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चुनावी चक्रव्यूह में फंसे श्रमिक
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Feb 2017 01:11 AM IST
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manrega news
- फोटो : demo
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चुनावी चक्रव्यूह में जिले के श्रमिक फंस गए हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद से जनपद में मनरेगा के रोजगार सृजन में कमी आई है। बार ब्लाक में एक भी परिवार को काम नहीं मिला है, जबकि बिरधा में एक ही परिवार को रोजगार मिल सका। मड़ावरा ब्लाक में भी हाल बेहाल है। यहां सिर्फ 67 परिवारों को मजदूरी मिली।
मजदूरों को पलायन रोकने के लिए बनाया गया महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम चुनावी समर में ही प्रभावी नहीं दिख रहा है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के फेर में मनरेगा की हालत बुरी हो गई है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों द्वारा नए रोजगार सृजन का प्रस्ताव नहीं किया जा रहा है। इन हालात में विभिन्न ग्राम पंचायतों के अंदर काम पूरी तरह ठप हो चुका है। मजदूरों को काम की तलाश में यहां वहां भटकना पड़ रहा है। तमाम मजदूर जिला मुख्यालय पर काम के लिए आ रहे हैं। इसके बाद भी कइयों को मायूसी हाथ लग रही है। जिले में सिर्फ 2424 परिवार ही काम कर रहे हैं। इससे मनरेगा की प्रगति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आचार संहिता लागू होने के बाद ये रही काम की स्थिति
ब्लाक काम पाने वाले परिवार
बार शून्य
जखौरा 474
महरौनी 1580
बिरधा 01
मड़ावरा 67
तालबेहट 302
रोजीरोटी का संकट गहराया
अफसर व जनप्रतिनिधि चुनाव में व्यस्त हैं। श्रमिकों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। इस स्थिति में श्रमिकों के सामने रोजीरोटी का संकट गहरा गया है। कइयों के घर तो चूल्हे जलना मुश्किल हो रहा है।
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चुनाव बाद होंगे काम
नए काम स्वीकृत नहीं हो रहे हैं और पुराने काम पहले ही पूरे हो चुके हैं। अब चुनाव बाद ही काम आरंभ होंगे।
भैय्यनलाल निरंजन, बीडीओ बिरधा
जारी नहीं हो रहे मस्टररोल
इस समय मस्टररोल जारी नहीं हो रहे हैं। श्रमिक भी खेतीबाड़ी में लगे हुए हैं। चुनाव के बाद नए व पुराने कामों को शुरू किया जाएगा।
नरेंद्र देव द्विवेदी
उपायुक्त श्रम रोजगार
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मजदूरों को पलायन रोकने के लिए बनाया गया महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम चुनावी समर में ही प्रभावी नहीं दिख रहा है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के फेर में मनरेगा की हालत बुरी हो गई है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों द्वारा नए रोजगार सृजन का प्रस्ताव नहीं किया जा रहा है। इन हालात में विभिन्न ग्राम पंचायतों के अंदर काम पूरी तरह ठप हो चुका है। मजदूरों को काम की तलाश में यहां वहां भटकना पड़ रहा है। तमाम मजदूर जिला मुख्यालय पर काम के लिए आ रहे हैं। इसके बाद भी कइयों को मायूसी हाथ लग रही है। जिले में सिर्फ 2424 परिवार ही काम कर रहे हैं। इससे मनरेगा की प्रगति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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आचार संहिता लागू होने के बाद ये रही काम की स्थिति
ब्लाक काम पाने वाले परिवार
बार शून्य
जखौरा 474
महरौनी 1580
बिरधा 01
मड़ावरा 67
तालबेहट 302
रोजीरोटी का संकट गहराया
अफसर व जनप्रतिनिधि चुनाव में व्यस्त हैं। श्रमिकों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। इस स्थिति में श्रमिकों के सामने रोजीरोटी का संकट गहरा गया है। कइयों के घर तो चूल्हे जलना मुश्किल हो रहा है।
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चुनाव बाद होंगे काम
नए काम स्वीकृत नहीं हो रहे हैं और पुराने काम पहले ही पूरे हो चुके हैं। अब चुनाव बाद ही काम आरंभ होंगे।
भैय्यनलाल निरंजन, बीडीओ बिरधा
जारी नहीं हो रहे मस्टररोल
इस समय मस्टररोल जारी नहीं हो रहे हैं। श्रमिक भी खेतीबाड़ी में लगे हुए हैं। चुनाव के बाद नए व पुराने कामों को शुरू किया जाएगा।
नरेंद्र देव द्विवेदी
उपायुक्त श्रम रोजगार