फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   शिक्षा मित्रों ने प्रदर्शन कर डीएम दफ्तर के सामने किया भिक्षाट्न

शिक्षा मित्रों ने प्रदर्शन कर डीएम दफ्तर के सामने किया भिक्षाट्न

Wed, 02 Aug 2017 12:35 AM IST
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:35 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा मित्रों ने प्रदर्शन कर डीएम दफ्तर के सामने किया भिक्षाट्न
महराजगंज। समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। इससे पूरा प्रशासनिक अमला सकतेे में आ गया है। मंगलवार को प्रदर्शन करते शिक्षामित्रों ने सड़क से लेकर सरकारी दफ्तरों में भिक्षाटन किया। नारेबाजी करते शिक्षामित्रों को आता देख डीएम, सीडीओ और बीएसए कार्यालयों के गेट बंद बंद कर दिए गए। कलेक्ट्रेट परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। डीएम दफ्तर के सामने शिक्षामित्रों ने जोरदार प्रदर्शन शुरू किया तो पुलिस वालों के पसीने छूटने लगे।
विज्ञापन

शिक्षामित्र हाथ में कटोरा और थाली लेकर नारेबाजी करते सबसे पहले डीएम दफ्तर पहुंचे तो यहां गेट बंद कर दिया गया। यहां से किसी को अंदर जाने नहीं दिया गया। वैसे भी डीएम नौतनवां तहसील दिवस में रहे। नारेबाजी करते शिक्षामित्र एसडीएम दफ्तर की ओर बढे़। यहां भी गेट बंद रहा लेकिन चार शिक्षामित्रों को अंदर जाने दिया गया। कलेक्ट्रेट के विभिन्न दफ्तरों में शिक्षामित्रों ने भिक्षाटन किया। वैसे किसी अफसर या कर्मचारी ने भीख नहीं दी। इसके बाद शिक्षामित्र सीडीओ दफ्तर की ओर बढे़। यहां भी गेट को बंद कर दिया गया। अंदर पांच शिक्षामित्रों को प्रवेश करने दिया गया। शिक्षा मित्र कटोरा लेकर सीडीओ रामसिंहासन प्रेम के पास पहुंचे। यहां से बीएसए दफ्तर में पहुंचे शिक्षामित्रों को देखते ही वहां अफरातफरी मच गई। हालांकि यहां पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। कार्यालय के एक क्लर्क ने उनके कटोरे में दस रुपये डाल दिया। एआरटीओ और डीआईओएस दफ्तर के अलावा अन्य दफ्तरों में भी शिक्षामित्रों ने भिक्षाटन किया। इसके बाद सभी धरना स्थल पर पहुंचे। जिलाध्यक्ष राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि अधिकार की लड़ाई के संघर्ष जारी रहेगा। सरकार नौकरी नहीं दे पा रही है तो भीख मांगकर जीविकोपार्जन किया जाए। सरकार की ओर से छह दिन बीतने के बाद भी कोई सार्थक पहल न होने शुभ संकेत नहीं है। अगर सरकार जल्दी कोई निर्णय नहीं लेगी तो आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान जिला संरक्षक सनंदन पांडेय, गोपाल यादव, शैलेंद्र नायक, ओमप्रकाश त्रिपाठी, बेचू विश्वकर्मा, रामविशुन, चंद्रशेखर, लक्ष्मी, राजमति, सीमा शुक्ला, रीमा, अभय दूबे, उदयराज यादव, पूर्णमासी के आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

विभिन्न संगठनों ने दिया आंदोलन को समर्थन
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष हाजी मोहम्मद यासिन, मंत्री केशव मणि,जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष संजय मणि, मंत्री उपेंद्र पांडेय, बीटीसी शिक्ष संघ अभय दूबे के अलावा राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीभागवत सिंह, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीराम सिंह ने संगठन की ओर से शिक्षामित्रों के आंदोलन का समर्थन किया है। कहा कि शिक्षामित्रों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस कर्मियों से हुई नोकझोंक
गेट बंद होने से सभी शिक्षामित्र कार्यालय में प्रवेश नहीं कर पाए। इसको लेकर पास खडे़ पुलिस कर्मियों से शिक्षामित्रों की नोकझोंक हो गई। एसडीएम सदर देवेश गुप्ता, सीओ सदर एमपी सिंह, कोतवाल अनुज कुमार सिंह, नगर चौकी इंचार्ज जयशंकर मिश्रा के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी सुरक्षा में तैनात रहे। शिक्षा मित्रो को संभालने में पुलिस कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।


सीडीओ के स्टेनो की टिप्पणी से गुस्साए शिक्षामित्र
विकास भवन का गेट बंद होने के कारण अंदर करीब पांच शिक्षा मित्र प्रवेश किए। सीडीओ के चेंबर से निकल रहे शिक्षामित्रों को देख स्टेनो बोले कि यह सब गलत हो रहा है। भीख मांगने की क्या जरूरत है। यह सुन शिक्षामित्र गुस्से में आ गए। लेकिन संगठन के जिलाध्यक्ष ने धैर्य का परिचय देते हुए कहा कि सबकी अपनी अपनी सोच है। कोई बात नहीं। यह कहकर सभी वहां से चले गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed