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बैंकों की हड़ताल से 70 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
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हड़ताल के दौरान एसबीआई बैंक के सामने प्रदर्शन करते बैंक कर्मी।
- फोटो : MAHARAJGANJ
बैंकों की हड़ताल से 70 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित
एसबीआई की मुख्य शाखा के समक्ष कर्मियों ने जताया विरोध
महराजगंज। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले के बैंककर्मियों ने बृहस्पतिवार को बैंकों के निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल शुरू किया। बैंककर्मियों ने निजीकरण की व्यवस्था को समाप्त किए जाने की मांग की। दूसरी तरफ बैंकों के हड़ताल से लगभग 70 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। बैंक संगठनों से जुड़े कर्मचारी बृहस्पतिवार को एसबीआई की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए तथा मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने निजीकरण की नीति पर नाराजगी जताते हुए बैंकिंग लॉ अमेडमेंट बिल 2021 को वापस लेने की मांग की।
हड़ताल की वजह से नगर में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, ओरिएंटल कॉमर्स ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन बैंक समेत अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। फरेंदा, सिसवां, परतावल, पनियरा, हरपुर, श्यामदेउरवा, घुघली, सिंदूरिया, निचलौल, धानी, बृजमनगंज, कोल्हुई, सोनौली, नौतनवां आदि में भी कर्मियों ने बैंक शाखाओं को बंद रखा। मार्गदर्शी बैंक के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल से करीब 70 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
एटीएम और निजी बैंकों के भरोसे नागरिक
बैंकों की हड़ताल के चलते खाताधारकों को निजी बैंक तथा एटीएम के भरोसे रहना पड़ा। जिन खाताधारकों का प्राइवेट बैंक में खाता नहीं था उन्हें समस्याओं से गुजरना पड़ा।
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प्राइवेट बैंक रहे हड़ताल से बाहर
आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक समेत प्राईवेट बैंक हड़ताल से बाहर रहे।
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एसबीआई की मुख्य शाखा के समक्ष कर्मियों ने जताया विरोध
महराजगंज। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर जिले के बैंककर्मियों ने बृहस्पतिवार को बैंकों के निजीकरण के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल शुरू किया। बैंककर्मियों ने निजीकरण की व्यवस्था को समाप्त किए जाने की मांग की। दूसरी तरफ बैंकों के हड़ताल से लगभग 70 करोड़ रुपये का व्यवसाय प्रभावित हुआ। बैंक संगठनों से जुड़े कर्मचारी बृहस्पतिवार को एसबीआई की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए तथा मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने निजीकरण की नीति पर नाराजगी जताते हुए बैंकिंग लॉ अमेडमेंट बिल 2021 को वापस लेने की मांग की।
हड़ताल की वजह से नगर में एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, ओरिएंटल कॉमर्स ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन बैंक समेत अन्य राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। फरेंदा, सिसवां, परतावल, पनियरा, हरपुर, श्यामदेउरवा, घुघली, सिंदूरिया, निचलौल, धानी, बृजमनगंज, कोल्हुई, सोनौली, नौतनवां आदि में भी कर्मियों ने बैंक शाखाओं को बंद रखा। मार्गदर्शी बैंक के मुख्य प्रबंधक अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले के राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल से करीब 70 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्रभावित हुआ है।
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एटीएम और निजी बैंकों के भरोसे नागरिक
बैंकों की हड़ताल के चलते खाताधारकों को निजी बैंक तथा एटीएम के भरोसे रहना पड़ा। जिन खाताधारकों का प्राइवेट बैंक में खाता नहीं था उन्हें समस्याओं से गुजरना पड़ा।
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प्राइवेट बैंक रहे हड़ताल से बाहर
आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और एक्सिस बैंक समेत प्राईवेट बैंक हड़ताल से बाहर रहे।