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गेहूं खरीद में वारदाने की कमी बनी बाधक
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ललितपुर। गेहूं खरीद में वारदाने की कमी बाधक बन गई है। इसमें सबसे ज्यादा महरौनी और मड़ावरा के खरीद केंद्र प्रभावित हैं। कई जगहों पर खरीद भी नहीं हो पा रही है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं खरीद केंद्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों पर सात हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो गई है। लेकिन अब कई खरीद केंद्रों पर वारदाने की कमी हो गई है। विशेषकर महरौनी और मड़ावरा क्षेत्र के कई केंद्रों पर गेहूं की खरीद प्रभावित हो गई है। ग्राम कारीटोरन और ग्राम सौंरई केंद्रों पर मंगलवार से खरीद नहीं हुई है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी आ रही है।
उधर, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें बताया कि गेहूं की बिक्री के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है, लेकिन इसमें किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। टोकन भी समय से नहीं मिल पा रहे हैं। इस संबंध में विभागीय अफसरों ने किसानों को जागरूक भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर कीरत बाबा, रामदेव, पहाड़ सिंह, शब्बीर खां मंसूरी, निशार खान, नंदकिशोर के हस्ताक्षर बने हैं।
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जिन केंद्रों पर वारदाने की समस्या है, वहां वारदाना पहुंचाया जा रहा है। गेहूं की खरीद प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
- मनोज कुमार, प्रभारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
वारदाने की चार सौ गांठें पाने के लिए एक करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इसके सापेक्ष वारदाने की पचास गांठें शाम तक उपलब्ध होने की संभावना है।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक सहकारी समितियां
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किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं खरीद केंद्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों पर सात हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो गई है। लेकिन अब कई खरीद केंद्रों पर वारदाने की कमी हो गई है। विशेषकर महरौनी और मड़ावरा क्षेत्र के कई केंद्रों पर गेहूं की खरीद प्रभावित हो गई है। ग्राम कारीटोरन और ग्राम सौंरई केंद्रों पर मंगलवार से खरीद नहीं हुई है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी आ रही है।
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उधर, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें बताया कि गेहूं की बिक्री के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है, लेकिन इसमें किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। टोकन भी समय से नहीं मिल पा रहे हैं। इस संबंध में विभागीय अफसरों ने किसानों को जागरूक भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर कीरत बाबा, रामदेव, पहाड़ सिंह, शब्बीर खां मंसूरी, निशार खान, नंदकिशोर के हस्ताक्षर बने हैं।
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जिन केंद्रों पर वारदाने की समस्या है, वहां वारदाना पहुंचाया जा रहा है। गेहूं की खरीद प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
- मनोज कुमार, प्रभारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
वारदाने की चार सौ गांठें पाने के लिए एक करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इसके सापेक्ष वारदाने की पचास गांठें शाम तक उपलब्ध होने की संभावना है।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक सहकारी समितियां