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शिक्षा क्षेत्र को मिला नया आयाम

Mon, 28 Dec 2020 01:47 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Dec 2020 01:47 AM IST
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year ender educational achivement
अनिल शर्मा शिक्षक - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। वर्ष 2020 कोरोना संक्रमण की वजह से जाना गया, लेकिन इस कोरोना काल में जहां बढ़ते संक्रमण की वजह से कक्षाएं बंद रहीं तो वहीं, ई- पाठशाला ने बच्चों को शिक्षा के नए आयाम दिए। इसकी वजह से परिषदीय विद्यालयों के बच्चे भी शिक्षा से जुड़े रहे। स्मार्ट क्लास से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश हुई। कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों का भौतिक वातावरण भी परिवर्तित किया गया। कोरोना के कारण मिड डे मील का राशन भी सरकार ने बच्चों के घरों तक पहुंचाए।
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वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण की वजह से शैक्षणिक व्यवस्था को सही नहीं कहा जा सकता है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिले। इसमें शासन की कायाकल्प योजना ने परिषदीय विद्यालयों का भौतिक स्वरूप ही बदल दिया। ई- पाठशाला ने बच्चों को शिक्षा की नई तकनीक से परिचित कराया और क्लास वर्क की जगह घर से पठन - पाठन की सुविधा मिली।
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- बनवारी सिंह सेंगर
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स्कूली शिक्षा भले ही प्रभावित हुई हो, लेकिन सरकार ने शिक्षा से बच्चों को दूर नहीं रखा। बच्चों को एप के माध्यम से शिक्षा से जोड़े रखा। छोटे बच्चों को ई- पाठशाला के माध्यम से घर में कार्य करने को दिए जाते रहे, कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों की कक्षाएं भी ली गईं। इससे बच्चों में पढ़ाई को लेकर नया अनुभव मिला और उनकी रुचि भी पढ़ाई की ओर बढ़ी।
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- अनिल शर्मा
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कक्षाएं बंद होने से बच्चे स्कूल तो नहीं आ सके, लेकिन आईटी के माध्यम से बच्चों के पढ़ाई से लगातार जुड़े रहने से उन्हें शिक्षा की नई तकनीक के बारे में जानकारी हुई और उनकी उत्सुकता भी बढ़ी। हालांकि, अधिक समय तक मोबाइल में पढ़ाई करने की वजह से उनकी गेम में रुचि बढ़ी जिससे उनकी आंखें ड्राई होने लगीं। वैसे इस वर्ष ने शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित किया।

- कमल कुशवाहा
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वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण की वजह से शिक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए। अगर इस शैक्षिक काल को नया बदलाव का काल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। तमाम बंदिशों के बावजूद परिषदीय शिक्षा के कार्य को सरकार ने नियमित संचालित किया। शिक्षा व्यवस्था के लिए ई- पाठशाला एप दिया तो मिड डे मील के लिए बच्चों के घरों में राशन तक की व्यवस्था की।
- रामकुमार

कमल कुशवाहा शिक्षक

कमल कुशवाहा शिक्षक- फोटो : LALITPUR

बनवारी सिंह सेंगर शिक्षक

बनवारी सिंह सेंगर शिक्षक- फोटो : LALITPUR

रामकुमार  शिक्षक

रामकुमार शिक्षक- फोटो : LALITPUR

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