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Maharajganj News: 20 बंदरों का किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा
Sun, 02 Mar 2025 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 02 Mar 2025 01:28 AM IST
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निचलौल। चौक थाना क्षेत्र के सेखूई गांव में शनिवार को बंदर पकड़ने वाली टीम ने 20 उत्पति बंदरों को रेस्क्यू किया। पिछले कई दिनों से बंदरों का गांव में आतंक से दहशत था। इतना ही नहीं इन बंदरों ने अब तक 12 लोगों को काटकर घायल कर दिया था। ऐसे में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था।
मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के चौक मार्ग स्थित सेखूई गांव में कुछ दिनों से बंदर उत्पात मचा रखे थे। इतना ही नहीं इन बंदर करीब 12 लोगों को काटकर घायल भी कर चुके थे। जिसकी सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों की सहयोग से धानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरडाड गांव टोला नुरईजोत बैसार निवासी सफीक मटीयाहे की बंदर पकड़ने वाली टीम को गांव बुलाया गया। जहां पर उक्त टीम ने जाल की मदद से कुल 20 बंदरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
उसके बाद टीम ने रेस्क्यू सभी बंदरों को कब्जे में लेकर फरेंदा क्षेत्र के जंगल में पहुंचीं। जहां पर टीम ने रेस्क्यू सभी बंदरों को छोड़ दिया। वही बंदरो को रेस्क्यू करने के बाद टीम में शामिल सदस्य अलाउद्दीन ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए कहा कि बंदर किसी भी प्रजाति के हो, यदि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवेश कर लिए हैं तो उनके साथ छेड़खानी न करे। ऐसा करने से बंदर उत्पात मचाने लगते हैं। फिर वह इस दशा में काफी नुकसान पहुंचा देते थे। वहीं ग्रामीण सुबास, कमलेश, नागेंद्र आदि ने कहा कि बंदरों को रेस्क्यू के बाद उन लोगों ने काफी दिनों बाद राहत की सांस ली है।
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मधवलिया वन क्षेत्राधिकारी अजित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के चौक मार्ग स्थित सेखूई गांव में कुछ दिनों से बंदर उत्पात मचा रखे थे। इतना ही नहीं इन बंदर करीब 12 लोगों को काटकर घायल भी कर चुके थे। जिसकी सूचना मिलने के बाद ग्रामीणों की सहयोग से धानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरडाड गांव टोला नुरईजोत बैसार निवासी सफीक मटीयाहे की बंदर पकड़ने वाली टीम को गांव बुलाया गया। जहां पर उक्त टीम ने जाल की मदद से कुल 20 बंदरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
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उसके बाद टीम ने रेस्क्यू सभी बंदरों को कब्जे में लेकर फरेंदा क्षेत्र के जंगल में पहुंचीं। जहां पर टीम ने रेस्क्यू सभी बंदरों को छोड़ दिया। वही बंदरो को रेस्क्यू करने के बाद टीम में शामिल सदस्य अलाउद्दीन ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए कहा कि बंदर किसी भी प्रजाति के हो, यदि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवेश कर लिए हैं तो उनके साथ छेड़खानी न करे। ऐसा करने से बंदर उत्पात मचाने लगते हैं। फिर वह इस दशा में काफी नुकसान पहुंचा देते थे। वहीं ग्रामीण सुबास, कमलेश, नागेंद्र आदि ने कहा कि बंदरों को रेस्क्यू के बाद उन लोगों ने काफी दिनों बाद राहत की सांस ली है।
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