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बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी
Updated Sat, 21 Jul 2018 07:08 PM IST
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बारिश से धान की फसल को मिली संजीवनी
बरसात होने पर किसानों के चेहरे खिले
दो दिन तक बेहतर बारिश होने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। कई दिनों में उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। धान की फसल सूख रही थी। इस बीच शुक्रवार की रात जिले में हुई हल्की बारिश से सूख रही धान की फसल को संजीवनी मिली। उधर, गर्मी से बेहाल लोगों ने कुछ राहत महसूस की। जिले में रात में 19 एमएम बारिश हुई। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक सूख रही फसलों के लिए अभी 24 घंटे ठीक से बारिश की जरूरत है। उधर, बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। बारिश से मक्का व धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।
कई दिन से तेज बारिश की आस लगाए किसानों को उस समय राहत मिली जब शुक्रवार की रात से बारिश शुरू हुई। कई क्षेत्रों में तो एक-डेढ़ घंटे बाद बारिश बंद हो गई पर कई कस्बों में सुबह 7 बजे तक पानी बरसता रहा। जिले के नौतनवां, पनियरा, घुघली, शिकारपुर, सिंदुरिया, फरेंदा, बृजनमगंज, निचलौल आदि कस्बों में बारिश हुई। जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर एएम भास्कर ने बताया कि गर्मी के कारण अस्पताल में उल्टी, दस्त, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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उप निदेशक कृषि गणेश दूबे ने बताया कि पिछले कई दिनों से ठीकठाक बारिश नहीं हुई थी। जिससे खरीफ की मुख्य फसल धान व मक्का के अलावा मूंगफली भी सूखने लगी थी। नहरों में पानी खेत तक नहीं पहुंचने से किसान परेशान थे। छोटे व कम जोत वाले किसानों की नजरें केवल आसमान की टिकी थीं। शुक्रवार की रात बारिश होने से किसानों को खासी राहत मिली है। बरसात से किसानों को धान व मक्के की अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है। प्रगतिशील किसान कन्हैया वर्मा का कहना है कि बारिश होने से सूख रही फसल को राहत मिली है। अगर कुछ दिन और बारिश नहीं होती तो खेत में लगी पूंजी बर्बाद हो जाती। गोविंद मणि कहते हैं कि धान की फसल पीली पड़ गई थी। रात में बारिश होने से कुछ राहत मिली है।
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मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने बताया कि जिले में 19 एमएम बारिश हुई है। दो दिन के अंदर बारिश ठीक होने की संभावना बन रही है। क्षेत्रवार टुकड़ों में बारिश होगी। हवा में नमी बनी रहने से उमस से राहत नहीं मिलेगी।