की रात ठूठीबारी निचलौल मुख्य मार्ग ठूठीबारी से गडौरा तक रोड पर लगभग चार फुट पानी बह रहा है।
दिक्कतों का सामना कर आ जा रहे राहगीर
ठूठीबारी। चंदन नदी का दक्षिणी पूरबी एप्रोच बह जाने से दोनों तरफ राहगीर एवं मोटरसाइकिल सवार लोग काफी परेशान रहे। कस्बे के युवाओं की सहयोग से टूटे स्थान पर बांस-बल्ली रख बारी-बारी से लोगों को जाने में मदद की। बाइक सवार फंसे रहे। सवारी गाड़ियों से यात्रियों को पुल के पहले ही उतार दिया जा रहा है। यात्री पैदल ठूठीबारी चौराहे तक जा रहे है।
बाढ़ से बिजली गुल
ठूठीबारी। बाढ़ के चलते शनिवार की रात निचलौल से ठूठीबारी के बीच 33केवी की बिजली बाधित हो गई। ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र से दी जाने वाली 67 गांवों की सप्लाई रोक दी गई है। इसकी जानकारी ठूठीबारी विद्युत उपकेंद्र के जेई शंभुनाथ चौधरी ने दी।
सोहगीबरवा के चारों तरफ पानी ही पानी
सोहगीबरवा। बारिश के चलते सोहगीबरवा के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लोग घर से निकल नहीं पा रहे हैं। नारायणी नदी का पानी भी सोहगीबरवा के करीब पहुंच गया है। रोहुआ नाला के करीब पुल क्षतिग्रस्त हो जाने से भोथहां, शिकारपुर, नौकटोला, सोहगीबरवा, पिपरासी के लोग कहीं आ जा नहीं पा रहे हैं। लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सोहगीबरवा के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनय सिंह ने बताया कि लगातार बारिश से नारायणी और पहाड़ी झरना से निकले रोहुआ नाले में पानी आ गया है। लोगों का अन्य जगहों से संपर्क टूट गया है।
सड़क पर बह रहा पानी
चौक बाजार। लगातार बारिश से क्षेत्र की चानकी नदी उफान पर है। अगल बगल के गांवों में पानी घुस गया है। नाथनगर, धरमौली, महेशपुर, सोनाड़ी खास, कम्हरिया कला गांव के करीब पानी पहुंच गया है। चौक बाजार का मुख्य बाजार पानी से लबालब भरा हुआ है। बसवार, मधुबनी, टीकर, परसौनी, गनेशपुर, तकरारी, सिंहपुर मठिया, पडरी खुर्द, करौता, ओबरी आदि गांवों में पानी घुस गया है। निचलौल से चौक बाजार व चौक बाजार से महराजगंज जाने वाली मुख्य सड़क पर लालपुर, दरहटा में पानी सड़क से एक फुट ऊपर बह रहा है।
दर्जन भर गांवों के सिवान में फैला पानी
बरगदवा। तीन अगस्त को कोहरगड्डी व झिंगटी गांव के पास टूटे महाव नाले की मरम्मत न होने से दर्जन भर गांवों के सिवान अब भी पानी से डूबे हैं। छितवनिया, कोहरगड्डी, मल्लाह टोली रिहायशी बस्तियों में जमा पानी से लोगों को संक्रामक बीमारियों का खतरा सता रहा है। कोहरगड्डी गांव के सामने तो इस बार 21जून से कई बार बांध टूटने से धान की सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो गई है। बाढ़ कोहरगड्डी, दोगहरा, असुरैना, विशुनपुरा, छितवनिया, झिंगटी, पड़ौली, परसामलिक, पिपरहियां, जहरी, तरैनी आदि गांवों के सिवान में तबाही मचा रही है। सिवान में चारों तरफ पानी होने से मवेशियों के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है। इसके बाद भी प्रशासन बाढ़ पीड़ितों के प्रति बेपरवाह बना हुआ है। सिंचाई विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि 10 दिन बाद भी कटान स्थल को भरने का कोई इंतजाम नहीं किया है। सिंचाई खंड द्वितीय के अभियंता राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि कटान स्थल को भरने का काम अविलंब शुरू कराया जा रहा है।
विधायक ने रोहिन के तटबंध का जायजा लिया
पुरंदरपुर। विधायक अमन मणि त्रिपाठी ने रविवार को मझार में बह रही रोहिन नदी के तटबंध का निरीक्षण किया। मझार क्षेत्र के गांव खालिकगढ़ टोला अराजी सुबाइन, रघुनाथपुर टोला के अमहवा, गौहरपुर टोला सेमरहवा व रजापुर के टोला कोइरीपुर में रोहिन नदी तटबंध की नाजुक स्थिति की सूचना पर पहुंचे विधायक ने लोगों को सतर्क रहने को कहा। हर संभव मदद का आश्वासन दिया। संबधित अधिकारियों को तटबंध पर नजर रखने को कहा। इस दौरान सुबराती, अब्दुल्ला मंझरी, नुरूलहोदा, राकेश उपाध्याय, हल्का लेखपाल मंजेश कुमार आदि मौजूद रहे।
रोहिन नदी के कटे तटबंध को गांव वालों ने बांधा
पुरंदरपुर। रविवार को पहाड़ पर हो रहे बरसात के कारण रोहिन नदी का तटबंध कोईरीपुरवां टोले के पास कट गया। इससे सहमे मझार क्षेत्र के रजापुर तेनुअहवां के लोगों ने कट रहे बंधे को बांध कर साहसिक काम किया। रविवार को सुबह लगभग नौ बजते ही तटबंध कटना शुरू हो गया। ग्राम प्रधान पन्नेलाल सहानी सहित मंझार के लोगों ने कटान को बांधना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद कटान को रोक दिया गया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी नौतनवां प्रेमप्रकाश अंजोर, नायब तहसीलदार रवि कुमार सिंह, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल, पुरंदरपुर एसओ, एसआई मनीर सिंह पहुंचे।
बघेला नदी का जलस्तर बढ़ने से दहशत में ग्रामीण
रतनपुर। बघेला नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव पानी से घिर गए हैं। कुछ मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। लोगों को आने जाने में काफी समस्या हो रही है। पशु पालकों के लिए भी चारे की समस्या हो गई है।
नौतनवां क्षेत्र के चकदह में बाढ़ से फसलें डूब गई हैं। बेलहिया तथा घरोहिया टोले को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी बह रहा है। बेलहिया के चारों तरफ पानी लग गया है। इस टोले को जोड़ने वाले तीन रास्ते पानी से डूबे हैं। मुख्य मार्ग पर आने के लिए तीन फीट पानी से होकर आना जाना मजबूरी है। यही हाल घरोही टोले तथा महुलैना का है। दोनों टोलों को जोड़ने वाले पिच मार्ग पर पानी बह रहा है। एंबुलेंस पहुंचनी मुश्किल है। तबारक, गौरीशंकर यादव, मुस्तफा, उमरशाह, राजेंद्र, मोतीलाल, पंचम, श्रीराम, पूनम, अमीन, बेचन यादव, रामलखन, शंकर आदि ने बताया कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल सत्तार ने बताया कि प्रशासन बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जलजमाव से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।