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दिन में मजदूरी और रात में क्वांरटीन
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कैप्सन = लॉकडाउन का उल्लंघन करते लोग
- फोटो : TALDEHATE
तालबेहट/ बिजरौठा। गांवों में बाहर से आने वाले मजदूरों से कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बने ज्यादातर क्वांरटीन सेंटर बेअसर साबित हो रहे हैं। इनमें रहने वाले मजदूर दिन में गांव में मजदूरी या अपनी फसल की कटाई कर रहे हैं और रात में क्वांरटीन सेंटर में रुक रहे हैं। ऐसे में अन्य लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं।
विकासखंड तालबेहट के विभिन्न गांवों में आए बाहर से आने वाले मजदूरों और लोगों से ग्रामीण जनता में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए गांवों में क्वारंटीन सेंटर और कम्युनिटी किचेन बनाई गई है, जिसमें बाहर से आने वाले लोगों को रोककर उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाती है। इस समय गांव के मजरा बौलारी में ग्राम पंचायत भवन में क्वांरटीन सेंटर बनाया गया है। वर्तमान में वहां पर एक दर्जन लोगों के ठहरना बताया गया है। परंतु उसमें रुकने वाले लोग दिन में अपने खेतों पर फसल काटते हैं या मजदूरी करते हैं और रात में वह क्वांरटीन सेंटर की शोभा बढ़ाते हैं। इससे सरकार की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ईश्वर का शुक्र है कि अभी तक जनपद इस बीमारी के संक्रमण से मुक्त है।
लोगों का मानना है कि यदि इनमें से एक भी मरीज कोरोना संक्रमित निकल आया तो फिर स्थिति गंभीर हो सकती है। लोगों ने क्वांरटीन सेंटर में रुकने वाले लोगों को पूरे समय वहीं पर रुकने की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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बाहर से आए लोगों से कई बार क्वांरटीन सेंटर में रुकने के लिए कहा गया है, परंतु वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है।
- करन कुशवाहा, ग्राम प्रधान बिजरौठा
मजदूरों की जांच करा दी गई थी, सभी सामान्य पाए गए थे। इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया। परेशानी आने पर देखा जाएगा।
- प्रदीप त्रिपाठी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी
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विकासखंड तालबेहट के विभिन्न गांवों में आए बाहर से आने वाले मजदूरों और लोगों से ग्रामीण जनता में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए गांवों में क्वारंटीन सेंटर और कम्युनिटी किचेन बनाई गई है, जिसमें बाहर से आने वाले लोगों को रोककर उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाती है। इस समय गांव के मजरा बौलारी में ग्राम पंचायत भवन में क्वांरटीन सेंटर बनाया गया है। वर्तमान में वहां पर एक दर्जन लोगों के ठहरना बताया गया है। परंतु उसमें रुकने वाले लोग दिन में अपने खेतों पर फसल काटते हैं या मजदूरी करते हैं और रात में वह क्वांरटीन सेंटर की शोभा बढ़ाते हैं। इससे सरकार की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ईश्वर का शुक्र है कि अभी तक जनपद इस बीमारी के संक्रमण से मुक्त है।
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लोगों का मानना है कि यदि इनमें से एक भी मरीज कोरोना संक्रमित निकल आया तो फिर स्थिति गंभीर हो सकती है। लोगों ने क्वांरटीन सेंटर में रुकने वाले लोगों को पूरे समय वहीं पर रुकने की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।
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बाहर से आए लोगों से कई बार क्वांरटीन सेंटर में रुकने के लिए कहा गया है, परंतु वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है।
- करन कुशवाहा, ग्राम प्रधान बिजरौठा
मजदूरों की जांच करा दी गई थी, सभी सामान्य पाए गए थे। इसलिए उन्हें घर भेज दिया गया। परेशानी आने पर देखा जाएगा।
- प्रदीप त्रिपाठी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी