फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   236 crore spend at srinagar pond

236 करोड़ से होगा श्रीनगर ताल व पुल का कायाकल्प

Wed, 31 Jan 2018 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 31 Jan 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
236 crore spend at  srinagar pond
बदहाल श्रीनगर ताल - फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। अब 236 करोड़ की लागत से श्रीनगर ताल व पुल का कायाकल्प होने की उम्मीद है। सिंचाई विभाग मुख्यालय को इस्टीमेट भेजा जा चुका है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। पुल बन जाने से करीब 50 हजार की आबादी की न केवल आवागमन की राह आसान होगी बल्कि 15 गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। श्रीनगर ताल पर करीब 42 मीटर लंबा तथा साढ़े सात मीटर चौड़ा पुल बनेगा। यहां पांच नहरों में पानी निकासी के लिए पांच फाटक भी लगाए जाएंगे।
विज्ञापन


 श्रीनगर ताल भी कभी जिले की सिंचाई प्रणाली में शुमार रही मगर, कालांतर में यह ताल व पुल अपने स्वरूप को खोते चले गए। धीरे-धीरे पुल ध्वस्त होता गया और पांचों नहरें बेपानी हो गईं। पिछले महीने जब श्रीनगर ताल का पुल भरभरा कर गिर गया तो क्षेत्रीय लोगों की डगर भी मुश्किल हो गई। बृजमनगंज से लक्ष्मीपुर आने जाने वालों को 10 से 12 किमी. अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।
विज्ञापन


एक्सईएन सिंचाई खंड प्रथम सुरेश प्रसाद ने बताया कि श्रीनगर ताल व पुल का कायाकल्प कराने को 236 करोड़ का इस्टीमेट बनाकर सिंचाई विभाग मुख्यालय पर भेज दिया गया है। परियोजना की मंजूरी तथा धन मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा। पुल व ताल का कायाकल्प हो जाने के बाद लोगों को आवागमन के साथ सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


12 दिनों तक आंदोलनरत थे लोग
श्रीनगर ताल का पुल ध्वस्त होने से परेशान लोग भाकियू नेता सुरेश चंद साहनी के नेतृत्व में पुल निर्माण के लिए आंदोलित हो गए। पुल के पास ही 11 दिसंबर से 22 दिसंबर तक धरना प्रदर्शन चला। डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त हुआ था। भाकियू नेता सुरेश साहनी ने कहा कि श्रीनगर ताल पर पुल बन जाने से करीब 50 हजार की आबादी की राह आसान होगी।

ताल व पुल के कायाकल्प से आसान होगी सिंचाई
ताल व पुल का कायाकल्प होने से जिन 15 गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। उनमें पोखर भिंडा, मदरहना, ककटही, राजधानी, चौतरवां, महुआरी, इलाहाबास, गोपालपुर, बंजरहां सोनबरसा, नयनसर, महुवानी, फुलमनहां, देबौली, कमलपुर मिश्रौलिया तथा लेहड़ा के नाम हैं।


इन नहरों की बदलेगी सूरत
श्रीनगर ताल से वैसे तो पांच नहरें निकाली गई हैं। इनमें पोखर भिंडा माइनर की लंबाई 3.423 किमी. चौतरवां माइनर की लंबाई 2.61 किमी. लेहड़ा राजवाहा की लंबाई 10.862 किमी., मध्यनगर राजवाहा की लंबाई 0.604 किमी. तथा मैनहवा माइनर की लंबाई करीब 2.214 किमी है। इन पांचों नहरों का सिंचाई कमांड क्षेत्रफल 2849 हेक्टेयर तथा सिंचन क्षमता एक हजार हेक्टेयर है। इन पांचों नहरों का भी सुधार कराया जाएगा।

श्रीनगर ताल व पुल का एक्शन प्लान
श्रीनगर ताल व पुल के कायाकल्प को इस्टीमेट-236 करोड़
किसानों की अधिग्रहीत होने वाली भूमि का मुआवजा-203.95 करोड़
पुल निर्माण पर होने वाला व्यय-14.50 करोड़
नए बांध निर्माण पर व्यय धनराशि-88 लाख
श्रमिक व्यय- करीब दो करोड़
अन्य व्यय करीब -15 करोड़
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed