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आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू होगी गेहूं खरीद
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ललितपुर। जनपद में एक अप्रैल से गेहूं खरीद प्रारंभ होगी। लेकिन तैयारी पूरी नहीं हो पाई हैं। केंद्रों को न तो गांवों से जोड़ा गया है और न ही खाद्यान्न विभाग से ई-पॉश मशीन उपलब्ध हो पाई है। उधर, आठ हजार किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करा लिया है।
किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिले में गेहूं के 50 खरीद केंद्र खोले गए हैं। इस बार शासन द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। खरीद के दौरान होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। जहां किसानों को गेहूं बेचने से पहले ई-पॉश मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा, वहीं ऑनलाइन टोकन जारी किए जाएंगे। एक खरीद केंद्र पर एक दिन में अधिकतम 600 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सकेगा। गल्ला मंडी में बने केंद्र पर कोई भी किसान अपना गेहूं बेच सकेगा, जबकि सहकारी समितियों के केंद्रों से आसपास के गांवों को जोड़ा जा रहा है।
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कराए जा रहे रजिस्ट्रेशन
पंजीयन में किसान को अपना आधार संख्या, आधार कार्ड, कुल रकबे एवं बोए गए गेहूूं के रकबे को अंकित करना होगा। सौ किलोग्राम गेहूं बेचने पर एसडीएम के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। किसानों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है।
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कम हो गए खरीद केंद्र
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष गेहूं खरीद केंद्रों की संख्या आधी से कम रह गई है। पिछले वर्ष 128 केंद्र संचालित थे, जबकि अबकी बार सिर्फ 50 केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटा, छन्ना, बैनर, नमी मापक यंत्र, सिलाई मशीन, बैठने के लिए शेड और पीने का पानी शामिल है।
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ऑनलाइन टोकन एक अप्रैल को जारी किए जाएंगे। एक केंद्र पर छह सौ क्विंटल गेहूं खरीदा जा सकेगा। कुछ और केंद्रों को बढ़ाने की मांग शासन से की गई है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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ई-पॉस मशीन खाद्यान्न विभाग उपलब्ध करा रहा है। इनका प्रयोग गेहूं खरीद में किया जाएगा।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां
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किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के उद्देश्य से जिले में गेहूं के 50 खरीद केंद्र खोले गए हैं। इस बार शासन द्वारा गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। खरीद के दौरान होने वाली गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। जहां किसानों को गेहूं बेचने से पहले ई-पॉश मशीन पर अपना अंगूठा लगाना होगा, वहीं ऑनलाइन टोकन जारी किए जाएंगे। एक खरीद केंद्र पर एक दिन में अधिकतम 600 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सकेगा। गल्ला मंडी में बने केंद्र पर कोई भी किसान अपना गेहूं बेच सकेगा, जबकि सहकारी समितियों के केंद्रों से आसपास के गांवों को जोड़ा जा रहा है।
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कराए जा रहे रजिस्ट्रेशन
पंजीयन में किसान को अपना आधार संख्या, आधार कार्ड, कुल रकबे एवं बोए गए गेहूूं के रकबे को अंकित करना होगा। सौ किलोग्राम गेहूं बेचने पर एसडीएम के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। किसानों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 जारी किया गया है।
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कम हो गए खरीद केंद्र
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष गेहूं खरीद केंद्रों की संख्या आधी से कम रह गई है। पिछले वर्ष 128 केंद्र संचालित थे, जबकि अबकी बार सिर्फ 50 केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए प्रत्येक केंद्र पर इलेक्ट्रानिक कांटा, छन्ना, बैनर, नमी मापक यंत्र, सिलाई मशीन, बैठने के लिए शेड और पीने का पानी शामिल है।
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ऑनलाइन टोकन एक अप्रैल को जारी किए जाएंगे। एक केंद्र पर छह सौ क्विंटल गेहूं खरीदा जा सकेगा। कुछ और केंद्रों को बढ़ाने की मांग शासन से की गई है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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ई-पॉस मशीन खाद्यान्न विभाग उपलब्ध करा रहा है। इनका प्रयोग गेहूं खरीद में किया जाएगा।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां