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देश के मुख्य तीर्थों में गिना जाएगा यशोदय तीर्थ : मुनि सुधासागर
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महरौनी। मुनि सुधासागर महाराज ने कहा कि यशोदय तीर्थ एक दिन देश के मुख्य तीर्थों में गिना जाएगा। श्रावकों ने जो इस तीर्थ पर अपने पुण्य का बीज बोया है वह भविष्य में इसका फलदायी परिणाम देगा। वह शनिवार को धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समोशरण विधान के समापन पर गजरथ स्वर्णरथ रजत रथ परिक्रमा हुई। अंतरराष्ट्रीय तीर्थ यशोदय पर मुनिपुंगव सुधासागर महाराज एवं क्षुल्लक गंभीर सागर के सानिध्य में चल रहे भव्य प्रात:कालीन बेला में जिन अभिषेक पूजन और हवन हुआ।
इस अवसर पर मूल पाषाण मंदिर का शिलान्यास करने का सौभाग्य चक्रेश चौधरी परिवार को, पिच्छिका मंदिर राजेंद्र मलैया, संतशाला का सौभाग्य राजेंद्र प्रशांत दिल्ली मुंबई परिवार को प्राप्त हुआ। व्यायामशाला, सिंह द्वार का शिलान्यास यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने किया। आहारशाला का शिलान्यास विवेक चौधरी शेरू भोपाल को और सुमैरू का शिलान्यास प्रशांत भोपाल, प्रमोद चौधरी एवं सुबोध पठा परिवार को प्राप्त हुआ। औषधालय का शिलान्यास डॉ विक्रम बहादुर जैन ने किया। मुनि सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य मनोज सिंघई एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को आहार प्रशांत जैन भोपाल ने दिया।
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महाराज की उपस्थिति से भक्तों में बढ़ रहा था उत्साह
पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समोशरण विधान के समापन पर गजरथ महोत्सव हुआ जिसमें गजरथ स्वर्णरथ एवं रजतरथ ने परिक्रमा की। मुनि सुधासागर महाराज और क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज की उपस्थिति भक्तजनों में उत्साह बढ़ा रही थी।
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शोभायात्रा में बालिका मंडल डांडिया नृत्य करतीं और इंद्र-इंद्राणी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। सुधा बालिका मंडल की बालिकाओं ने बैंड बजाकर उद्घोष किया। रथों के सारथी बनने का सौभाग्य कैलाश सराफ, चक्रेश चौधरी एवं अशोक सराफ को मिला। गजरथ परिक्रमा के बाद भगवान का अभिषेक किया गया। समस्त धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी प्रदीप सुयश और पारस के निर्देश में संपन्न हुई। महायज्ञ नायक अजित जैन को सवाई सिंघई की उपाधि दी गई। स्वतंत्र मोदी और संजीव जैन ने पगड़ी बांधकर सम्मान किया।
इस मौके पर ललितपुर, मड़ावरा, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर इंदौर, भोपाल के समाज ने मुनि सुधासागर महाराज को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिगंबर जैन पंचायत कमेटी, यशोदय तीर्थ कमेटी, चंद्राप्रभु कमेटी, सुधासागर यशोदय व्यायाम शाला, नमोकार सेवा दल मड़ावरा, अखिल भारतीय महिला समिति, सुधा सिंधु महिला मंडल, विद्यादर्श बालिका मंडल, आदर्श महिला मंडल आदि का योगदान रहा। आभार यशोदय तीर्थ कमेटी अध्यक्ष राजा चौधरी एवं प्रशांत सिंघई ने किया।
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इस अवसर पर मूल पाषाण मंदिर का शिलान्यास करने का सौभाग्य चक्रेश चौधरी परिवार को, पिच्छिका मंदिर राजेंद्र मलैया, संतशाला का सौभाग्य राजेंद्र प्रशांत दिल्ली मुंबई परिवार को प्राप्त हुआ। व्यायामशाला, सिंह द्वार का शिलान्यास यशोदय तीर्थ के अध्यक्ष राजा चौधरी ने किया। आहारशाला का शिलान्यास विवेक चौधरी शेरू भोपाल को और सुमैरू का शिलान्यास प्रशांत भोपाल, प्रमोद चौधरी एवं सुबोध पठा परिवार को प्राप्त हुआ। औषधालय का शिलान्यास डॉ विक्रम बहादुर जैन ने किया। मुनि सुधासागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य मनोज सिंघई एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को आहार प्रशांत जैन भोपाल ने दिया।
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महाराज की उपस्थिति से भक्तों में बढ़ रहा था उत्साह
पंचकल्याणक महोत्सव एवं चौबीस समोशरण विधान के समापन पर गजरथ महोत्सव हुआ जिसमें गजरथ स्वर्णरथ एवं रजतरथ ने परिक्रमा की। मुनि सुधासागर महाराज और क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज की उपस्थिति भक्तजनों में उत्साह बढ़ा रही थी।
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शोभायात्रा में बालिका मंडल डांडिया नृत्य करतीं और इंद्र-इंद्राणी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। सुधा बालिका मंडल की बालिकाओं ने बैंड बजाकर उद्घोष किया। रथों के सारथी बनने का सौभाग्य कैलाश सराफ, चक्रेश चौधरी एवं अशोक सराफ को मिला। गजरथ परिक्रमा के बाद भगवान का अभिषेक किया गया। समस्त धार्मिक क्रियाएं ब्रह्मचारी प्रदीप सुयश और पारस के निर्देश में संपन्न हुई। महायज्ञ नायक अजित जैन को सवाई सिंघई की उपाधि दी गई। स्वतंत्र मोदी और संजीव जैन ने पगड़ी बांधकर सम्मान किया।
इस मौके पर ललितपुर, मड़ावरा, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर इंदौर, भोपाल के समाज ने मुनि सुधासागर महाराज को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दिगंबर जैन पंचायत कमेटी, यशोदय तीर्थ कमेटी, चंद्राप्रभु कमेटी, सुधासागर यशोदय व्यायाम शाला, नमोकार सेवा दल मड़ावरा, अखिल भारतीय महिला समिति, सुधा सिंधु महिला मंडल, विद्यादर्श बालिका मंडल, आदर्श महिला मंडल आदि का योगदान रहा। आभार यशोदय तीर्थ कमेटी अध्यक्ष राजा चौधरी एवं प्रशांत सिंघई ने किया।