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Lalitpur News: नहर में टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी, सूख रहीं फसलें
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नहर और माइनर में टेल तक पानी न पहुंचने से किसान फसलों की सिंचाई के लिए परेशान हैं। कहीं निजी नलकूप तो कहीं डीजल इंजन चलाकर फसल की सिंचाई चल रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर पानी नहीं मिला तो फसल सूख जाएगी, जिससे उन्हें फिर नुकसान उठाना पड़ेगा।
महरौनी क्षेत्र स्थित जामनी बांध की दायीं नहर से ग्राम पंचायत चंदावली के बम्हौरीघाट माइनर के टेल तक पानी नहीं पहुंचने से बम्हौरीघाट के 200 किसानों के खेतों में फसलें सूखने की कगार पर हैं। यदि जल्द पानी टेल तक नहीं पहुंचता है तो फसलें सूखने से उन्हें काफी नुकसान होगा।
जामनी नहर को अंजनी माता मंदिर के पास महरौनी रजवाहा और टीकमगढ़ रजवाहा नाम से दो भागों में बांटा गया है। दायीं और बायीं नहर में 15-15 दिन पानी की सप्लाई दी जाती है, लेकिन पांच जनवरी से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे इस गांव के दो सौ से ढाई सौ किसानों की फसलों का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा। किसानों का कहना है कि पांच जनवरी से अब तक पानी टेल तक नहीं पहुंचा है, जबकि मध्य प्रदेश में टीकमगढ़ रजवाहा नहर को खूब पानी दिया गया।
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इधर, मुड़िया माइनर, वैदपुर माइनर और बम्हौरीघाट टेल तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों की फसलें सूख रही हैं। ग्राम पंचायत चंदावली के किसानों का आरोप है कि उटारी बांध से रात में कुछ देर के लिए पानी छोड़ा जाता है, जबकि दिन में पानी न मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। प्रधान नेकपाल ने बताया कि नहर में आठ दिनों से पानी नहीं आ रहा है। ग्राम पंचायत जाखलौन क्षेत्र से निकली शहजाद नदी सूखने से किसान इंजन चलाकर फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के कारीटोरन सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों में खजरा माइनर से पानी नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि कई माह से खजरा गांव तक ही पानी आ पाता है। तालबेहट तहसील क्षेत्र के कडे़सरा कलां गांव के किसानों का कहना है कि एक माह पहले नहर में थोड़ा पानी आया था, उन्हें मात्र पांच या 6 घंटे पानी सिंचाई के लिए मिल पाया। अगर जल्द ही नहर में पानी न छोड़ा गया तो काफी नुकसान हो सकता है। गांव के कैलाश कुशवाहा, कल्लू यादव, रघुनाथ यादव आदि किसानों ने डीएम से नहर में पानी छुड़वाने की मांग की है।
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ललितपुर। नहर और माइनर में टेल तक पानी न पहुंचने से किसान फसलों की सिंचाई के लिए परेशान हैं। कहीं निजी नलकूप तो कहीं डीजल इंजन चलाकर फसल की सिंचाई चल रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर पानी नहीं मिला तो फसल सूख जाएगी, जिससे उन्हें फिर नुकसान उठाना पड़ेगा।
महरौनी क्षेत्र स्थित जामनी बांध की दायीं नहर से ग्राम पंचायत चंदावली के बम्हौरीघाट माइनर के टेल तक पानी नहीं पहुंचने से बम्हौरीघाट के 200 किसानों के खेतों में फसलें सूखने की कगार पर हैं। यदि जल्द पानी टेल तक नहीं पहुंचता है तो फसलें सूखने से उन्हें काफी नुकसान होगा।
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जामनी नहर को अंजनी माता मंदिर के पास महरौनी रजवाहा और टीकमगढ़ रजवाहा नाम से दो भागों में बांटा गया है। दायीं और बायीं नहर में 15-15 दिन पानी की सप्लाई दी जाती है, लेकिन पांच जनवरी से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे इस गांव के दो सौ से ढाई सौ किसानों की फसलों का उत्पादन प्रभावित हो जाएगा। किसानों का कहना है कि पांच जनवरी से अब तक पानी टेल तक नहीं पहुंचा है, जबकि मध्य प्रदेश में टीकमगढ़ रजवाहा नहर को खूब पानी दिया गया।
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इधर, मुड़िया माइनर, वैदपुर माइनर और बम्हौरीघाट टेल तक पानी नहीं पहुंचने से किसानों की फसलें सूख रही हैं। ग्राम पंचायत चंदावली के किसानों का आरोप है कि उटारी बांध से रात में कुछ देर के लिए पानी छोड़ा जाता है, जबकि दिन में पानी न मिलने से सिंचाई नहीं हो पा रही है। प्रधान नेकपाल ने बताया कि नहर में आठ दिनों से पानी नहीं आ रहा है। ग्राम पंचायत जाखलौन क्षेत्र से निकली शहजाद नदी सूखने से किसान इंजन चलाकर फसलों की सिंचाई कर रहे हैं।
सदर तहसील क्षेत्र के कारीटोरन सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों में खजरा माइनर से पानी नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि कई माह से खजरा गांव तक ही पानी आ पाता है। तालबेहट तहसील क्षेत्र के कडे़सरा कलां गांव के किसानों का कहना है कि एक माह पहले नहर में थोड़ा पानी आया था, उन्हें मात्र पांच या 6 घंटे पानी सिंचाई के लिए मिल पाया। अगर जल्द ही नहर में पानी न छोड़ा गया तो काफी नुकसान हो सकता है। गांव के कैलाश कुशवाहा, कल्लू यादव, रघुनाथ यादव आदि किसानों ने डीएम से नहर में पानी छुड़वाने की मांग की है।