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चीनी मिल किसानों का दबाए बैठी है रकम

Wed, 31 Oct 2018 12:20 AM IST
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:20 AM IST
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चीनी मिल किसानों का दबाए बैठी है रकम

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चीनी मिल किसानों का दबाए बैठी है रकम
कर्ज लेकर बेटी की शादी के लिए विवश हैं किसान
गड़ौरा चीनी मिल पर 22 करोड़ रुपये है बकाया

अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। किसानों ने कड़ी मेहनत कर गन्ने की खेती की। फसल तैयार होने पर गन्ना चीनी मिलों तक ले गए। अब वह बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान की आस लगाए बैठे हैं। लंबे समय से बकाया नहीं मिलने से परेशान कुछ किसान बेटी की कर्ज लेकर करने की तैयारी कर रहे हैं जबकि चीनी मिलें किसानों के बकाए के भुगतान के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं।
किसानों को अब यह चिंता सता रही है कि बेटी की शादी तय होने पर रकम की व्यवस्था कैसे करेंगे। बेटी की शादी में खर्च होने वाली रकम के लिए कर्ज ही सहारा है। निचलौल क्षेत्र के बैठवलियां गांव के किसान व्यासमुनी द्विवेदी बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने से परेशान हैं। उनका कहना है कि जेएचवी चीनी मिल गड़ौरा में उन्होंने गन्ना गिरवाया। गन्ने के एवज में मिलने वाले एक लाख 25 हजार रुपये मिल पर अब भी बकाया है। गन्ने की खेती अब घाटे का सौदा हो चुकी है। उनका कहना है कि बकाया न मिलने के कारण बेटी की शादी के लिए कर्ज लेकर ही काम चलाना पडे़गा। उनका कहना है कि चीनी मिल प्रबंधन बकाए रकम का भुगतान कर देता तो समस्या का समाधान हो जाता। किसानों की पीड़ा का एहसास न तो सरकार को है, न ही प्रशासन को।
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भेड़िहारी गांव के किसान रामनगीना सिंह ने बताया कि उनका चीनी मिल पर तीन लाख रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। जिसका अब तक भुगतान नहीं हुआ है। बकाया गन्ना मूल्य न मिलने से जरूरी कार्यों को करने में परेशानी होती है। अब तो कर्ज लेकर काम करना पड़ रहा है। भुगतान के लिए बार - बार चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार के दावे और हकीकत में बहुत अंतर है। किसानों की समस्याओं के समाधान के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
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बहुआर खुर्द गांव के रहने वाले रामनिधि पटेल ने बताया कि उनका चीनी मिल पर एक लाख 80 हजार रुपये बकाया है। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी अब तक बकाए का भुगतान नहीं किया गया। उनका कहना है कि यही हाल रहा तो गन्ने की खेती के बारे में सोचना पडे़गा। चीनी मिल काफी ज्यादा रकम बकाया है। इसके चलते उन्हें जरूरी काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बहुआर कला के रहने वाले ईश्वर शरण दास का कहना है कि सात एकड़ गन्ने की फसल लगी है। एक लाख 40 हजार रुपये चीनी मिल पर बकाया है। बेटी की शादी तय होने वाली है। अगर गन्ना मूल्य भुगतान हो जाता तो समस्या का समाधान हो जाता, लेकिन अब तो कर्ज लेकर ही शादी करनी पडे़गी। दिन रात यही चिंता रहती है कि रकम की व्यवस्था कैसे होगी।

जिला गन्ना अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि जेएचवी चीनी मिल पर वर्ष 2014-15 का 22 करोड़ रुपये बकाया है। उनका कहना है कि 31 दिसंबर के पहले तक किसानों को बकाए का भुगतान करा दिया जाएगा। इसके लिए चीनी मिल को पत्र भेजा गया है। जिले में 23 हजार हेक्टेयर गन्ने की फसल लगी है। इस वर्ष 25 नवंबर के बाद चीन मिल चलने की संभावना है।
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