फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   30 thousends children forced to go to the toiket in the open.

जिले में 30 हजार स्कूली बच्चे खुले में शौच जाने को मजबूर

Thu, 05 Sep 2019 11:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2019 11:33 PM IST
विज्ञापन
30 thousends children forced to go to the toiket in the open.
सोहगीबरवां क्षेत्र के शिकारपुर ग्राम सभा के धर्मपुर प्राथमिक विद्यालय में बदहाल शौचालय। - फोटो : MAHARAJGANJ
जिले में 30 हजार स्कूली बच्चे खुले में शौच जाने को मजबूर
विज्ञापन

महराजगंज। जिला खुले में शौच से मुक्त घोषित है। हर तरफ स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है। इसमें अभियान में स्कूली बच्चों की मदद ली जाती है। लेकिन अफसोस की बात है कि जिन नौनिहालों के सहारे स्वच्छता की अलख जगाई जा रही है उन्हीं के स्कूलों में शौचालय की हालत बदतर है। इसकी बानगी परिषदीय प्राथमिक एवं जूनियर स्कूलों के शौचालय में देखी जा सकती है। मजे की बात है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट में इन स्कूलों में सब कुछ ठीक है। बता दें कि जिले में 1478 प्राइमरी एवं 646 जूनियर विद्यालय हैं। इनमें कुल 213948 बच्चे पढ़ते हैं। करीब चार दर्जन इन स्कूलों में शौचालय की हालत खराब है। इसके चलते लगभग 30 हजार नौनिहाल खुले में शौच जाने को विवश है।
प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर डीह टोला, प्राथमिक विद्यालय पिपरदेउरा, प्राथमिक विद्यालय कुआंचाप में शौचालय हालत बदहाल हैं। इसके अलावा प्राथमिक सोहगीबरवां क्षेत्र के शिकारपुर गांव के टोला धरमपुर में प्राथमिक विद्यालय का शौचालय ध्वस्त हो चुका है। लेकिन इसे बनवाने की जहमत शिक्षा विभाग ने नहीं उठाई है। स्कूल की ओर से शौचालय बनवाने के लिए अनुरोध को दरकिनार कर दिया गया है। जिले में अभी तमाम स्कूल ऐसे हैं, जहां शौचालय ठीक हालत में नहीं है। लेकिन मजे की बात है कि बेसिक शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में सब कुछ ठीक है। जबकि जमीनी हकीकत एवं रिपोर्ट में जमीन आसमान का अंतर है। शिकारपुर टोला धरमपुर वीरेंद्र प्रसाद, रज्जन यादव ने बताया कि स्कूल में शौचालय ध्वस्त हो गया है। बच्चे जरूरत पड़ने पर खुले में शौच जाते हैं। स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने के लिए शुरू हुई मुहिम सफल होती नहीं दिख रही है।
विज्ञापन

कुआंचाप के रहने जितेंद्र निषाद एवं अमर यादव ने बताया कि स्कूल में शौचालय ठीक हालत में नहीं है। साथ ही स्कूल में साफ सफाई ठीक नहीं है। गंदगी से बच्चों को संक्रामक रोगों ने ग्रसित होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं जिला समन्वयक निर्माण को स्कूलों में शौचालय के खराब स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने बताया कि स्वच्छता को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रार्थना सभा में बच्चों को स्वच्छता की जानकारी दी जाती है। कहीं शौचालय बदहाल हालत में है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed