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शिविर में रक्तदान कर 20 लोग बने महादानी
Sat, 15 Jun 2019 01:03 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 15 Jun 2019 01:03 AM IST
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शिविर में रक्तदान कर 20 लोग बने महादानी
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में शुक्रवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। विश्व रक्तदाता दिवस पर आयोजित इस शिविर में 20 लोगों ने एक-एक यूनिट रक्त दान किया। इसके अलावा कई लोग ऐसे भी थे, जो रक्तदान करने पहुंचे, परंतु स्वास्थ्य कारणों से उनका रक्त नहीं लिया गया। शिविर के दौरान सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में शिविर का शुभारंभ एसपी रोहित सिंह सजवान एवं मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने रक्तदान करने वालों का उत्साहवर्धन किया। रक्तदान करने आए लोगों से पहले एक फार्म भरवाया गया और उसके बाद अस्पताल की टीम ने उनका चिकित्सीय परीक्षण किया। सब कुछ सही पाए जाने पर उन्हें रक्तदान की अनुमति दी गई।एसपी रोहित सिंह सजवान ने कहा कि रक्तदान में वह शक्ति है, जो जीवन को बचा सकती है। यही वजह है कि रक्तदान को महादान माना जाता है। रक्त को कृत्रिम रूप से बनाया नहीं जा सकता है। यह एक व्यक्ति की तरफ से दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति को दिया जा सकता है। उन्होंने रक्तदान से जुड़ी भावना को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान सभी को करना चाहिए। इससे कोई परेशानी नहीं होती है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। धर्मदेव तिवारी, महेश खेतान, राजकुमार मद्धेशिया, कृष्ण मोहन गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता, मोहम्मद शबाब, आशुतोष मिश्रा के अलावा अन्य लोगों ने रक्दान कर दूसरों का जीवन बचाने का संकल्प लिया। रक्दान शिविर में एसएसबी 22वीं बटालियान के कमांडेंट मनोज कुुमार सिंह 10 जवानों के साथ पहुंचे। उन्होंने स्वयं रक्तदान कर सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जवान सुरक्षा से लेकर जन सरोकार से जुडे़ कार्यों तक के प्रति सजग रहते हैं। एसएसबी जवान मंजीत, संजीव कुमार, आशीष बानिक, प्रकाश चंद्र, दीपचंद्र उपाध्याय, प्रमोद कुमार, रवि कुमार, रितुराज मनोहर, अभिषेक मिश्रा ने रक्तदान किया। एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अंजनी तिवारी, डॉ. रवि सेहरावत भी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी राम, ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. भानू प्रताप, डॉ. एवी त्रिपाठी, डॉ. एके राय, डॉ. प्रियंक, दीपचंद श्रीवास्तव, नंदलाल तिवारी, रामाश्रय, नीलम शर्मा, चंद्रदेव चौधरी, उमेश, रंजन उपाध्याय, शिवपाल, राजकुमार, दिलीप कुुमार, इसरावती, देवेश पांडेय, सुधीर त्रिपाठी आदि स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष सहयोग रहा। डॉ. भानू प्रताप ने बताया कि रक्दान से ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है। कैलोरी खर्च होती है, तो शरीर की चर्बी घटती है। हृदय रोग की 33 फीसदी आशंका कम हो जाती है। शरीर में कोलस्ट्राल की मात्रा घटती है। रक्तदान से नई कोशिकाओं का सृजन होता है। शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है। उधर, अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में सभी उत्साहित दिखे। एसएसबी के जवानों के साथ युवाओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शास्त्री नगर मोहल्ले के वरुण कुमार पटेल पेशे से अनुदेशक हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से आत्म संतुष्टि मिलती है। कहा कि जीवन में दूसरों का हित हो, इससे बड़ा पुनीत कार्य क्या हो सकता है। चौक बाजार के प्रदीप जायसवाल ने वर्ष 2016 में पहली बार रक्दान किया था। तबसे वह हर साल रक्तदान करते हैं। लुधियाना से महराजगंज अपने रिश्तेदार के घर आए प्रकाशचंद चतुर्वेदी अमर उजाला समाचार पत्र पढ़कर सीधे ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। उन्होंने पांचवीं बार यहां रक्तदान किया है। विशुनपुरा गांव के रहने वाले रामकुमार यादव ने भी पांचवीं बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान कर मन को शांति मिलती है। इंदिरा नगर के आशीष सोनी ने पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। डॉक्टरों के समझाने पर मन की भ्रांतियां दूर हो गईं। लोहिया नगर के रहने वाले पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज के एमडी दुर्गेश सिंह ने बताया कि 16वीं बार रक्तदान किए हैं। डोनेट किए गए रक्त से अगर किसी जरूरतमंद का जीवन बच जाय तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। शास्त्री नगर के वरुण शाही ने बताया कि दूसरी बार रक्तदान किए हैं। दोस्तों की प्रेरणा से रक्तदान समय समय पर करते रहते हैं।