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बोरिंग मशीन वाहन से कुचलकर ग्रामीण की मौत, पुलिस से धक्का-मुक्की, जाम लगाकर हंगामा
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ललितपुर। पुलिस कर्मी का डंडा पकड़े ग्रामीण
- फोटो : LALITPUR
मड़ावरा (ललितपुर)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम साढूमल में सड़क के मोड़ पर बोरिंग मशीन की चपेट में आकर एक साइकिल सवार की मौत हो गई। वहीं महिला समेत दो लोग वाहन के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना के बावजूद एंबुलेंस आने में देरी होने से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा कर जाम लगा दिया। कुछ लोगों ने वाहन में आग लगाने की कोशिश की तो मौजूद पुलिस की उनसे नोकझोंक और धक्का मुक्की होने लगी। लोगों ने दो घंटे तक शव नहीं उठने दिया। मौके पर मौजूद कुछ बुजुर्गों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
कोतवाली क्षेत्र के गांव साढूमल के बंगाली मोहल्ला निवासी कन्हई (40) पुत्र जमना कुशवाहा जलकल विभाग में मजदूर था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह साइकिल से हाईवे के रास्ते मड़ावरा से वापस अपने गांव लौट रहा था। वहीं मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ निवासी ममता विश्वकर्मा एवं मनोज अहिरवार, जो एक एनजीओ में कार्यरत हैं वह बाइक से मड़ावरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही निजी बोरिंग मशीन गाड़ी ने साइकिल और बाइक सवारों को चपेट में ले लिया। तीनों वाहन के नीचे दब गए। हादसा होते ही चालक वाहन खड़ा कर भाग गया।
जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और किसी तरह बाइक व साइकिल सवारों को वाहन के नीचे से बाहर निकाला। घटना की सूचना पर एंबुलेंस आने में देरी होने से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा, लेकिन मृतक कन्हई का शव ग्रामीणों ने नहीं उठने दिया। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर वाहन चालक को गिरफ्तार करने की मांग कर हंगामा करना शुरू कर दिया।
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इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने वाहन में आग लगाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोका, इस पर ग्रामीण पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे।
सिपाही ने डंडा उठाया तो भड़क गई भीड़, आसपास के थानों का फोर्स पहुंचा
हंगामे के दौरान एक सिपाही ने डंडा चलाने की कोशिश की तो भीड़ भड़क गई और डंडा पकड़कर विरोध शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देख आसपास के थानों का फोर्स बुला लिया गया। सीओ केशवनाथ व गांव के बुजुर्गों ने गुस्साए ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। मृतक के पुत्र गोकुल कुशवाहा की तहरीर पर पुलिस ने बोरिंग वाहन के अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
अंधा मोड़ बना हादसे का कारण
मडावरा से महरौनी हाईवे पर बुदनी गांव के निकट तिराहा पर अंधा मोड़ होने के कारण पहले भी यहां हादसे होते रहते हैं। बताते हैं कि इस सड़क पर संकेतांक तो लगे थे लेकिन वाहन चालक इस पर ध्यान नहीं देते हैं। इसी कारण आए दिन यहां सड़क हादसे होते रहते हैं।
बाइक सवार नहीं लगाए थे हेलमेट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार हेलमेट लगाए होते तो उनके सिर में चोट नहीं आती। लोगों ने बताया कि बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। यदि जरा सी चूक होती तो बाइक सवार पहिया के नीचे आ सकते थे तो बड़ा हादसा हो जाता। पुलिस ने बोरिंग मशीन वाहन को कब्जे में लेकर बाइक को नीचे से निकलवाया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव साढूमल के बंगाली मोहल्ला निवासी कन्हई (40) पुत्र जमना कुशवाहा जलकल विभाग में मजदूर था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह साइकिल से हाईवे के रास्ते मड़ावरा से वापस अपने गांव लौट रहा था। वहीं मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ निवासी ममता विश्वकर्मा एवं मनोज अहिरवार, जो एक एनजीओ में कार्यरत हैं वह बाइक से मड़ावरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही निजी बोरिंग मशीन गाड़ी ने साइकिल और बाइक सवारों को चपेट में ले लिया। तीनों वाहन के नीचे दब गए। हादसा होते ही चालक वाहन खड़ा कर भाग गया।
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जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और किसी तरह बाइक व साइकिल सवारों को वाहन के नीचे से बाहर निकाला। घटना की सूचना पर एंबुलेंस आने में देरी होने से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल भेजा, लेकिन मृतक कन्हई का शव ग्रामीणों ने नहीं उठने दिया। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कर वाहन चालक को गिरफ्तार करने की मांग कर हंगामा करना शुरू कर दिया।
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इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने वाहन में आग लगाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोका, इस पर ग्रामीण पुलिस से धक्का-मुक्की करने लगे।
सिपाही ने डंडा उठाया तो भड़क गई भीड़, आसपास के थानों का फोर्स पहुंचा
हंगामे के दौरान एक सिपाही ने डंडा चलाने की कोशिश की तो भीड़ भड़क गई और डंडा पकड़कर विरोध शुरू कर दिया। हालात बेकाबू होते देख आसपास के थानों का फोर्स बुला लिया गया। सीओ केशवनाथ व गांव के बुजुर्गों ने गुस्साए ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया और रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने करीब दो घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया। मृतक के पुत्र गोकुल कुशवाहा की तहरीर पर पुलिस ने बोरिंग वाहन के अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।
अंधा मोड़ बना हादसे का कारण
मडावरा से महरौनी हाईवे पर बुदनी गांव के निकट तिराहा पर अंधा मोड़ होने के कारण पहले भी यहां हादसे होते रहते हैं। बताते हैं कि इस सड़क पर संकेतांक तो लगे थे लेकिन वाहन चालक इस पर ध्यान नहीं देते हैं। इसी कारण आए दिन यहां सड़क हादसे होते रहते हैं।
बाइक सवार नहीं लगाए थे हेलमेट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक सवार हेलमेट लगाए होते तो उनके सिर में चोट नहीं आती। लोगों ने बताया कि बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। यदि जरा सी चूक होती तो बाइक सवार पहिया के नीचे आ सकते थे तो बड़ा हादसा हो जाता। पुलिस ने बोरिंग मशीन वाहन को कब्जे में लेकर बाइक को नीचे से निकलवाया।