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नहर कटने से फसल बर्बाद, गांव में घुसा पानी
Updated Sat, 21 Jul 2018 06:52 PM IST
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नहर कटने से फसल बर्बाद, गांव में घुसा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। सिसवा विकास खंड के ग्राम गेरमा व रामपुर खुर्द के बीच अज्ञात लोगों द्वारा नारायणी-गंडक नहर की पटरी काट दिए जाने से आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। पानी भर जाने से पोखरे की मछलियां भी बह गईं।
कुछ अज्ञात लोगों द्वारा शुक्रवार की रात नहर की पटरी काट दिए जाने के कारण पानी बहने लगा। इससे सिसवा ब्लॉक के गेरमा, रामपुर, पकड़ी, विशुनपुरा, परसिया व कुइयां सहित अन्य गांवों के खेतों में पानी भर गया है और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गेरमा निवासी दीपक, अब्दुल रज्जाक, विशुनपुरा के सुमेर, अजीत, रतनपुर दुर्गेश आदि ने बताया कि अभी जल्द ही खेतों में धान की रोपाई की गई थी। नहर की पटरी काट दिए जाने के कारण पानी सिवान में फैल गया। जिससे धान की फसल बर्बाद हो गई। साथ ही मछली पालन वाले पोखरे में भी पानी भर जाने के कारण मछलियां बह गई हैं। अब पानी धीरे - धीरे गांव में भी घुसने लगा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
कोठीभार। सिसवा विकास खंड के ग्राम गेरमा व रामपुर खुर्द के बीच अज्ञात लोगों द्वारा नारायणी-गंडक नहर की पटरी काट दिए जाने से आधा दर्जन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। पानी भर जाने से पोखरे की मछलियां भी बह गईं।
कुछ अज्ञात लोगों द्वारा शुक्रवार की रात नहर की पटरी काट दिए जाने के कारण पानी बहने लगा। इससे सिसवा ब्लॉक के गेरमा, रामपुर, पकड़ी, विशुनपुरा, परसिया व कुइयां सहित अन्य गांवों के खेतों में पानी भर गया है और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। गेरमा निवासी दीपक, अब्दुल रज्जाक, विशुनपुरा के सुमेर, अजीत, रतनपुर दुर्गेश आदि ने बताया कि अभी जल्द ही खेतों में धान की रोपाई की गई थी। नहर की पटरी काट दिए जाने के कारण पानी सिवान में फैल गया। जिससे धान की फसल बर्बाद हो गई। साथ ही मछली पालन वाले पोखरे में भी पानी भर जाने के कारण मछलियां बह गई हैं। अब पानी धीरे - धीरे गांव में भी घुसने लगा है।
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