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चंदन नदी का खस्ताहाल तटबंध कैसे सहेगा पानी दबाव

Thu, 30 May 2019 12:24 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2019 12:24 AM IST
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चंदन नदी का खस्ताहाल तटबंध कैसे सहेगा पानी दबाव
नहीं हुई बांधों की मरम्मत, किसानों को सता रहा बाढ़ का डर
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चंदन और प्यास नदी के किनारे बसे गांव के लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ठूठीबारी। बरसात का सीजन सिर पर है लेकिन चंदन नदी के क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत नहीं होने से क्षेत्र के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। वहीं, प्रशासन इस मामले को लेकर संजीदा नहीं है।
ठूठीबारी कस्बे के सटे पूरब-दक्षिण चंदन नदी व कस्बे के पश्चिम झरही ऊर्फ प्यास नदी बहती है। यह नदी नौतनवां क्षेत्र के दोमुहान गांव के सामने मिल रही हैं। इस इलाके में तटबंध कई जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसलिए किसानों को बरसात में बाढ़ की आशंका सता रही है।
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हर साल बरसात के दिनों में निचलौल ब्लॉक के बकुलडिहा, सुकरहर, लक्ष्मीपुर खुर्द एवं नौतनवां ब्लॉक के दोमुहान ,मल्लाह टोला, लोहार टोला के सामने चंदन नदी कटान करती है। जिससे मल्लाह टोला, दोमुहान, जिगिनिहवां, कजडहवां, साहू टोला, अहीर टोला, लोहार टोला, सीहाभार कचरहियां, धुमठवां आदि गांव के सिवान में लगे सैकड़ों एकड़ धान की फसल बाढ़ के पानी से बर्बाद हो जाती है। बाढ़ के दिनों मे प्रशासन बचाव कार्य के नाम पर टूटे बंधों पर मरम्मत के नाम पर बकुलडिहा ,सुकरहर, दोमुहान घाट पर टूटे बांध की मरम्मत बोरे में मिट्टी डालकर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिया जाते हैं। लेकिन अब तक क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत न किए जाने से क्षेत्र के किसानों में नाराजगी है।
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अधिशासी अभियंता सिंचाईं खंड द्वितीय धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि बांधों की रिपोर्ट मंगाई जा रही है। रेन कट, रेट होल आदि की मरम्मत समय रहते कर ली जाएगी। बाढ़ पूर्व बचाव की सारी तैयारी पूरी कर ली जाएगी।
मल्लाह टोली के राधेश्याम का कहना है कि बाढ़ से हर साल किसानों के सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो जाती है। जिगनिहवां रामबचन सहानी का कहना है कि समय से पहले प्रशासन बांधों की मरम्मत करा देता है तो बारिश के दिनों में किसानों की फसल बर्बाद नहीं होगी।

खैरहवां जंगल निवासी इंद्रेश यादव का कहना है कि बांध पर रैन कट है। लेकिन इसकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। ऐसा लगता है कि विभाग को बाढ़ आने का इंतजार है।
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