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धरने पर डटे लेखपाल, सरकार की चेतावनी बेअसर
maharajgang
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:04 AM IST
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जिला मुख्यालय पर धरना देते लेखपाल संघ के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले के सभी तहसीलों के लेखपाल बीते कई दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर डटे हैं। सरकार की चेतावनी का उन पर असर नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों ने एलान किया कि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज होगा। दूसरी ओर लेखपालों के आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया है। साथ ही एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की बात कही है।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गजेंद्र भारती ने कहा कि सरकार आंदोलन को समाप्त करने का दबाव बना रही है। पहले तो कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जब लेखपालों पर इसका असर नहीं पड़ा तो अब वार्ता के माध्यम से धरने को समाप्त कराने की योजना बनाई जा रही है। लेखपाल अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। सरकार जब तक मांगों को पूरा नहीं करेगी आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की उदासीनता की वजह से तमाम लोग परेशान हैं। जरूरी कार्य ठप हैं। इसके बाद सरकार हठवादी रवैया अपनाए है।
सदर तहसील के अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने कहा कि संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। लेखपाल जेल भी जाने को तैयार हैं, लेकिन धरना समाप्त नहीं होगा। सरकार को आठ सूत्री मांगों पर विचार करना ही पडे़गा। जिला मंत्री श्रीभागवत, जिला उपाध्यक्ष मनीष पटेल, कृष्णमोहन यादव, रसीद अहमद ने सरकार की उदासीनता पर गुस्से का इजहार किया। इस दौरान अशोक त्रिपाठी, उपेंद्र त्रिपाठी, फेंकू प्रसाद, त्रिलोकी, राघवेंद्र, विजयराज, समीउल्लाह, राकेश कुमार, राजकुमार, वीरेंद्र तिवारी, आशुतोष, सूरज, शिवम पांडेय, संतोष, दीपाली, नुरूलेन, भावना पटेल, सुरेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गजेंद्र भारती ने कहा कि सरकार आंदोलन को समाप्त करने का दबाव बना रही है। पहले तो कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जब लेखपालों पर इसका असर नहीं पड़ा तो अब वार्ता के माध्यम से धरने को समाप्त कराने की योजना बनाई जा रही है। लेखपाल अधिकार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। सरकार जब तक मांगों को पूरा नहीं करेगी आंदोलन जारी रहेगा। सरकार की उदासीनता की वजह से तमाम लोग परेशान हैं। जरूरी कार्य ठप हैं। इसके बाद सरकार हठवादी रवैया अपनाए है।
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सदर तहसील के अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी ने कहा कि संगठन आरपार की लड़ाई लड़ने को तैयार है। लेखपाल जेल भी जाने को तैयार हैं, लेकिन धरना समाप्त नहीं होगा। सरकार को आठ सूत्री मांगों पर विचार करना ही पडे़गा। जिला मंत्री श्रीभागवत, जिला उपाध्यक्ष मनीष पटेल, कृष्णमोहन यादव, रसीद अहमद ने सरकार की उदासीनता पर गुस्से का इजहार किया। इस दौरान अशोक त्रिपाठी, उपेंद्र त्रिपाठी, फेंकू प्रसाद, त्रिलोकी, राघवेंद्र, विजयराज, समीउल्लाह, राकेश कुमार, राजकुमार, वीरेंद्र तिवारी, आशुतोष, सूरज, शिवम पांडेय, संतोष, दीपाली, नुरूलेन, भावना पटेल, सुरेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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