{"_id":"5ba92f9c867a557f6149d4d6","slug":"161537814428-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर ओडीएफ पर खड़े किए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर ओडीएफ पर खड़े किए सवाल
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
महराजगंज। जनपद के फरेन्दा ब्लॉक के ग्राम सभा सैलदह उर्फ कवलदह के ग्रामीणों ने सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने गांव को ओडीएफ घोषित किए जाने पर भी सवाल उठाया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा दलितों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, गांव में 110 दलित परिवारों के पास शौचालय नहीं है। सूची में नाम होने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया और बगैर सभी घरों में शौचालय बनाए ही गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। जो स्वच्छ भारत मिशन की सफलता पर बड़ा सवाल है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी को सौंपे गए अपने शिकायती पत्र में ग्रामीण राजेश, वीरबहादुर, लक्ष्मण प्रसाद, अर्जुन, सुन्नर, रामनयन, ज्ञानदास, सुदामा, सुमेर, कुबेर, शिकन्दर, रिंकू, श्रीराम व अंगद आदि ने ग्राम प्रधान पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनवाए जा रहे शौचालय के नाम पर धनउगाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का तो यहां तक आरोप है कि ग्राम प्रधान शौचालय निर्माण में दलितों के साथ भेदभाव कर रहे हैं, गांव में 115 दलित परिवारों में से महज 5 परिवारों का ही शौचालय बना है। जबकि लिस्ट में 85 परिवार अभी भी शेष है, बावजूद इसके गांव को कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिया गया है, जो स्वच्छ भारत मिशन के सफलता पर बड़ा सवाल है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए जांच व कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन