{"_id":"597249ce4f1c1bf3368b49d1","slug":"11500662222-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजगार सेवकों का आमरण अनशन शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजगार सेवकों का आमरण अनशन शुरू
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरेंदा (महराजगंज)। बकाया मानदेय भुगतान को लेकर फरेंदा ब्लॉक के रोजगार सेवकों ने शुक्रवार को ब्लॉक परिसर में खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया। रोजगार सेवकों ने चेतावनी दिया कि जब तक बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हो जाता है तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। ब्लॉक अध्यक्ष संतोष कुमार दूबे की अध्यक्षता में रोजगार सेवकों ने अपने बकाया मानदेय को लेकर खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की।
ब्लॉक अध्यक्ष संतोष कुमार दूबे ने कहा कि खंड विकास अधिकारी फरेंदा द्वारा एक शासनादेश का हवाला दिया गया। इसमें पेरोल की बात कही गयी है। लेकिन उस शासनादेश में मानदेय भुगतान के लिए पेरोल का जिक्र ही नहीं किया गया है। पूर्व में भी खंड विकास अधिकारी स्तर से ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय भुगतान होता रहा है। लेकिन वर्तमान खंड विकास अधिकारी के मनमाने रवैये के कारण बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। और पेरोल की मांग करके रोजगार सेवकों के ऊपर दबाव बनाकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। दिलीप कुमार अग्रहरि ने कहा कि पूरे प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान के लिए कही भी पेरोल नहीं दिया जा रहा है। रोजगार सेवकों ने एक स्वर मे बकाया मानदेय भुगतान तक आमरण अनशन जारी रखने की बात कही। ग्राम रोजगार सेवकों के आमरण अनशन को क्षेत्र पंचायत सदस्य संघ महराजगंज के जिलाध्यक्ष शशिकांत जायसवाल व समाजसेवी नितेश मिश्रा का भी समर्थन मिला। आमरण अनशन में विजय कुमार, परशुराम, धर्मनाथ, कम्मन प्रसाद, नुरूल हसन, शाह आलम, सुरेन्द्र कुमार यादव के साथ चन्द्रभूषण, रामेश्वर सिंह, शिव बालक, आशादेवी, बसंत यादव, अमित कुमार आदि रहे।
विज्ञापन
ब्लॉक अध्यक्ष संतोष कुमार दूबे ने कहा कि खंड विकास अधिकारी फरेंदा द्वारा एक शासनादेश का हवाला दिया गया। इसमें पेरोल की बात कही गयी है। लेकिन उस शासनादेश में मानदेय भुगतान के लिए पेरोल का जिक्र ही नहीं किया गया है। पूर्व में भी खंड विकास अधिकारी स्तर से ग्राम रोजगार सेवकों का मानदेय भुगतान होता रहा है। लेकिन वर्तमान खंड विकास अधिकारी के मनमाने रवैये के कारण बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। और पेरोल की मांग करके रोजगार सेवकों के ऊपर दबाव बनाकर मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। दिलीप कुमार अग्रहरि ने कहा कि पूरे प्रदेश में ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय भुगतान के लिए कही भी पेरोल नहीं दिया जा रहा है। रोजगार सेवकों ने एक स्वर मे बकाया मानदेय भुगतान तक आमरण अनशन जारी रखने की बात कही। ग्राम रोजगार सेवकों के आमरण अनशन को क्षेत्र पंचायत सदस्य संघ महराजगंज के जिलाध्यक्ष शशिकांत जायसवाल व समाजसेवी नितेश मिश्रा का भी समर्थन मिला। आमरण अनशन में विजय कुमार, परशुराम, धर्मनाथ, कम्मन प्रसाद, नुरूल हसन, शाह आलम, सुरेन्द्र कुमार यादव के साथ चन्द्रभूषण, रामेश्वर सिंह, शिव बालक, आशादेवी, बसंत यादव, अमित कुमार आदि रहे।
विज्ञापन