{"_id":"5f6e48d48ebc3e9be346289c","slug":"whose-spoke-his-problem-officers-are-not-pik-up-phone-lalitpur-news-jhs177153831","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसे सुनाए समस्या, अफसर नहीं उठाते फोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसे सुनाए समस्या, अफसर नहीं उठाते फोन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। भारतीय स्वाभिमान जन महासभा के जिलाध्यक्ष ने फीडर नंबर तीन पर बिजली की हो रही अघोषित कटौती के संबंध में अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली और पानी आवश्यक सुविधा है, इसके बाद भी इनसे जुड़े अफसर उपभोक्ताओं के फोन नहीं उठाते हैं। इससे समस्या का समाधान तुरंत नहीं हो पाता है।
जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सपेरा ने अपर जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि फीडर नंबर तीन पर रोजाना दिन और रात में अंधाधुंध अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। रात में बिजली नहीं रहने से आम नागरिकों को गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ता है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरपूर बिजली की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन विभागीय कर्मियों की मनमानी के चलते फीडर नंबर तीन के उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। छोटी-छोटी कमियों पर घंटों फीडर बंद रखा जाता है। कभी तार टूटने तो कभी ओवरलोड का बहाना बनाकर बिजली काट दी जाती है। इस कारण पेयजल की आपूर्ति पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में फीडर नंबर 3 से जुड़े उपभोक्ता बिजली के साथ पानी के लिए परेशान होते हैं। जब इसकी शिकायत करने की कोशिश करते हैं तो विद्युत विभाग एवं जल संस्थान के अफसर बेपरवाह होकर फोन नहीं उठाते हैं। विद्युत विभाग के अफसरों के सीयूजी नंबर उपभोक्ताओं के लिए शोपीस साबित हो रहे हैं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी से फीडर नंबर 3 पर होने वाली अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद कराने की मांग की है।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सपेरा ने अपर जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि फीडर नंबर तीन पर रोजाना दिन और रात में अंधाधुंध अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। रात में बिजली नहीं रहने से आम नागरिकों को गर्मी का प्रकोप झेलना पड़ता है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरपूर बिजली की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन विभागीय कर्मियों की मनमानी के चलते फीडर नंबर तीन के उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। छोटी-छोटी कमियों पर घंटों फीडर बंद रखा जाता है। कभी तार टूटने तो कभी ओवरलोड का बहाना बनाकर बिजली काट दी जाती है। इस कारण पेयजल की आपूर्ति पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में फीडर नंबर 3 से जुड़े उपभोक्ता बिजली के साथ पानी के लिए परेशान होते हैं। जब इसकी शिकायत करने की कोशिश करते हैं तो विद्युत विभाग एवं जल संस्थान के अफसर बेपरवाह होकर फोन नहीं उठाते हैं। विद्युत विभाग के अफसरों के सीयूजी नंबर उपभोक्ताओं के लिए शोपीस साबित हो रहे हैं। उन्होंने अपर जिलाधिकारी से फीडर नंबर 3 पर होने वाली अघोषित बिजली कटौती को तुरंत बंद कराने की मांग की है।
विज्ञापन