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सोहगीबरवां में सारसों के संरक्षण की होगी कवायद
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सोहगीबरवां में सारसों केे संरक्षण की होगी कवायद
महराजगंज। राज्य पक्षी के रूप में पहचाने जाने वाले सारसों के संवर्धन को लेकर सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग द्वारा कवायद की जाएगी। प्रभाग के जिम्मेदारों ने इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट आफ वाइल्ड लाइफ हैबिबेट योजना के अंतर्गत लगभग छह लाख रुपये से सारस के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रस्ताव भेजा है।
जिले में बड़ी संख्या में सारस वन व जल स्थलों पर विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। अलग-अलग रेंज क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी इस बात का परिचायक है कि यहां का वातावरण उनके लिए काफी उपयुक्त है। ऐसे मेें उनकी संख्या में और वृद्धि कराने तथा उन्हें उचित माहौल प्रदान करने के लिए वन क्षेत्रों के आसपास के ग्रामीणों को संगोष्ठी के माध्यम से जागरूक करने की भी योजना है। विभागीय जिम्मेदारों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक जिले में तीन सारस मित्र को तैनात किया जाएगा तथा उनकी उपस्थिति पर नजर रखने व अन्य कार्यों के लिए जीपीएस युक्त उपकरण, डिस्पले बोर्ड की उपलब्धता समेत अन्य कार्यों पर जोर दिया जाएगा। डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि राज्य स्तरीय पक्षी सारस के संरक्षण व संवर्द्धन को लेकर 6.19 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है।
वर्तमान में हैं कुल 195 सारस
वन विभाग द्वारा हाल ही में कराए गए गणना में जिले में कुल 195 सारसों के होने की बात सामने आई थी। इसमें से 190 व्यस्क व पांच जुबेनाईल (बच्चे) हैं। ऐसे में जिम्मेदार बच्चों की संख्या बढ़ाने को लेकर अत्यंत गंभीर हैं।
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महराजगंज। राज्य पक्षी के रूप में पहचाने जाने वाले सारसों के संवर्धन को लेकर सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग द्वारा कवायद की जाएगी। प्रभाग के जिम्मेदारों ने इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट आफ वाइल्ड लाइफ हैबिबेट योजना के अंतर्गत लगभग छह लाख रुपये से सारस के संरक्षण व संवर्धन के लिए प्रस्ताव भेजा है।
जिले में बड़ी संख्या में सारस वन व जल स्थलों पर विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। अलग-अलग रेंज क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी इस बात का परिचायक है कि यहां का वातावरण उनके लिए काफी उपयुक्त है। ऐसे मेें उनकी संख्या में और वृद्धि कराने तथा उन्हें उचित माहौल प्रदान करने के लिए वन क्षेत्रों के आसपास के ग्रामीणों को संगोष्ठी के माध्यम से जागरूक करने की भी योजना है। विभागीय जिम्मेदारों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक जिले में तीन सारस मित्र को तैनात किया जाएगा तथा उनकी उपस्थिति पर नजर रखने व अन्य कार्यों के लिए जीपीएस युक्त उपकरण, डिस्पले बोर्ड की उपलब्धता समेत अन्य कार्यों पर जोर दिया जाएगा। डीएफओ पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि राज्य स्तरीय पक्षी सारस के संरक्षण व संवर्द्धन को लेकर 6.19 लाख का प्रस्ताव भेजा गया है।
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वर्तमान में हैं कुल 195 सारस
वन विभाग द्वारा हाल ही में कराए गए गणना में जिले में कुल 195 सारसों के होने की बात सामने आई थी। इसमें से 190 व्यस्क व पांच जुबेनाईल (बच्चे) हैं। ऐसे में जिम्मेदार बच्चों की संख्या बढ़ाने को लेकर अत्यंत गंभीर हैं।
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