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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1625 वादों का निस्तारण, मिली राहत

Sat, 11 Sep 2021 11:02 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:02 PM IST
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16255 cases solved in Rashtriya  lok adalat
राष्ट्रीय लोक अदालत में 16, 255 मामलों का हुआ समाधान
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महराजगंज। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार की सुबह 10.30 बजे दीवानी न्यायालय महराजगंज, फरेंदा, कलेक्ट्रेट एवं सभी तहसीलों में हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ दीवानी न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी ने किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 16,255 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में 2,10,64,000 रुपये क्षतिपूर्ति दिलवाया गया और 81,170 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। वहीं 6,77,686 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी हुआ।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी द्वारा 1 वाद का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधीकरण द्वारा 97 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा 42 वादों का निस्तारण किया गया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम द्वारा 30 वादों का निस्तारण किया गया। अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत द्वारा 6 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो द्वारा 7 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ द्वारा 2 वादों का निस्तारण किया गया व अर्थदंड के रूप में 500 रुपये वसूल किया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, प्रथम द्वारा 27 वादों का निस्तारण किया गया।
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अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वितीय द्वारा 30 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय, प्रथम द्वारा 1 वाद का निस्तारण किया गया व 500 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 651 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें 505800 अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सिविल जज सिनियर डिवीजन द्वारा 113 वादों का निस्तारण किया गया व 16,500 रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया. सिविल जज अवर खंड, द्वारा 200 फोैजदारी वादों का निस्तारण किया गया व 2,000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया तथा 11 सिविल वाद व 8 उत्तराधिकार वाद का निस्तारण किया गया।
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इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व, एवं चकबंदी न्यायालयों द्वारा 13549 लंबित वादों का निस्तारण किया गया और सभी बैंकों के द्वारा 837 ऋण की वसूली से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। 1,01,32,819 रुपये बैंकों द्वारा नकद वसूल किया गया। 5,28,06,377 रुपये का लोन सेटल किया गया। 3,05,01,994 रुपये ऋणधारिकों को बैंकों द्वारा छूट प्रदान किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय द्वारा निस्तारित पारिवारिक मामलों में 12 परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया।
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