{"_id":"5ba67e3e867a557feb4e2fd3","slug":"31537637950-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन साल से अधूरी पड़ी कुल सात पेयजल परियोजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन साल से अधूरी पड़ी कुल सात पेयजल परियोजना
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:09 PM IST
विज्ञापन
water Tap
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महराजगंज। करीब तीन साल से जिले की सात पाइप लाइन पेयजल परियोजना अधूरी पड़ी है। वहीं पर संबंधित गांव के बाशिंदे तीन साल से टोटी की साफ पानी की आस लगाए बैठे हैं। समय से परियोजना काम पूरा न होने की वजह से ग्रामीणों में निराशा है। जिले की नौ गांवों की जनता को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए तीन साल पहले ही मंजूरी मिली थी। लेकिन रकम नहीं मिलने के कारण सभी पेयजल परियोजनाएं अधर में पड़ी हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो पाइप पेयजल परियोजना के लिए ग्राम डोमा, खेसरारी, बेेलवा, चौक, मरमहा, परतावल, सिन्दुरिया, बांसपार बैजौली, तथा बड़हरामीर गांव का चयन किया गया। इसमें से बांसपार तथा बड़हरामीर में भूमि विवाद को लेकर मामला लटका रहा। इसी प्रकार अन्य परियोजनाएं भी कतिपय कारणों से लंबित पड़ी रही। इस संबंध में जल निगम के एक्सईएन एके अग्रवाल ने कहा कि धनाभाव में परियोजनाओं का काम प्रभावित रहा। बेलवा, चौक, करमहा व परतावल की परियोजना आगामी दिसंबर माह तक पूरी करा कर जलापूर्ति शुरू करा दी जाएगी। समय से धन अवमुक्त नहीं होने से परियोजनाओं में देेेेरी हुई। डोमा व खेसरारी गांव की पाइप लाइन पेयजल परियोजना पूरी कर दी गई है। अब दोनों परियोजनाओं की टेेस्टिंग शुरू हो गई है। जल्द ही जलापूर्ति शुरू हो जाएगी।