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नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग में आठवां स्थान पर जिला
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नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग में जिला आठवें स्थान पर
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। होम बेस्ड केयर फार न्यू बार्न चाइल्ड (एचबीएनसी) कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग में महराजगंज को प्रदेश में आठवां स्थान मिला है। मंडलीय समिति की समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत वर्ष 2018-19 में कुल 65,947 नवजात शिशुओं के ट्रैकिंग का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष जिले भर की आशा कार्यकर्ताओं की तरफ से करीब 56 हजार नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग की गई। जो लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत है। इस कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को घरेलू प्रसव वाले नवजात शिशुओं के घर सात बार जाकर देखभाल करना होता है जबकि संस्थागत प्रसव वाले नवजात शिशुओं के घर छह बार देखभाल करना होता है। एसीएमओ ने जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) को निर्देशित किया है कि वह शेष बचे 15 प्रतिशत बच्चों की अविलंब ट्रैकिंग कराएं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज सिंह ने बताया कि ट्रैकिंग कार्य में निचलौल व धानी ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं ने क्रमश: 77 व 76 प्रतिशत बच्चों की ट्रैकिंग किया है जो लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम है। ऐसे में इन दोनों ब्लॉकों की आशा कार्यकर्ताओं को कड़ी हिदायत दी गई कि वे शेष बचे बच्चों की ट्रैकिंग कर आवश्यक देखभाल करें।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। होम बेस्ड केयर फार न्यू बार्न चाइल्ड (एचबीएनसी) कार्यक्रम के तहत नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग में महराजगंज को प्रदेश में आठवां स्थान मिला है। मंडलीय समिति की समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत वर्ष 2018-19 में कुल 65,947 नवजात शिशुओं के ट्रैकिंग का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष जिले भर की आशा कार्यकर्ताओं की तरफ से करीब 56 हजार नवजात शिशुओं की ट्रैकिंग की गई। जो लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत है। इस कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को घरेलू प्रसव वाले नवजात शिशुओं के घर सात बार जाकर देखभाल करना होता है जबकि संस्थागत प्रसव वाले नवजात शिशुओं के घर छह बार देखभाल करना होता है। एसीएमओ ने जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) को निर्देशित किया है कि वह शेष बचे 15 प्रतिशत बच्चों की अविलंब ट्रैकिंग कराएं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज सिंह ने बताया कि ट्रैकिंग कार्य में निचलौल व धानी ब्लॉक की आशा कार्यकर्ताओं ने क्रमश: 77 व 76 प्रतिशत बच्चों की ट्रैकिंग किया है जो लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम है। ऐसे में इन दोनों ब्लॉकों की आशा कार्यकर्ताओं को कड़ी हिदायत दी गई कि वे शेष बचे बच्चों की ट्रैकिंग कर आवश्यक देखभाल करें।
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