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मनमाने तरीके से ब्लाक किए आवंटित
ललितपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Aug 2015 11:44 PM IST
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ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को यूनिफार्म बांटने के लिए ठेकेदार सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने मनमाफिक ब्लाक फिक्स कर लिए हैं। ठेकेदारों की बढ़ती दखलअंदाजी शिक्षकों में चर्चा का विषय बन गई है।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क किताबें और यूनिफार्म दी जाती है। खासकर ठेकेदारों की नजर यूनिफार्म वितरण पर होती है। यूनिफार्म वितरण के लिए धनराशि आवंटित होते ही ठेकेदार बीएसए कार्यालय के इर्दगिर्द मंडराना शुरू हो जाते हैं। पिछले दिनों भी ऐसा ही हुआ शासन से धनराशि अवमुक्त होते ही ठेकेदारों ने ब्लाक तय करने के लिए बैठकें शुरू कर दीं। सूत्र बताते हैं कि कई दौर की बैठकों के पश्चात विभिन्न ब्लाकों में यूनिफार्म वितरण के लिए ठेकेदारों में आपसी सामंजस्य बन गया। अब इस कड़ी में संकुल प्रभारियों से जुगलबंदी बनाने के प्रयास हो रहे हैं, जिससे कि यूनिफार्म वितरण का समय से भुगतान हो सके।
तत्कालीन जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने इस गठजोड़ को तोड़ दिया था। वह इकलौते डीएम रहे, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर नाप कराकर यूनिफार्म का वितरण कराया। इस दौरान बच्चों को गुणवत्तापरक यूनिफार्म वितरित हुई थी, जो एक शैक्षिक सत्र से ज्यादा समय तक चली। वर्तमान में बच्चों को दी जाने वाली यूनिफार्म पूरे एक सत्र भी नहीं चलती हैं। इससे यूनिफार्म की गुणवत्ता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद भी विभागीय अफसर यूनिफार्म वितरण पर मौन रहते हैं। हालांकि, जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने यूनिफार्म वितरण की गड़बड़ी को रोकने के मकसद से टास्क फोर्स का गठन किया है। आने वाले दिनों में टास्क फोर्स के निरीक्षण शुरू हो जाएंगे, जिससे यूनिफार्म वितरण की हकीकत सामने आने की उम्मीद है।
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मिलेंगे दो सेट
400 रुपये में दो सेट यूनिफार्म के बच्चों को वितरित किए जाएंगे। इस तरह करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की धनराशि से यूनिफार्म का वितरण किया जाएगा।
यह है जिलास्तरीय समिति
जनपदस्तरीय समिति में अध्यक्ष डीएम, सदस्य सीडीओ, महाप्रबंधक, वरिष्ठ कोषाधिकारी, प्राचार्य जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान, जिला विद्यालय निरीक्षक और सदस्य सचिव बीएसए नामित किए गए हैं।
यह हैं टास्क फोर्स के अफसर
सीडीओ, सीएमओ, उप मुख्य विकास अधिकारी, डीडीओ, परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीपीआरओ, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। बीएसए ने टास्क फोर्स कर्मियों से सप्ताह के अंत में निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क किताबें और यूनिफार्म दी जाती है। खासकर ठेकेदारों की नजर यूनिफार्म वितरण पर होती है। यूनिफार्म वितरण के लिए धनराशि आवंटित होते ही ठेकेदार बीएसए कार्यालय के इर्दगिर्द मंडराना शुरू हो जाते हैं। पिछले दिनों भी ऐसा ही हुआ शासन से धनराशि अवमुक्त होते ही ठेकेदारों ने ब्लाक तय करने के लिए बैठकें शुरू कर दीं। सूत्र बताते हैं कि कई दौर की बैठकों के पश्चात विभिन्न ब्लाकों में यूनिफार्म वितरण के लिए ठेकेदारों में आपसी सामंजस्य बन गया। अब इस कड़ी में संकुल प्रभारियों से जुगलबंदी बनाने के प्रयास हो रहे हैं, जिससे कि यूनिफार्म वितरण का समय से भुगतान हो सके।
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तत्कालीन जिलाधिकारी रणवीर प्रसाद ने इस गठजोड़ को तोड़ दिया था। वह इकलौते डीएम रहे, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर नाप कराकर यूनिफार्म का वितरण कराया। इस दौरान बच्चों को गुणवत्तापरक यूनिफार्म वितरित हुई थी, जो एक शैक्षिक सत्र से ज्यादा समय तक चली। वर्तमान में बच्चों को दी जाने वाली यूनिफार्म पूरे एक सत्र भी नहीं चलती हैं। इससे यूनिफार्म की गुणवत्ता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद भी विभागीय अफसर यूनिफार्म वितरण पर मौन रहते हैं। हालांकि, जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने यूनिफार्म वितरण की गड़बड़ी को रोकने के मकसद से टास्क फोर्स का गठन किया है। आने वाले दिनों में टास्क फोर्स के निरीक्षण शुरू हो जाएंगे, जिससे यूनिफार्म वितरण की हकीकत सामने आने की उम्मीद है।
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मिलेंगे दो सेट
400 रुपये में दो सेट यूनिफार्म के बच्चों को वितरित किए जाएंगे। इस तरह करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की धनराशि से यूनिफार्म का वितरण किया जाएगा।
यह है जिलास्तरीय समिति
जनपदस्तरीय समिति में अध्यक्ष डीएम, सदस्य सीडीओ, महाप्रबंधक, वरिष्ठ कोषाधिकारी, प्राचार्य जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान, जिला विद्यालय निरीक्षक और सदस्य सचिव बीएसए नामित किए गए हैं।
यह हैं टास्क फोर्स के अफसर
सीडीओ, सीएमओ, उप मुख्य विकास अधिकारी, डीडीओ, परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीपीआरओ, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। बीएसए ने टास्क फोर्स कर्मियों से सप्ताह के अंत में निरीक्षण आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।