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तेज आंधी और बारिश से बिछ गई गेहूं की फसल
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तेज आंधी से खेतों में बिछी गेहूं की खड़ी फसल।
- फोटो : LALITPUR
डोंगरा खुर्द (ललितपुर)। प्रकृति की मार झेल रहे जिले के किसानों की फसलों पर एक बार फिर बेमौसम बारिश और तेज आंधी का कहर बरपा है। इससे पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे किसान अब बर्बादी की कगार पर खड़े होते जा रहे हैं। जिले में गेहूं के फसलों की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा है, लेकिन बृहस्पतिवार की शाम अचानक मौसम ने मिजाज बदला और तेज आंधी के साथ पानी गिरने लगा, जिसमें खेतों में खड़ी गेहूं फसलें जमीन में बिछ गईं और पानी पड़ जाने से खेतों में काटकर रखे गया गेहूं फूल गया। इससे गेहूं का रंग खराब हो गया। शुक्रवार को भी बादल छाए रहने से धूप की कमी रही। बादल छाए रहने से किसानों की चिंता कम नहीं हुई। किसानों का कहना रहा कि इस साल अच्छी उपज की उम्मीद थी लेकिन पूरे चार महीने से पाला, इल्ली आदि से फसलें खराब हुई हैं। अब बारिश और तेज आंधी से किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। किसानों का कहना है कि फसलों के जमीन पर गिरने से दाना कमजोर पड़ जाएगा और किसानों को कीमत अच्छी नहीं मिलेगी।
ढाई एकड़ जमीन में दो क्विंटल गेहूं की फसल कटाई करके थ्रेसिंग के लिए रखी थी लेकिन अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और जोरदार बारिश हो गई जिससे पूरी फसल भीग गई जिससे लागत निकलना मुश्किल है दिख रहा है। लक्खू कुशवाहा
बृहस्पतिवार को बारिश होने से खेत में कटी रखी फसल में नमी आ गई और थ्रेसिंग का कार्य प्रभावित हो गया। शुक्रवार को भी बादल छाए रहने से धूप की कमी रही है जिसे भूसा भी खराब हुआ और दाना भी कमजोर होने का डर सता रहा है।
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- नत्थू कुशवाहा
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ढाई एकड़ जमीन में दो क्विंटल गेहूं की फसल कटाई करके थ्रेसिंग के लिए रखी थी लेकिन अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और जोरदार बारिश हो गई जिससे पूरी फसल भीग गई जिससे लागत निकलना मुश्किल है दिख रहा है। लक्खू कुशवाहा
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बृहस्पतिवार को बारिश होने से खेत में कटी रखी फसल में नमी आ गई और थ्रेसिंग का कार्य प्रभावित हो गया। शुक्रवार को भी बादल छाए रहने से धूप की कमी रही है जिसे भूसा भी खराब हुआ और दाना भी कमजोर होने का डर सता रहा है।
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- नत्थू कुशवाहा