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जिले में 26 आतिशबाजी लाइसेंस धारकों पर कसा शिंकजा
Updated Mon, 16 Oct 2017 05:22 PM IST
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महराजगंज। दीपावली के मौके पर पटाखों की बिक्री को लेकर प्रशासन सतर्क है। जिले में 26 आतिशबाजी लाइसेंस धारकों पर शिकंजा कसा गया है। नियम के विपरीत पटाखा बेचते हुए पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, सदर क्षेत्र में 12 अस्थाई लाइसेंस जारी करने के लिए आवेदन सीओ सदर के पास जांच के लिए भेजे गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में इस बार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक आतिशबाजी नहीं करने को कहा गया है। इसकी मानिटरिंग की जिम्मेदारी क्षेत्रवार पुलिस को सौंप दी गई है।
दीवाली, छठ पर्व को देखते हुए आतिशबाजी बिक्री के लाइसेंस धारकों की दुकानों व गोदाम का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन के दौरान स्वीकृत मात्रा के विपरीत आतिशबाजी के सामान मिलने कार्रवाई की जाएगी। अग्निशमन विभाग के लोग अग्निशमन से संबंधित संयंत्रों के रखरखाव पर ध्यान देंगे। जांच की जिम्मेदारी संबधित क्षेत्रों के सीओ को सौंपी गई है। वहीं, इस बार मात्र दो दिन के लिए पटाखों की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाएंगे। ग्राहकों को दिखाने के लिए किसी भी आइटम का खुला प्रदर्शन दुकान के अंदर न करने को कहा गया है। आतिशबाजी की दुकानों पर धूम्रपान पर रोक की हिदायत भी दी गई है। लैंप, लालटेन, मोमबत्ती आदि प्रयोग भी नहीं करने को कहा गया है। पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है। सतर्कता को ध्यान में रखते हुए दुकान के साथ ही विक्रेता का बीमा कराया जाना जरूरी है। एक समूह में पचास से अधिक दुकानें नहीं लगाने को कहा गया है। अस्पताल, नर्सिंग होम, शैक्षिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं फोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। सतर्कता न बरतने पर वर्ष 2007 में बृजमनगंज क्षेत्र में पटाखा की दुकान में आग लगने से तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं धानी में वर्ष 2009 में पटाखा की दुकान में आग लगी थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2014 में पनियरा में पटाखा की दुकान में आग लगने से 11 लोग मर गए थे। इन सभी हादसों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की तरफ से कानून का पालन करने को कहा गया है। एसडीएम सदर देवेश गुप्ता ने बताया कि नियम के विपरीत दुकानों में पटाखों की बिक्री होते मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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दीवाली, छठ पर्व को देखते हुए आतिशबाजी बिक्री के लाइसेंस धारकों की दुकानों व गोदाम का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है। सत्यापन के दौरान स्वीकृत मात्रा के विपरीत आतिशबाजी के सामान मिलने कार्रवाई की जाएगी। अग्निशमन विभाग के लोग अग्निशमन से संबंधित संयंत्रों के रखरखाव पर ध्यान देंगे। जांच की जिम्मेदारी संबधित क्षेत्रों के सीओ को सौंपी गई है। वहीं, इस बार मात्र दो दिन के लिए पटाखों की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाएंगे। ग्राहकों को दिखाने के लिए किसी भी आइटम का खुला प्रदर्शन दुकान के अंदर न करने को कहा गया है। आतिशबाजी की दुकानों पर धूम्रपान पर रोक की हिदायत भी दी गई है। लैंप, लालटेन, मोमबत्ती आदि प्रयोग भी नहीं करने को कहा गया है। पटाखों की दुकानों पर अग्निशमन यंत्र होना जरूरी है। सतर्कता को ध्यान में रखते हुए दुकान के साथ ही विक्रेता का बीमा कराया जाना जरूरी है। एक समूह में पचास से अधिक दुकानें नहीं लगाने को कहा गया है। अस्पताल, नर्सिंग होम, शैक्षिक संस्थान, न्यायालय, धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं फोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। सतर्कता न बरतने पर वर्ष 2007 में बृजमनगंज क्षेत्र में पटाखा की दुकान में आग लगने से तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं धानी में वर्ष 2009 में पटाखा की दुकान में आग लगी थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। वर्ष 2014 में पनियरा में पटाखा की दुकान में आग लगने से 11 लोग मर गए थे। इन सभी हादसों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की तरफ से कानून का पालन करने को कहा गया है। एसडीएम सदर देवेश गुप्ता ने बताया कि नियम के विपरीत दुकानों में पटाखों की बिक्री होते मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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