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Lalitpur News: एलएचबी कोचों की छतों से टपक रहा पानी, आ रहीं शिकायतें
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-गीता जयंती का एक कोच रिपेयरिंग के लिए पहुंचा कोच कारखाना
-नवनिर्मित कोचों की संरचना के कारण एफआरपी टब में भर रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) के कोच संरचना के कारण बरसात में एसी कोच से पानी टपक रहा है। एफआरपी (फाइबर रीइन्फोर्समेंट प्लास्टिक) ट्यूब के चोक होने या दरार आने के कारण यह समस्या आ रही है। गीता जयंती एक्सप्रेस में भी यही समस्या सामने आई। इस कारण कोच को रिपेयरिंग के लिए कारखाना भेजा गया है।
आईसीएफ कोच को अब एलएचबी कोच में बदला जा रहा है। लेकिन, इनमें एक समस्या यह है कि एसी कोच की छत को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छत पर एसी लगाया गया है। बाहरी हिस्से में कोच की छत के ऊपर ब्लोअर की हवा फेंकने के लिए इसमें एक टब टाइप जगह बच जाती है। इससे बारिश में पानी एफआरपी टब तक पहुंच जाता है। टब के सीलिंग कमजोर होने या फिर चोक होने की स्थिति में उसमें पानी भर जाता है और यही पानी कोच में टपकने लगता है। हाल में कई शिकायतें झांसी रेल मंडल को मिली हैं। सीडीओ राजीव कुमार ने बताया कि खजुराहो से कुरुक्षेत्र जाने वाली गीता जयंती एक्सप्रेस में पानी टपकने की शिकायत प्राप्त हुई थी। कोच को कारखाने में रिपेयरिंग के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि एफआरपी टब में कोई समस्या होती है तो उसके बाद परमानेंट वेल्डिंग किया जाता है।
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वॉशिंग पिट में भी हो रहा जलभराव
कोच कारखाने में वॉशिंग पिट बना हुआ है। यहां कोचों के रखरखाव के अलावा साफ सफाई का काम होता है। लेकिन, बीते दिनों बरसात होने से पानी पिटों के अंदर भर गया है। इससे ट्रेनों के रखरखाव में दिक्कत आ रही है। जनरेटर पंप के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है।
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पानी न भरने का किया उपाय
स्टेशन पर पानी की आपूर्ति के लिए टंकी बनी हुई है। उसी के नीचे पंप हाउस है, इसमें भी बरसात का पानी न भर जाए, इसके उपाय रेल प्रशासन कर रहा है। सीडीओ के मुताबिक सड़क ऊंची हो जाने के कारण उसमें बरसात का पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। इसलिए मोटर तक पानी न पहुंचे इसके उपाय किए जा रहे हैं। क्योंकि, मोटर यदि फुंक जाएंगी तो स्टेशन पर पीने के पानी से लेकर ट्रेनों में रिफलिंग का कार्य भी प्रभावित होगा।
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-नवनिर्मित कोचों की संरचना के कारण एफआरपी टब में भर रहा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) के कोच संरचना के कारण बरसात में एसी कोच से पानी टपक रहा है। एफआरपी (फाइबर रीइन्फोर्समेंट प्लास्टिक) ट्यूब के चोक होने या दरार आने के कारण यह समस्या आ रही है। गीता जयंती एक्सप्रेस में भी यही समस्या सामने आई। इस कारण कोच को रिपेयरिंग के लिए कारखाना भेजा गया है।
आईसीएफ कोच को अब एलएचबी कोच में बदला जा रहा है। लेकिन, इनमें एक समस्या यह है कि एसी कोच की छत को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छत पर एसी लगाया गया है। बाहरी हिस्से में कोच की छत के ऊपर ब्लोअर की हवा फेंकने के लिए इसमें एक टब टाइप जगह बच जाती है। इससे बारिश में पानी एफआरपी टब तक पहुंच जाता है। टब के सीलिंग कमजोर होने या फिर चोक होने की स्थिति में उसमें पानी भर जाता है और यही पानी कोच में टपकने लगता है। हाल में कई शिकायतें झांसी रेल मंडल को मिली हैं। सीडीओ राजीव कुमार ने बताया कि खजुराहो से कुरुक्षेत्र जाने वाली गीता जयंती एक्सप्रेस में पानी टपकने की शिकायत प्राप्त हुई थी। कोच को कारखाने में रिपेयरिंग के लिए लाया गया है। उन्होंने बताया कि एफआरपी टब में कोई समस्या होती है तो उसके बाद परमानेंट वेल्डिंग किया जाता है।
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वॉशिंग पिट में भी हो रहा जलभराव
कोच कारखाने में वॉशिंग पिट बना हुआ है। यहां कोचों के रखरखाव के अलावा साफ सफाई का काम होता है। लेकिन, बीते दिनों बरसात होने से पानी पिटों के अंदर भर गया है। इससे ट्रेनों के रखरखाव में दिक्कत आ रही है। जनरेटर पंप के माध्यम से पानी निकाला जा रहा है।
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पानी न भरने का किया उपाय
स्टेशन पर पानी की आपूर्ति के लिए टंकी बनी हुई है। उसी के नीचे पंप हाउस है, इसमें भी बरसात का पानी न भर जाए, इसके उपाय रेल प्रशासन कर रहा है। सीडीओ के मुताबिक सड़क ऊंची हो जाने के कारण उसमें बरसात का पानी भरने की आशंका बढ़ गई है। इसलिए मोटर तक पानी न पहुंचे इसके उपाय किए जा रहे हैं। क्योंकि, मोटर यदि फुंक जाएंगी तो स्टेशन पर पीने के पानी से लेकर ट्रेनों में रिफलिंग का कार्य भी प्रभावित होगा।