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पुरानी मशीनों के सहारे शहर की जलापूर्ति, लोग परेशान
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नेहरू नगर में हैंडपंप से पानी भरते बच्चे
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जल संस्थान के लिए पुरानी मशीनें परेशानी का सबब बन गई हैं। यह मशीनें एक महीने भी ठीक से काम नहीं कर पाती हैं और किसी न किसी कमी के चलते खराब हो जाती हैं। इससे नागरिकों को पेयजल के लिए आए दिन परेशान होना पड़ता है। शनिवार को भी सुबह से ही लोग हैैंडपंप से पानी भरते नजर आए।
जहां एक ओर सरकार हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जल संस्थान पुरानी मशीनों के सहारे ही जलापूर्ति कर रहा है। इससे आए दिन शहरवासियों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। किसी न किसी की कमी के चलते मशीनें आए दिन खराब हो जाती हैं, जिससे जलापूर्ति बाधित हो रही है। पिछले कई दिनों से लोअर जोन के मोहल्ला महावीरपुरा, चौबयाना, मऊठाना, रैदासपुरा, विष्णु पुरा सहित कई क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति बाधित बनी हुई है। शनिवार की सुबह से इन क्षेत्रों के लोगों को फिर से हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, जल संस्थान ने सुबह आठ बजे के आसपास जलापूर्ति की, लेकिन तब तक अधिकांश लोग हैंडपंप से पानी भर चुके थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से लोअर जोन में पेयजल की परेशानी बनी हुई है।
शहर की जलापूर्ति तब तक ठीक नहीं होने वाली है, जब तक जल संस्थान नई पाइप लाइन नहीं बिछाएगा। सालों पुरानी पाइप लाइनों के सहारे आपूर्ति को सुचारु बनाना कठिन है। यही हाल जल संस्थान की मोटरों का है। मोटरें भी काफी पुरानी हो गई हैं, जिनसे आपूर्ति की जाती है।
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- राजू ताम्रकार
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वर्षों पहले यही जल संस्थान चौबीस घंटे पानी देता है, लेकिन अब सुबह एक घंटा भी पानी नहीं दे रहा है। अधिकारी कार्यालय में बैठकर इस समस्या का निवारण करते हैं। यदि समस्या की वास्तविकता तक पहुंचना है तो क्षेत्र का निरीक्षण नियमित करना होगा।
- शशि तिवारी
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बीते वर्षों में पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किया जा चुका है, लेकिन लोअर जोन के हालातों में सुधार नहीं हो सका है। आज भी लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। पहले गर्मियों में पेयजल के लिए परेशानी खड़ी होती थी, लेकिन अब सर्दियों में समस्या होने लगी है।
- ब्रह्मानंद
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मोटर में समस्या आ गई थी, जिसकी मरम्मत करा ली गई है। आपरेटर की वजह से जलापूर्ति में व्यवधान हुआ है। हालांकि, बाद में जलापूर्ति की गई।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
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जहां एक ओर सरकार हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर जल संस्थान पुरानी मशीनों के सहारे ही जलापूर्ति कर रहा है। इससे आए दिन शहरवासियों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। किसी न किसी की कमी के चलते मशीनें आए दिन खराब हो जाती हैं, जिससे जलापूर्ति बाधित हो रही है। पिछले कई दिनों से लोअर जोन के मोहल्ला महावीरपुरा, चौबयाना, मऊठाना, रैदासपुरा, विष्णु पुरा सहित कई क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति बाधित बनी हुई है। शनिवार की सुबह से इन क्षेत्रों के लोगों को फिर से हैंडपंप का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, जल संस्थान ने सुबह आठ बजे के आसपास जलापूर्ति की, लेकिन तब तक अधिकांश लोग हैंडपंप से पानी भर चुके थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से लोअर जोन में पेयजल की परेशानी बनी हुई है।
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शहर की जलापूर्ति तब तक ठीक नहीं होने वाली है, जब तक जल संस्थान नई पाइप लाइन नहीं बिछाएगा। सालों पुरानी पाइप लाइनों के सहारे आपूर्ति को सुचारु बनाना कठिन है। यही हाल जल संस्थान की मोटरों का है। मोटरें भी काफी पुरानी हो गई हैं, जिनसे आपूर्ति की जाती है।
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- राजू ताम्रकार
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वर्षों पहले यही जल संस्थान चौबीस घंटे पानी देता है, लेकिन अब सुबह एक घंटा भी पानी नहीं दे रहा है। अधिकारी कार्यालय में बैठकर इस समस्या का निवारण करते हैं। यदि समस्या की वास्तविकता तक पहुंचना है तो क्षेत्र का निरीक्षण नियमित करना होगा।
- शशि तिवारी
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बीते वर्षों में पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत लाखों रुपये खर्च किया जा चुका है, लेकिन लोअर जोन के हालातों में सुधार नहीं हो सका है। आज भी लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। पहले गर्मियों में पेयजल के लिए परेशानी खड़ी होती थी, लेकिन अब सर्दियों में समस्या होने लगी है।
- ब्रह्मानंद
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मोटर में समस्या आ गई थी, जिसकी मरम्मत करा ली गई है। आपरेटर की वजह से जलापूर्ति में व्यवधान हुआ है। हालांकि, बाद में जलापूर्ति की गई।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान