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रोहिन नदी का अस्थाई कच्चा बांध कटा
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रोहिन नदी का अस्थायी कच्चा बांध काटा गया
नौतनवां। रतनपुर में रोहिन नदी पर बना अस्थायी कच्चा बांध काट दिया गया। बांट काटने के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि बारिश का मौसम शुरू होने वाला है, इसको देखते हुए अस्थायी बांध काटा गया है।
नौतनवां तथा लक्ष्मीपुर ब्लॉक के 55 गांवों में 8800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की सिंचाई की जाती है। डेढ़ दशक पूर्व आई भीषण बाढ़ से रोहिन नहर प्रणाली की बांध टूट गई थी। इसके चलते नहर में पानी आपूर्ति बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग की तरफ से अस्थायी कच्चा बांध बनाकर रबी की फसलों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता था। साथ ही जैसे ही बरसात का समय आता है, बांध काट दिया जाता है। इस वर्ष भी मंगलवार की देर रात कच्चा बांध काट दिया गया। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शम्भू नाथ कुशवाहा ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए बांध काट दिया गया है। रोहिन बैराज के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। बैराज बन जाने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए पानी की समस्या नहीं होगी।
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नौतनवां। रतनपुर में रोहिन नदी पर बना अस्थायी कच्चा बांध काट दिया गया। बांट काटने के पीछे यह तर्क दिया जा रहा है कि बारिश का मौसम शुरू होने वाला है, इसको देखते हुए अस्थायी बांध काटा गया है।
नौतनवां तथा लक्ष्मीपुर ब्लॉक के 55 गांवों में 8800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की सिंचाई की जाती है। डेढ़ दशक पूर्व आई भीषण बाढ़ से रोहिन नहर प्रणाली की बांध टूट गई थी। इसके चलते नहर में पानी आपूर्ति बंद हो गई। किसानों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग की तरफ से अस्थायी कच्चा बांध बनाकर रबी की फसलों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाता था। साथ ही जैसे ही बरसात का समय आता है, बांध काट दिया जाता है। इस वर्ष भी मंगलवार की देर रात कच्चा बांध काट दिया गया। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता शम्भू नाथ कुशवाहा ने बताया कि बरसात के मौसम को देखते हुए बांध काट दिया गया है। रोहिन बैराज के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। बैराज बन जाने के बाद किसानों को सिंचाई के लिए पानी की समस्या नहीं होगी।
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