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आखिर कब होगी अमृत की आपूर्ति
lalitpur
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:42 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। अमृत योजना के तहत नेहरु नगर पेयजल योजना वर्ष 2015-16 में शुरू की गई थी, लेकिन यह योजना केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई है। बीते दो-तीन वर्षों में विभाग अब तक इसके डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को अंतिम रुप नहीं दे पाया है। अब विभाग की इस योजना में शहर के दो अन्य वार्डों को भी शामिल किया जा रहा है।16 करोड़ से शुरु की गई यह योजना वर्तमान में 42 करोड़ के बजट तक पहुंच गई है, जबकि अभी तक शासन की ओर से एक रुपए भी बजट के रूप में उपलब्ध नहीं कराया गया है।
शहरी क्षेत्रों का कायाकल्प करने के लिए भारत सरकार द्वारा अमृत योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहर के नेहरु नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही गंभीर पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2015-16 में नेहरु नगर पेयजल योजना को शासन से मंजूरी मिली थी। शुरुआती समय में यह नेहरु नगर पेेयजल योजना जल संस्थान द्वारा तैयार की गई थी, इसकी कुल लागत लगभग 16 करोड़ रुपए थी। इसके बाद शासन ने इस योजना की डीपीआर तैयार करने के लिए जल निगम को निर्देश दिए थे। इसके बाद यह कार्ययोजना लगभग 23 करोड़ की लागत पर पहुंच गई। जैसे-जैसे समय गुजरता गया तो यह योजना लगभग 29 करोड़ की लागत तक पहुंच गई, इस योजना में नेहरु नगर में वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की स्थापना कराना प्रस्तावित कर दिया गया था। इसके बाद हाल ही में नेहरु नगर पेयजल योजना को विस्तृत कर दिया है, इसके बाद यह योजना वर्तमान में लगभग 42 करोड़ की लागत तक पहुंच गई है। इस नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना को शासन से स्वीकृति मिले हुए तीन वर्ष बीतने वाले हैं, लेकिन अभी तक इस योजना को धरातल पर लाने के लिए शासन से एक रुपए का भी बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है, हर वर्ष केवल योजना का विस्तार किया जा रहा है।
भाजपा ने तोड़ा जनता का विश्वास
बीते विधानसभा चुनाव में भाजपाइयों ने नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना के नाम पर नेहरु नगर में रहने वाले करीब बीस हजार लोगों को भरोसा दिया था कि जल्द ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। नेहरु नगर वासी पेयजल की समस्या का वर्षों से सामना करते आ रहे हैं। इस योजना को स्वीकृति मिलने पर भाजपाइयों ने केंद्र में बैठी अपनी पार्टी के नाम पर पूरा श्रेय लूटा था, शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग बेनर लगाकर इसका प्रचार भी किया गया था। भाजपा ने भारी वोट हासिल कर जीत को हासिल कर ली है, लेकिन अभी तक भाजपाई कार्ययोजना को धरातल पर श्ुरु नहीं करा पाए हैं।
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वार्ड नंबर आठ और दस में भी पहुंचेगा पानी
इस नेहरु नगर अमृत योजना के तहत वार्ड नंबर 4 और 6 में जलापूर्ति की जानी थी, लेकिन अब शहर के वार्ड नंबर 08 और 10 को भी इसमें शामिल कर लिया है। इसके लिए जल निगम ने डीपीआर भी तैयार कर ली है और इसको मंजूरी के लिए शासन को भी भेज दी है। इसकी कुल लागत लगभग 42 करोड़ आंकी गई है। वार्ड नंबर 8 और 10 के मुहल्ला चांदमारी, वसुंधरा कालोनी, आईटीआई कॉलेज क्षेत्र, सिद्घनपुरा, सदनशाह आदि इलाकों में भी जलापूर्ति की जाएगी। उक्त क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए नेहरु नगर में ही एक और अतिरिक्त टंकी बनाई जाएगी, इसमें नेहरु नगर में बनाए जा रहे वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट से ही पानी लिया जाएगा। चारों वार्डों में जलापूर्ति के लिए दो पानी की टंकी बनाई जाने हैं, दोनों ही नेहरु नगर में स्थित नेहरु युवा केंद्र की पुरानी जमीन पर बनाई जाएगी, इसको पूर्व में ही चिह्नित कर सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
अब तक सिंचाई विभाग से नहीं बनी सहमति
यह अमृत पेयजल योजना तीन वर्षों से कागजों पर चल रही है और हर वर्ष इसमें बजट की बढ़ोतरी भी होती जा रही है। इस योजना के तहत की जाने वाली जलापूर्ति के लिए जल निगम गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी लेगा, लेकिन अभी तक बांध से पानी लेने के लिए जल निगम ने सिंचाई विभाग से सहमति नहीं ली है, जबकि कार्य योजना बनाने से पूर्व में ही सिंचाई विभाग से सहमति लेनी चाहिए थी, यदि विभाग बांध से पानी देने के लिए मना कर देता है तो फिर कार्य योजना में फेरबदल किया जाएगा और कोई अन्य विकल्प निकाला जाएगा।
इनका कहना है
नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना में वार्ड नंबर 8 और 10 को भी शामिल किया जा रहा है। इसके लिए डीपीआर तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी गई है। वहीं, गोविंद सागर बांध से पानी लेने की स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है, मौखिक तौर पर विभागीय अधिकारियों से सहमति ले ली गई है।
-दिनेश कुमार
सहायक अभियंता जल निगम निमार्ण खंड/ प्रभारी नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना ललितपुर।
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शहरी क्षेत्रों का कायाकल्प करने के लिए भारत सरकार द्वारा अमृत योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत शहर के नेहरु नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही गंभीर पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2015-16 में नेहरु नगर पेयजल योजना को शासन से मंजूरी मिली थी। शुरुआती समय में यह नेहरु नगर पेेयजल योजना जल संस्थान द्वारा तैयार की गई थी, इसकी कुल लागत लगभग 16 करोड़ रुपए थी। इसके बाद शासन ने इस योजना की डीपीआर तैयार करने के लिए जल निगम को निर्देश दिए थे। इसके बाद यह कार्ययोजना लगभग 23 करोड़ की लागत पर पहुंच गई। जैसे-जैसे समय गुजरता गया तो यह योजना लगभग 29 करोड़ की लागत तक पहुंच गई, इस योजना में नेहरु नगर में वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट की स्थापना कराना प्रस्तावित कर दिया गया था। इसके बाद हाल ही में नेहरु नगर पेयजल योजना को विस्तृत कर दिया है, इसके बाद यह योजना वर्तमान में लगभग 42 करोड़ की लागत तक पहुंच गई है। इस नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना को शासन से स्वीकृति मिले हुए तीन वर्ष बीतने वाले हैं, लेकिन अभी तक इस योजना को धरातल पर लाने के लिए शासन से एक रुपए का भी बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है, हर वर्ष केवल योजना का विस्तार किया जा रहा है।
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भाजपा ने तोड़ा जनता का विश्वास
बीते विधानसभा चुनाव में भाजपाइयों ने नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना के नाम पर नेहरु नगर में रहने वाले करीब बीस हजार लोगों को भरोसा दिया था कि जल्द ही इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। नेहरु नगर वासी पेयजल की समस्या का वर्षों से सामना करते आ रहे हैं। इस योजना को स्वीकृति मिलने पर भाजपाइयों ने केंद्र में बैठी अपनी पार्टी के नाम पर पूरा श्रेय लूटा था, शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग बेनर लगाकर इसका प्रचार भी किया गया था। भाजपा ने भारी वोट हासिल कर जीत को हासिल कर ली है, लेकिन अभी तक भाजपाई कार्ययोजना को धरातल पर श्ुरु नहीं करा पाए हैं।
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वार्ड नंबर आठ और दस में भी पहुंचेगा पानी
इस नेहरु नगर अमृत योजना के तहत वार्ड नंबर 4 और 6 में जलापूर्ति की जानी थी, लेकिन अब शहर के वार्ड नंबर 08 और 10 को भी इसमें शामिल कर लिया है। इसके लिए जल निगम ने डीपीआर भी तैयार कर ली है और इसको मंजूरी के लिए शासन को भी भेज दी है। इसकी कुल लागत लगभग 42 करोड़ आंकी गई है। वार्ड नंबर 8 और 10 के मुहल्ला चांदमारी, वसुंधरा कालोनी, आईटीआई कॉलेज क्षेत्र, सिद्घनपुरा, सदनशाह आदि इलाकों में भी जलापूर्ति की जाएगी। उक्त क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए नेहरु नगर में ही एक और अतिरिक्त टंकी बनाई जाएगी, इसमें नेहरु नगर में बनाए जा रहे वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट से ही पानी लिया जाएगा। चारों वार्डों में जलापूर्ति के लिए दो पानी की टंकी बनाई जाने हैं, दोनों ही नेहरु नगर में स्थित नेहरु युवा केंद्र की पुरानी जमीन पर बनाई जाएगी, इसको पूर्व में ही चिह्नित कर सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
अब तक सिंचाई विभाग से नहीं बनी सहमति
यह अमृत पेयजल योजना तीन वर्षों से कागजों पर चल रही है और हर वर्ष इसमें बजट की बढ़ोतरी भी होती जा रही है। इस योजना के तहत की जाने वाली जलापूर्ति के लिए जल निगम गोविंद सागर बांध से कच्चा पानी लेगा, लेकिन अभी तक बांध से पानी लेने के लिए जल निगम ने सिंचाई विभाग से सहमति नहीं ली है, जबकि कार्य योजना बनाने से पूर्व में ही सिंचाई विभाग से सहमति लेनी चाहिए थी, यदि विभाग बांध से पानी देने के लिए मना कर देता है तो फिर कार्य योजना में फेरबदल किया जाएगा और कोई अन्य विकल्प निकाला जाएगा।
इनका कहना है
नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना में वार्ड नंबर 8 और 10 को भी शामिल किया जा रहा है। इसके लिए डीपीआर तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दी गई है। वहीं, गोविंद सागर बांध से पानी लेने की स्वीकृति के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है, मौखिक तौर पर विभागीय अधिकारियों से सहमति ले ली गई है।
-दिनेश कुमार
सहायक अभियंता जल निगम निमार्ण खंड/ प्रभारी नेहरु नगर अमृत पेयजल योजना ललितपुर।