{"_id":"62c1f8ce1f1baa172d37fe00","slug":"water-crisis-will-end-in-villages-now-more-water-will-be-available-from-dams-lalitpur-news-jhs224098738","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांवों मेें खत्म होगा जल संकट, बांधों से अब ज्यादा मिलेगा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांवों मेें खत्म होगा जल संकट, बांधों से अब ज्यादा मिलेगा पानी
विज्ञापन
ललितपुर। नमामि गंगे योजना के तहत चल रहीं हर घर जल नल पाइपलाइन परियोजना में जिले के अधिकांश बांधों को भी शामिल कर लिया गया है। इन बांधों से निर्धारित मानक पर पेयजल लिया जाएगा और इस पेयजल का भुगतान निर्धारित की गई दर के अनुसार सिंचाई विभाग को देना होगा। भुगतान न करने की दशा में बांध से पानी नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किस बांध से कितना पानी लेना है। इसके बाद जिले के गांवों में जल संकट खत्म हो जाएगा।
जनपद को पूरे देश में बांध परियोजनाओं से पहचाना जाता है। जनपद के अधिकांश बांधों के पानी का प्रयोग खेत में फसलों की सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाता है। कुछ ही ऐसे बांध हैं, जिनका प्रयोग पेयजल योजनाओं के लिए हो रहा है। अब नमामि गंगे के तहत विंध्यांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ जनपदों में चल रही हर घर जल नल योजना में जिले के अधिकांश बांधों को भी सम्मिलित कर लिया गया है। नमामि गंगे योजना के तहत पाइप परियोजना के लिए बंडई, शहजाद, जमडार, जामिनी, कचनौदा, लोअर रोहणी, रोहिणी, सजनाम, भौंरट, राजघाट, भावनी और माताटीला बांध से पानी लिया जाएगा। इसके लिए शासन ने यह भी तय कर दिया है कि किस बांध से कितना फीसदी पानी लिया जाएगा। सभी बांधों से अलग-अलग फीसदी में पानी लिया जाएगा। इन बांधों से निर्धारित मानक पर पेयजल लिया जाएगा और इस पेयजल का भुगतान निर्धारित की गई दर के अनुसार भुगतान सिंचाई विभाग को देना होगा। भुगतान न करने पर बांध से पानी देना बंद कर दिया जाएगा। गौरतलब हो कि अभी तक कुछ बांधों से 0.05 फीसदी पानी ही लिया जा रहा है लेकिन आगे हर बांध से पानी का अंश बढ़ जाने से योजना के अच्छे परिणाम सामने आने का दावा किया जा रहा है।
----------
बांधों पर चल रही यह परियोजनाओं की सूची
बांधों के नाम - परियोजना - योजना हेतु जलापूर्ति अंश
बंडई बांध - टोरी ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 1.35 फीसदी
शहजाद - मदनपुर ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 2.90 फीसदी
जमडार - सौजना गुढ़ा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 3.34 फीसदी
जामिनी - सैदपुर कुम्हैडी ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 4.40 फीसदी
- गौना नाराहट ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 2.36 फीसदी
कचनौदा - कचनौदा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 8.23 फीसदी
लोअर रोहिणी - सुकलगुंवा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 1.26 फीसदी
रोहिणी - मड़ावरा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 2.29 फीसदी
सजनाम - मसौरा- सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 5.86 फीसदी
भौंरट - बिल्ला मोहगन ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 1.71 फीसदी
राजघाट - लागौन ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 5.91 फीसदी
भावनी - चंदावली-सता ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 1.47 फीसदी
माताटीला - बुढपुरा ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 6.66 फीसदी
---------------
बांधों पर लगेंगे जलमापी यंत्र
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा पेयजल योजनाओं के लिए जल की आपूर्ति हेतु जलमापी यंत्र लगाए जाएंगे। अवर अभियंता, अमीन या सिंचाई विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी कर्मचारी को जल मापी यंत्र एवं उससे प्राप्त मापी का निरीक्षण करेंगे। यह यंत्र हमेशा क्रियाशील रहेंगे। मापी यंत्र क्रियाशील नहीं पाए जाने पर पिछले तीन माह की जलापूर्ति के अनुसार नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा प्राप्त करने की मात्रा की गणना की जाएगी।
विज्ञापन
----------
निर्धारित शुल्क छह माह अदा न करने पर पानी की सप्लाई होगी बंद
