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एक दिसंबर से चलेगा बाघ संरक्षण माह
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:53 AM IST
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एक दिसंबर से शुरू बाघ संरक्षण माह
लोगों को किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की तरफ से एक दिसंबर से बाघ संरक्षण माह की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान बाघ व अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
डीएफओ मनीष सिंह ने कहा कि दिसंबर माह में अधिकतर लोग अपने गन्ने की फसल काटते हैं। इसी माह में बाघिन जंगल के आसपास स्थित गन्ने के खेत में अपने शावक को जन्म देती है। यह स्थान इनके लिए उपयुक्त होता है। ऐसे में गन्ना कटाई के समय वह किसानों पर हमला कर सकती है। इसलिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि एक से 31 दिसंबर तक चलने वाले बाघ संरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस माह में तत्काल सुरक्षा टीम बनाई जाएगी। जो किसी भी वन्य जीवों के गांव में घुसने के बारे में जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर लोगों व वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा जंगल के किनारे गांवों में ग्राम प्रधानों व ग्रामीणों के साथ बैठक कर वन्य जीवों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। पशु विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाकर पशुओं की जांच कराई जाएगी। स्कूलों के बच्चों को जंगल में घुमाकर उन्हें जंगली जीवों व वन संपदा के बारे में जानकारी दी जाएगी। रेंज व विभाग परिसर में रखे गए पिंजडे़ की साफ सफाई के अलावा रखरखाव के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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लोगों को किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की तरफ से एक दिसंबर से बाघ संरक्षण माह की शुरुआत की जाएगी। इस दौरान बाघ व अन्य जंगली जानवरों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।
डीएफओ मनीष सिंह ने कहा कि दिसंबर माह में अधिकतर लोग अपने गन्ने की फसल काटते हैं। इसी माह में बाघिन जंगल के आसपास स्थित गन्ने के खेत में अपने शावक को जन्म देती है। यह स्थान इनके लिए उपयुक्त होता है। ऐसे में गन्ना कटाई के समय वह किसानों पर हमला कर सकती है। इसलिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि एक से 31 दिसंबर तक चलने वाले बाघ संरक्षण माह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस माह में तत्काल सुरक्षा टीम बनाई जाएगी। जो किसी भी वन्य जीवों के गांव में घुसने के बारे में जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर लोगों व वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा जंगल के किनारे गांवों में ग्राम प्रधानों व ग्रामीणों के साथ बैठक कर वन्य जीवों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। पशु विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिविर लगाकर पशुओं की जांच कराई जाएगी। स्कूलों के बच्चों को जंगल में घुमाकर उन्हें जंगली जीवों व वन संपदा के बारे में जानकारी दी जाएगी। रेंज व विभाग परिसर में रखे गए पिंजडे़ की साफ सफाई के अलावा रखरखाव के लिए वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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