{"_id":"6685cd25a2e645ab1905a0c4","slug":"we-were-together-then-suddenly-there-was-a-scream-and-sukhwati-disappeared-lalitpur-news-c-131-1-ltp1001-117180-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: हम साथ थे... फिर अचानक चीख पुकार मची और सुखवती गुम हो गईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: हम साथ थे... फिर अचानक चीख पुकार मची और सुखवती गुम हो गईं
विज्ञापन
तालबेहट। हाथरस हादसे में घायल महिला छाया देवी ने बताया कि वह और सुखवती साथ थे। फिर अचानक चीख-पुकार मच गई और सुखवती गुम हो गईं। उसके बाद उन्हें पता चला कि सुखवती अब इस दुनिया में नहीं हैं। वहीं, सुखवती का शव बुधवार दोपहर गांव पंचशील नगर लाया गया। यहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सत्संग में जाने से पहले सुखवती ने परिजनों से कहा था कि वह बुधवार को आ जाएंगी। परिजन उनके आने का इंतजार ही कर रहे थे तभी मंगलवार रात छाया के फोन ने उन्हें झकझोर दिया। छाया ने बताया कि हादसे में वह घायल हो गई और सुखवती के बारे में उन्हें नहीं पता। यह सुनकर दोनों के परिजन रात में ही हाथरस के लिए रवाना हो गए। छाया के बेटे अस्पताल में रुक गए और सुखवती का बेटा उसका शव लेकर लौटा आया। तालबेहट तहसील क्षेत्र के बनगुवाकलां गांव की मूल निवासी सुखवती करीब चार साल पहले 66 केवी उपकेंद्र के पास स्थित पंचशील नगर में रहने लगी थी। छाया परिवार के साथ पुश्तैनी गांव बनगुवाकलां में ही रहती थीं।
सुखवती करीब दो साल पहले जुड़ीं थीं भोले बाबा से
सुखवती के परिजनों के मुताबिक नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग से करीब दो साल पहले छाया ने सुखवती को जोड़ा था। इसके बाद सत्संग में सुखवती भी छाया के साथ चली जाती थीं। सुखवती के इकलौते पुत्र देवेंद्र ने रोते हुए बताया कि उनकी मां एक जुलाई को हाथरस गई थी और तीन जुलाई को वापस आने की कह कर गई थी लेकिन जब मंगलवार को भगदड़ के बारे में सुना तो पूरा परिवार चिंतित था। मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। जब छाया ने अपने गंभीर रूप से घायल होने और सुखवती के लापता होने की जानकारी दी तब वह और छायादेवी के बेटे अरुण व अनिल हाथरस के लिए निकल पड़े और रात दो बजे वहां पहुंच गए। बुधवार सुबह शव को लेकर आए। वहीं, एसडीएम श्रीराम यादव, सीओ कुलदीप कुमार व लेखपाल नाथूराम पाल सहित अन्य अधिकारी भी पंचशील नगर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढाढ़स बधाया।
विज्ञापन
वर्जन
परिवार के साथ संवेदना है। मृतक सुखवती राजपूत के परिजन के खाते में 2.50 लाख रुपये व घायल छाया देवी के खाते में 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि भेजी गई है।
- अक्षय त्रिपाठी, डीएम
विज्ञापन
सत्संग में जाने से पहले सुखवती ने परिजनों से कहा था कि वह बुधवार को आ जाएंगी। परिजन उनके आने का इंतजार ही कर रहे थे तभी मंगलवार रात छाया के फोन ने उन्हें झकझोर दिया। छाया ने बताया कि हादसे में वह घायल हो गई और सुखवती के बारे में उन्हें नहीं पता। यह सुनकर दोनों के परिजन रात में ही हाथरस के लिए रवाना हो गए। छाया के बेटे अस्पताल में रुक गए और सुखवती का बेटा उसका शव लेकर लौटा आया। तालबेहट तहसील क्षेत्र के बनगुवाकलां गांव की मूल निवासी सुखवती करीब चार साल पहले 66 केवी उपकेंद्र के पास स्थित पंचशील नगर में रहने लगी थी। छाया परिवार के साथ पुश्तैनी गांव बनगुवाकलां में ही रहती थीं।
विज्ञापन
सुखवती करीब दो साल पहले जुड़ीं थीं भोले बाबा से
सुखवती के परिजनों के मुताबिक नारायण साकार विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग से करीब दो साल पहले छाया ने सुखवती को जोड़ा था। इसके बाद सत्संग में सुखवती भी छाया के साथ चली जाती थीं। सुखवती के इकलौते पुत्र देवेंद्र ने रोते हुए बताया कि उनकी मां एक जुलाई को हाथरस गई थी और तीन जुलाई को वापस आने की कह कर गई थी लेकिन जब मंगलवार को भगदड़ के बारे में सुना तो पूरा परिवार चिंतित था। मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी। जब छाया ने अपने गंभीर रूप से घायल होने और सुखवती के लापता होने की जानकारी दी तब वह और छायादेवी के बेटे अरुण व अनिल हाथरस के लिए निकल पड़े और रात दो बजे वहां पहुंच गए। बुधवार सुबह शव को लेकर आए। वहीं, एसडीएम श्रीराम यादव, सीओ कुलदीप कुमार व लेखपाल नाथूराम पाल सहित अन्य अधिकारी भी पंचशील नगर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढाढ़स बधाया।
विज्ञापन
वर्जन
परिवार के साथ संवेदना है। मृतक सुखवती राजपूत के परिजन के खाते में 2.50 लाख रुपये व घायल छाया देवी के खाते में 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि भेजी गई है।
- अक्षय त्रिपाठी, डीएम