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दुर्दशा पर आंसू बहा रहा विलेज हॉट बाजार
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सिलावन स्थित विलेज हॉट बाजार के मैदान में भरा पानी
- फोटो : LALITPUR
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सिलावन(ललितपुर)। विकास खंड महरौनी के अंतर्गत सिलावन गांव में स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजनान्तर्गत निर्मित विलेज हाट (बाजार) अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। जिस स्थान पर सामान की बिक्री होनी थी, वहां उपले बनाकर सुखाए जा रहे हैं। दुकानों में भूसा भरा जा रहा। जिससे शासन प्रशासन की मंशा पर पानी फिर रहा है।
ग्राम सिलावन में वर्ष 2009-10 में स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजनान्तर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित सामान को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से विलेज हाट बाजार बनाया गया।11 वर्ष बीतने के बाद भी इसका उद्घाटन नहीं हो सका है। उस वक्त 15 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया गया है। इसमें सामान रखने के लिए दुकानें बनाए गई थीं, साथ ही बिक्री के लिए टीन शेड, बाजार के चारों ओर चारदिवारी के निर्माण के अलावा शौचालय व पानी की व्यवस्था भी की गई लेकिन जिन दुकानों का निर्माण हुआ था, वह देखरेख के अभाव में जर्जर नजर आने लगी हैं। बाजार की चारदिवारी धराशाई हो गई। वहीं, टिनशेड में से टिन गायब हो गए हैं। इसके अतिरिक्त चबूतरे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मौजूदा समय में विलेज हाट में बनी दुकानों में ग्रामीण कंडे, भूसा इत्यादि रख रहे हैं।
वहीं, प्रांगण में कंडे (उपले) थापे जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि विकासखंड में महिला स्वयं सहायता समूह नहीं हों, यहां सैकड़ों की संख्या में महिला समूह चल रहे हैं। बिक्री के लिए उचित स्थान नहीं मिलने से समूह की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। माल नहीं बिकने के चलते कई समूहों ने तो उत्पाद बनाना ही बंद कर दिया हैं। इस ओर विभागीय अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से सरकार की मंशा पर झटका लग रहा है। वहीं, समाजसेवी संस्थाएं भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर अपेक्षित है।
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समूह द्वारा निर्मित उत्पाद को बेचने के लिए उचित स्थान नहीं है। इससे माल को बेचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समय पर उत्पाद नहीं बिकने से आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ती है। बबीता देवी (सदस्य अबार माता)
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ग्राम सिलावन स्थित विलेज हाट यदि शुरू हो जाता तो इससे स्वयं सहायता समूहों को काफी लाभ होता। सभी समूहों की महिलाएं को एक ही स्थान पर आकर अपने अपने उत्पादों की बिक्री में आसानी हो जाती। चकरा बाई
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सिलावन गांव में स्वर्ण जयन्ती स्वरोजगार योजनान्तर्गत निर्मित विलेज हाट काफी वर्षों से उपेक्षित पड़ा हुआ है। इसके संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
प्रकाश नारायण त्रिपाठी (निवर्तमान प्रधान सिलावन)
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ग्राम सिलावन में वर्ष 2009-10 में स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजनान्तर्गत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उत्पादित सामान को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से विलेज हाट बाजार बनाया गया।11 वर्ष बीतने के बाद भी इसका उद्घाटन नहीं हो सका है। उस वक्त 15 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण कराया गया है। इसमें सामान रखने के लिए दुकानें बनाए गई थीं, साथ ही बिक्री के लिए टीन शेड, बाजार के चारों ओर चारदिवारी के निर्माण के अलावा शौचालय व पानी की व्यवस्था भी की गई लेकिन जिन दुकानों का निर्माण हुआ था, वह देखरेख के अभाव में जर्जर नजर आने लगी हैं। बाजार की चारदिवारी धराशाई हो गई। वहीं, टिनशेड में से टिन गायब हो गए हैं। इसके अतिरिक्त चबूतरे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मौजूदा समय में विलेज हाट में बनी दुकानों में ग्रामीण कंडे, भूसा इत्यादि रख रहे हैं।
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वहीं, प्रांगण में कंडे (उपले) थापे जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि विकासखंड में महिला स्वयं सहायता समूह नहीं हों, यहां सैकड़ों की संख्या में महिला समूह चल रहे हैं। बिक्री के लिए उचित स्थान नहीं मिलने से समूह की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। माल नहीं बिकने के चलते कई समूहों ने तो उत्पाद बनाना ही बंद कर दिया हैं। इस ओर विभागीय अधिकारियों के ध्यान नहीं देने से सरकार की मंशा पर झटका लग रहा है। वहीं, समाजसेवी संस्थाएं भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं। उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर अपेक्षित है।
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समूह द्वारा निर्मित उत्पाद को बेचने के लिए उचित स्थान नहीं है। इससे माल को बेचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समय पर उत्पाद नहीं बिकने से आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ती है। बबीता देवी (सदस्य अबार माता)
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ग्राम सिलावन स्थित विलेज हाट यदि शुरू हो जाता तो इससे स्वयं सहायता समूहों को काफी लाभ होता। सभी समूहों की महिलाएं को एक ही स्थान पर आकर अपने अपने उत्पादों की बिक्री में आसानी हो जाती। चकरा बाई
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सिलावन गांव में स्वर्ण जयन्ती स्वरोजगार योजनान्तर्गत निर्मित विलेज हाट काफी वर्षों से उपेक्षित पड़ा हुआ है। इसके संचालन के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
प्रकाश नारायण त्रिपाठी (निवर्तमान प्रधान सिलावन)

सिलावन के विलेज हॉट बाजार में दुकानों के सामने रखे उपले- फोटो : LALITPUR