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में शिविर का शुभारंभ एसपी रोहित सिंह सजवान एवं मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने रक्तदान करने वालों का उत्साहवर्धन किया। रक्तदान करने आए लोगों से पहले एक फार्म भरवाया गया और उसके बाद अस्पताल की टीम ने उनका चिकित्सीय परीक्षण किया। सब कुछ सही पाए जाने पर उन्हें रक्तदान की अनुमति दी गई।एसपी रोहित सिंह सजवान ने कहा कि रक्तदान में वह शक्ति है, जो जीवन को बचा सकती है। यही वजह है कि रक्तदान को महादान माना जाता है। रक्त को कृत्रिम रूप से बनाया नहीं जा सकता है। यह एक व्यक्ति की तरफ से दूसरे जरूरतमंद व्यक्ति को दिया जा सकता है। उन्होंने रक्तदान से जुड़ी भावना को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान सभी को करना चाहिए। इससे कोई परेशानी नहीं होती है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। धर्मदेव तिवारी, महेश खेतान, राजकुमार मद्धेशिया, कृष्ण मोहन गुप्ता, पवन कुमार गुप्ता, मोहम्मद शबाब, आशुतोष मिश्रा के अलावा अन्य लोगों ने रक्दान कर दूसरों का जीवन बचाने का संकल्प लिया। रक्दान शिविर में एसएसबी 22वीं बटालियान के कमांडेंट मनोज कुुमार सिंह 10 जवानों के साथ पहुंचे। उन्होंने स्वयं रक्तदान कर सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जवान सुरक्षा से लेकर जन सरोकार से जुडे़ कार्यों तक के प्रति सजग रहते हैं। एसएसबी जवान मंजीत, संजीव कुमार, आशीष बानिक, प्रकाश चंद्र, दीपचंद्र उपाध्याय, प्रमोद कुमार, रवि कुमार, रितुराज मनोहर, अभिषेक मिश्रा ने रक्तदान किया। एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अंजनी तिवारी, डॉ. रवि सेहरावत भी मौजूद रहे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी राम, ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. भानू प्रताप, डॉ. एवी त्रिपाठी, डॉ. एके राय, डॉ. प्रियंक, दीपचंद श्रीवास्तव, नंदलाल तिवारी, रामाश्रय, नीलम शर्मा, चंद्रदेव चौधरी, उमेश, रंजन उपाध्याय, शिवपाल, राजकुमार, दिलीप कुुमार, इसरावती, देवेश पांडेय, सुधीर त्रिपाठी आदि स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष सहयोग रहा। डॉ. भानू प्रताप ने बताया कि रक्दान से ब्लड प्रेशर नियंत्रित होता है। कैलोरी खर्च होती है, तो शरीर की चर्बी घटती है। हृदय रोग की 33 फीसदी आशंका कम हो जाती है। शरीर में कोलस्ट्राल की मात्रा घटती है। रक्तदान से नई कोशिकाओं का सृजन होता है। शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है। उधर, अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर में सभी उत्साहित दिखे। एसएसबी के जवानों के साथ युवाओं ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। शास्त्री नगर मोहल्ले के वरुण कुमार पटेल पेशे से अनुदेशक हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से आत्म संतुष्टि मिलती है। कहा कि जीवन में दूसरों का हित हो, इससे बड़ा पुनीत कार्य क्या हो सकता है। चौक बाजार के प्रदीप जायसवाल ने वर्ष 2016 में पहली बार रक्दान किया था। तबसे वह हर साल रक्तदान करते हैं। लुधियाना से महराजगंज अपने रिश्तेदार के घर आए प्रकाशचंद चतुर्वेदी अमर उजाला समाचार पत्र पढ़कर सीधे ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। उन्होंने पांचवीं बार यहां रक्तदान किया है। विशुनपुरा गांव के रहने वाले रामकुमार यादव ने भी पांचवीं बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान कर मन को शांति मिलती है। इंदिरा नगर के आशीष सोनी ने पहली बार रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। डॉक्टरों के समझाने पर मन की भ्रांतियां दूर हो गईं। लोहिया नगर के रहने वाले पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज के एमडी दुर्गेश सिंह ने बताया कि 16वीं बार रक्तदान किए हैं। डोनेट किए गए रक्त से अगर किसी जरूरतमंद का जीवन बच जाय तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता है। शास्त्री नगर के वरुण शाही ने बताया कि दूसरी बार रक्तदान किए हैं। दोस्तों की प्रेरणा से रक्तदान समय समय पर करते रहते हैं।
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