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Lalitpur News: उटारी, रोहिणी और लोअर रोहिणी बांध बांध का जलस्तर हुआ कम, जल संकट निकालेगा दम

Wed, 22 May 2024 04:47 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2024 04:47 AM IST
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Water level of Utari, Rohini and Lower Rohini dams reduced, water crisis will subside
ललितपुर। जनपद में भीषण गर्मी के बीच जल संकट गहराने की आंशका है। हालात यह है कि सभी चौदह बांधों का जलस्तर कम होने लगा है। उटारी, रोहिणी और लोअर रोहिणी बांध का जलस्तर अपने न्यूनतम जलस्तर के करीब पहुंच गया है। अन्य बांधों के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। जबकि अभी मानसून आने में करीब एक माह का समय शेष है। ऐसे में आने वाले दिनों जल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि विभाग के अफसरों का कहना है कि जलस्तर कम होने से आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
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जिले को बांधों का जनपद कहा जाता है। यहां पर सर्वाधिक चौदह बांध परियोजनाएं है। इन बांधों से करीब 60-70 फीसदी पानी सिंचाई के लिए उपयोग में आता है। जबकि पेयजल के लिए भी 0.05 फीसदी पानी उपयोग किया जाता है। वहीं हर घर जल नल पेयजल योजना के लिए भी पानी लिया जा रहा है। इधर बढ़ती हुई गर्मी के बीच जिले के बांधों का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। इनमें उटारी बांध के जलस्तर में न्यूनतम और वर्तमान जलस्तर में 0.30 सेंटीमीटर, रोहिणी में 0.35 सेंटीमीटर और लोअर रोहणी में 0.40 सेंटीमीटर का अंतर बचा हुआ है। इन तीनों बांधों का जलस्तर अपने न्यूनतम जलस्तर पहुंचने के करीब हैं और आने वाले दिनों में इन बांधों का जलस्तर न्यूनतम जलस्तर से कम होने की आशंका है। जबकि अभी मानसून आने में करीब एक माह का समय बचा हुआ है। इस कारण से आने वाले दिनों में तहसील महरौनी और मड़ावरा क्षेत्र में पेयजल की समस्या पनप सकती है। हालांकि विभाग के अफसरों का कहना है कि जलस्तर कम होने से आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
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बांधों के पूर्ण व वर्तमान जलस्तर कितना अंतर
जनपद के गोविंद सागर बांध में पूर्ण और वर्तमान जलस्तर में 2.48 मीटर, शहजाद बांध में 7.85 मीटर, जामनी बांध में 1.03 मीटर, सजनाम बांध में 2.24 मीटर, रोहिणी बांध में 0.35 मीटर का अंतर है। उटारी बांध में 0.30 मीटर, राजघाट बांध में 5.88 मीटर, माताटीला बांध में 3.73 मीटर, कचनौंदा बांध में 5.95 मीटर, लोआर रोहिणी बांध में 0.40 मीटर, जमरार बांध में 2.65 मीटर, भावनी बांध में 1.51 मीटर, बंडई बांध में 2.00 मीटर, भौंरट बांध में 1.55 मीटर का अंतर है।
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लोअर रोहिणी व रोहिणी बांध पर हर घर जल नल योजना है संचालित
जिले में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल नल योजना का काम चल रहा है। इसमें लोअर रोहिणी बांध पर सुकलगुवा पाइप पेयजल योजना संचालित की जानी है। जिसमें 80.80 किलोमीटर मैन लाइन से 16 गांवों में नल के करीब 3091 संयोजन होंगे। जिसमें करीब 20528 लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसी प्रकार रोहिणी बांध पर मड़ावरा पाइप पेयजल योजना संचालित है। इसमें करीब 125.60 किलोमीटर मैन पाइप लाइन बिछाई जा रही है। जिससे 17 गांवों में करीब 7419 नल के संयोजन किए जाने प्रस्तावित है। इससे 40571 लोगों को शुद्ध पानी देकर लाभान्वित होंगे।



उटारी, रोहिणी और लोअर रोहिणी बांध में जलस्तर न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के करीब है। मानसून में बारिश होने के कारण बांध का जलस्तर बढ़ जाएगा। वर्तमान में जल संकट की संभावना पैदा नहीं हो रही है। - वीएन वर्मा, लेखा सहायक, बाढ़ नियंत्रण कक्ष, सिंचाई खंड
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