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युवक ने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस को छकाया
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युवक ने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस को छकाया
ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला गांधीनगर में रोजगार के लिए रुपयों की मांग पूरी नहीं करने पर एक युवक ने खुद को रसोई गैस सिलिंडर की गैस खोलकर कमरे में बंद कर लिया। जब परिजनों से बात नहीं संभली तो उन्होंने पुलिस को बुलाया, लेकिन उसने पुलिस को भी दो घंटे तक छकाया। आखिरकार मोहल्ले के पार्षद और अन्य लोगों ने उसे काम दिलाने के आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे बाद दरवाजा खोला, तब कहीं जाकर पुलिस, परिजनों व मोहल्लेवालों ने राहत की सांस ली।
मोहल्ला गांधीनगर में सरस्वती शिशु मंदिर के पास गली में रहने वाला मोहित यादव बेरोजगारी से परेशान था और वह परिजनों से कुछ दिनों से नौकरी या फिर काम धंधे के लिए पचास हजार रुपयों की मदद मांग रहा था। लेकिन, परिजनों द्वारा रुपयों की बात करने पर टाल दिया जाता, जिससे वह रुपयों के लिए घर में उत्पात मचाने लगा। इसके बाद भी जब परिजनों ने उसकी नहीं सुनी तो मंगलवार को मोहित ने दोपहर में करीब दो बजे खुद को कमरे में बंद करके रसोई गैस सिलिंडर का रेग्यूलेटर खोल दिया, जिससे सिलिंडर से गैस निकलने लगी और कमरा गैस की बदबू से भर गया और गली में भी गैस की बदबू आने से मुहल्लेवासी सकते में आ गए। हालांकि कुछ देर में माजरा समझ में आ गया और परिजनों के साथ ही मोहल्लेवासियों ने भी मोहित को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। रुपये नहीं मिलने पर आग लगाने की धमकी देने लगा।
परिजनों व मुहल्लेवासियों से बात नहीं संभली तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर पहले तो चेतक पुलिस पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी तो फिर नई बस्ती चौकी इंचार्ज सुजीत कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुुंचे लेकिन, वह भी समझाकर बाहर निकालने में कामयाब नहीं हो सके। चौकी इंचार्ज ने किसी अनहोनी से बचने के लिए फायरब्रिगेड की गाड़ी मंगा ली। शाम करीब पौने पांच बजे थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना भी पहुंच गए और मोहल्ले के बुद्धिजीवियों एवं पार्षद के साथ मोहित को समझाया एवं परिजनों से रुपये दिलाकर उसके मनमुताबिक दुकान खुलवाने का आश्वासन दिया। शाम करीब सवा पांच बजे समझाने- बुझाने और परिजनों के वचन देने के बाद उसने दरवाजा खोल दिया। इससे परिजनों, मोहल्लेवासियों एवं पुलिस ने राहत की सांस ली।
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ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला गांधीनगर में रोजगार के लिए रुपयों की मांग पूरी नहीं करने पर एक युवक ने खुद को रसोई गैस सिलिंडर की गैस खोलकर कमरे में बंद कर लिया। जब परिजनों से बात नहीं संभली तो उन्होंने पुलिस को बुलाया, लेकिन उसने पुलिस को भी दो घंटे तक छकाया। आखिरकार मोहल्ले के पार्षद और अन्य लोगों ने उसे काम दिलाने के आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे बाद दरवाजा खोला, तब कहीं जाकर पुलिस, परिजनों व मोहल्लेवालों ने राहत की सांस ली।
मोहल्ला गांधीनगर में सरस्वती शिशु मंदिर के पास गली में रहने वाला मोहित यादव बेरोजगारी से परेशान था और वह परिजनों से कुछ दिनों से नौकरी या फिर काम धंधे के लिए पचास हजार रुपयों की मदद मांग रहा था। लेकिन, परिजनों द्वारा रुपयों की बात करने पर टाल दिया जाता, जिससे वह रुपयों के लिए घर में उत्पात मचाने लगा। इसके बाद भी जब परिजनों ने उसकी नहीं सुनी तो मंगलवार को मोहित ने दोपहर में करीब दो बजे खुद को कमरे में बंद करके रसोई गैस सिलिंडर का रेग्यूलेटर खोल दिया, जिससे सिलिंडर से गैस निकलने लगी और कमरा गैस की बदबू से भर गया और गली में भी गैस की बदबू आने से मुहल्लेवासी सकते में आ गए। हालांकि कुछ देर में माजरा समझ में आ गया और परिजनों के साथ ही मोहल्लेवासियों ने भी मोहित को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना। रुपये नहीं मिलने पर आग लगाने की धमकी देने लगा।
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परिजनों व मुहल्लेवासियों से बात नहीं संभली तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिस पर पहले तो चेतक पुलिस पहुंची, लेकिन बात नहीं बनी तो फिर नई बस्ती चौकी इंचार्ज सुजीत कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुुंचे लेकिन, वह भी समझाकर बाहर निकालने में कामयाब नहीं हो सके। चौकी इंचार्ज ने किसी अनहोनी से बचने के लिए फायरब्रिगेड की गाड़ी मंगा ली। शाम करीब पौने पांच बजे थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक सक्सेना भी पहुंच गए और मोहल्ले के बुद्धिजीवियों एवं पार्षद के साथ मोहित को समझाया एवं परिजनों से रुपये दिलाकर उसके मनमुताबिक दुकान खुलवाने का आश्वासन दिया। शाम करीब सवा पांच बजे समझाने- बुझाने और परिजनों के वचन देने के बाद उसने दरवाजा खोल दिया। इससे परिजनों, मोहल्लेवासियों एवं पुलिस ने राहत की सांस ली।
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