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पेयजल किल्लत से जूझ रही शहर की करीब चालीस हजार की आबादी

Mon, 15 Jun 2020 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2020 12:54 AM IST
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water crisis in city
नेहरू नगर में टैंकर से पानी भरते लोग - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। शहर की आधी आबादी पेयजल की भीषण किल्लत से जूझ रही है। पूरे गर्मी के सीजन में इन क्षेत्रों के लोगों को बूूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ा है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में जुगपुरा वार्ड नंबर आठ, सिद्दनपुरा वार्ड नंबर एक, नेहरू नगर वार्ड नंबर तीन और रैदासपुरा वार्ड नंबर दो शामिल हैं। यही नहीं, मोहल्ला सिविल लाइन, गांधीनगर, आजादपुरा में भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। करीब चालीस हजार की आबादी को पानी की परेशानी हो रही है।
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प्रधानमंत्री ने शहरी परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अम्रुत योजना लागू की, लेकिन इससे शहर वासियों का भला नहीं हो सका। विभिन्न वार्डों में आज भी पेयजल का भीषण संकट है। जल संस्थान की आए दिन पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा रही है। जुगपुरा वार्ड नंबर आठ, सिद्धनपुरा वार्ड नंबर एक, नेहरू नगर वार्ड नंबर तीन और रैदासपुरा वार्ड नंबर दो में पंद्रह से बीस मिनट की ही पेयजलापूर्ति हो रही है, जो नाकाफी साबित हो रही है।
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सिद्धनपुरा में दो- ढाई महीने से पेयजल की समस्या है, जिसका अभी तक निदान नहीं किया जा सका है। यहां पाइप लाइन की आपूर्ति बाधित बनी हुई है। वहीं, मोहल्लेवासियों को टैंकर की आपूर्ति नहीं मिलने की भी शिकायत है। वार्ड सभासद ने कई बार जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार को लिखित प्रार्थना पत्र दिए। इसके बाद भी न तो अभी तक पाइप लाइन की आपूर्ति दुरुस्त हो पाई और न वार्ड में पानी के टैंकर भेजे गए।
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उधर, मोहल्ला नेहरू नगर में प्रेशर से नलों में पानी नहीं आने की दिक्कत है। यहां नलों से केवल पंद्रह मिनट तक ही आपूर्ति हो रही है। इस वजह से लोगों की टैंकर व हैंडपंपों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। इसके अतिरिक्त वार्ड जुगपुरा में भी लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड रहा है। वार्ड नंबर एक रैदासपुरा ऐसा क्षेत्र है, जहां बारह महीने पेयजल की समस्या बनी रहती है। कई बार अधिकारियों ने यहां का सर्वे करके जलापूर्ति दुरुस्त बनाने की कोशिश की, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके अतिरिक्त आजादपुरा प्रथम, गांधीनगर, गोविंद नगर, पटेल नगर और सिविल लाइन के कई इलाकों में पेयजल की समस्या है।
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शहर की आपूर्ति दुरुस्त करने के लिए पाइप लाइनों का विस्तार करने की जरूरत है। कई क्षेत्रों में या तो पाइप लाइन नहीं है या फिर कई जगहों पर पाइप लाइन जंग खा चुकी है। इससे पाइप लाइनों में लीकेज की समस्या बनी रहती है, जो गंदे पानी की आपूर्ति का कारण बनते हैं।
- सरोज
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शहर में पेयजल पुनर्गठन योजना लागू करने की जरूरत है। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सालों पुरानी पाइप लाइन बिछी हुई। वर्तमान में जल के उपभोक्ता बढ़ गए हैं, लेकिन उसके हिसाब से पाइप लाइनों का विस्तार नहीं किया गया है। इस कारण उन पाइप लाइनों में लोगों की जरूरत के मुताबिक पानी कम मिल पाता है।
- शिवबाई
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मोहल्ले की गलियों में पानी के टैंकर नहीं पहुंचते हैं। इस कारण मोहल्लेवासी टैंकर आते ही अपने-अपने डिब्बा व टंकी लेकर दौड़ पड़ते हैं और पानी भरने के लिये टैंकर पर भारी भीड़ लग जाती है। टैंकर खाली होने में दस मिनट से ज्यादा का समय नहीं लगता है। जुगपुरा, सिद्धनपुरा और नेहरू नगर में लोगों को भरी दोपहर में पानी भरना पड़ रहा है।
- राजाबेटी
जल संस्थान के अधिकारी मोहल्ले में हकीकत देखने के लिए नहीं आते हैं। आज भी मोहल्ले में खराब हैंडपंप देखे जा सकते हैं, जिससे मुहल्लेवासियों को पानी नहीं मिल पा रहा है। सीमित संख्या में हैंडपंप चालू होने से पानी भरने के चक्कर में रोज तू तू- मैं मैं हो रही है।
- क्रांति
जुगपुरा व सिद्धनपुरा में लोग आधा से एक किलोमीटर दूरी से पानी भरकर ला रहे हैं। जल संस्थान जानबूझकर खराब हैंडपंपों को सही नहीं करा रहा है। मोहल्ले की जलापूर्ति की लगातार अनदेखी हो रही है, जिससे लोगों को पानी के लिये दर-दर भटकने के लिये मजबूर होना पड़ रहा है।
- कुंवरराज
जल संस्थान की टैंकर की आपूर्ति स्थानीय नागरिकों को संतुष्ट नहीं कर पा रही है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि तमाम लोग टैंकर आने के बाद भी हैंडपंपों से पानी भरते हैं। घर खर्च के लिये पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। जब पूरा परिवार पानी भरता है, तब जाकर पानी का इंतजाम हो पाता है।

- जाहर सिंह
शहर में पेयजल की समस्या है। इससे निपटने के लिए अधिक से अधिक टैंकर चलवाए जाएंगे। जो टैंकर खराब हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा। खराब टैंकरों की सूची जल संस्थान से मांगी गई है।
- रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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