परियोजना के लिए बांधों से लिए जाने वाले पानी को शासन द्वारा निर्धारित की गई दर 12.48 रुपये प्रति हजार घन फीट के हिसाब से दिया जाएगा। भुगतान की समय सीमा छह माह तय की गई है। 30 दिन का नोटिस देने के बाद भी भुगतान न होने पर सिंचाई विभाग जलापूर्ति बंद कर देगा।
-----------
वर्जन-
हर घर जल नल योजना के तहत इस साल अधिकांश गांवों में पानी पहुंच जाएगा। पानी की जरूरत को बांधों से पूरा किया जाएगा। इसके लिए बांधों से जल का अंश बढ़ाया जा रहा है। -लवकुश त्रिपाठी, एडीएम नमामि गंगे
विज्ञापन
जनपद को पूरे देश में बांध परियोजनाओं से पहचाना जाता है। जनपद के अधिकांश बांधों के पानी का प्रयोग खेत में फसलों की सिंचाई के लिए प्रयोग किया जाता है। कुछ ही ऐसे बांध हैं, जिनका प्रयोग पेयजल योजनाओं के लिए हो रहा है। अब नमामि गंगे के तहत विंध्यांचल व बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ जनपदों में चल रही हर घर जल नल योजना में जिले के अधिकांश बांधों को भी सम्मिलित कर लिया गया है। नमामि गंगे योजना के तहत पाइप परियोजना के लिए बंडई, शहजाद, जमडार, जामिनी, कचनौदा, लोअर रोहणी, रोहिणी, सजनाम, भौंरट, राजघाट, भावनी और माताटीला बांध से पानी लिया जाएगा। इसके लिए शासन ने यह भी तय कर दिया है कि किस बांध से कितना फीसदी पानी लिया जाएगा। सभी बांधों से अलग-अलग फीसदी में पानी लिया जाएगा। इन बांधों से निर्धारित मानक पर पेयजल लिया जाएगा और इस पेयजल का भुगतान निर्धारित की गई दर के अनुसार भुगतान सिंचाई विभाग को देना होगा। भुगतान न करने पर बांध से पानी देना बंद कर दिया जाएगा। गौरतलब हो कि अभी तक कुछ बांधों से 0.05 फीसदी पानी ही लिया जा रहा है लेकिन आगे हर बांध से पानी का अंश बढ़ जाने से योजना के अच्छे परिणाम सामने आने का दावा किया जा रहा है।
विज्ञापन
----------
बांधों पर चल रही यह परियोजनाओं की सूची
बांधों के नाम - परियोजना - योजना हेतु जलापूर्ति अंश
बंडई बांध - टोरी ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 1.35 फीसदी
शहजाद - मदनपुर ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 2.90 फीसदी
जमडार - सौजना गुढ़ा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 3.34 फीसदी
जामिनी - सैदपुर कुम्हैडी ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 4.40 फीसदी
- गौना नाराहट ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 2.36 फीसदी
कचनौदा - कचनौदा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 8.23 फीसदी
लोअर रोहिणी - सुकलगुंवा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 1.26 फीसदी
रोहिणी - मड़ावरा ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना - 2.29 फीसदी
सजनाम - मसौरा- सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 5.86 फीसदी
भौंरट - बिल्ला मोहगन ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 1.71 फीसदी
राजघाट - लागौन ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 5.91 फीसदी
भावनी - चंदावली-सता ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 1.47 फीसदी
माताटीला - बुढपुरा ग्राम समूह पेयजल परियोजना - 6.66 फीसदी
---------------
बांधों पर लगेंगे जलमापी यंत्र
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा पेयजल योजनाओं के लिए जल की आपूर्ति हेतु जलमापी यंत्र लगाए जाएंगे। अवर अभियंता, अमीन या सिंचाई विभाग के किसी अन्य अधिकृत अधिकारी कर्मचारी को जल मापी यंत्र एवं उससे प्राप्त मापी का निरीक्षण करेंगे। यह यंत्र हमेशा क्रियाशील रहेंगे। मापी यंत्र क्रियाशील नहीं पाए जाने पर पिछले तीन माह की जलापूर्ति के अनुसार नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा प्राप्त करने की मात्रा की गणना की जाएगी।
विज्ञापन
----------
निर्धारित शुल्क छह माह अदा न करने पर पानी की सप्लाई होगी बंद
परियोजना के लिए बांधों से लिए जाने वाले पानी को शासन द्वारा निर्धारित की गई दर 12.48 रुपये प्रति हजार घन फीट के हिसाब से दिया जाएगा। भुगतान की समय सीमा छह माह तय की गई है। 30 दिन का नोटिस देने के बाद भी भुगतान न होने पर सिंचाई विभाग जलापूर्ति बंद कर देगा।
-----------
वर्जन-
हर घर जल नल योजना के तहत इस साल अधिकांश गांवों में पानी पहुंच जाएगा। पानी की जरूरत को बांधों से पूरा किया जाएगा। इसके लिए बांधों से जल का अंश बढ़ाया जा रहा है। -लवकुश त्रिपाठी, एडीएम नमामि गंगे