{"_id":"5dab6cc28ebc3e01767f666f","slug":"uproar-over-villagers-quaota-election-taldehate-news-jhs150730545","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटे के चुनाव को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटे के चुनाव को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा
विज्ञापन
कैप्सन - कोटा चयन प्रस्ताव के विरोध में तहसील में प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : TALDEHATE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तालबेहट। विकासखंड के गांव खांदी में उचित दर विक्रेता के चयन के प्रस्ताव में गड़बड़ी का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने तहसील परिसर में हंगामा किया। उन्होंने बीडीओ, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के विरोध में नारेबाजी करते हुए दोबारा प्रस्ताव कराने की मांग की।
ग्राम सभा खांदी में उचित दर विक्रेताओं की सात दुकानें हैं। दो दुकानें निरस्त होने के कारण काफी दिनों से खाली हैं, जिससे ग्रामीणों को दूर तक राशन लेने के लिए जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने नए दुकानदार का प्रस्ताव कराने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन दिए। इस पर 19 अक्तूबर को दुकानों के नए प्रस्ताव खुली बैठक के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया। शनिवार को ग्राम सभा की खुली बैठक स्टेशन रोड स्थित पंचायत भवन में खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें खांदी साधन सहकारी समिति की निरस्त दुकान के लिए एकमात्र प्रस्ताव विवेक कुमार का आया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
एक अन्य दुकान के लिए राहुल सिंह यादव बंदेसरा, भगवान सिंह यादव दरदरी तथा हरकिशन कुशवाहा ने अपने आवेदन किए। हरकिशन की उम्र कम होने के कारण उसके आवेदन को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद भगवान सिंह और राहुल सिंह के पक्ष में हाथ उठवा कर दोनों के पक्ष में जनता की राय ली गई। इस पर अधिकारियों ने भगवान सिंह के पक्ष में अधिक मत देखकर उसके चयन की घोषणा कर दी। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने चयन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराते हुए फिर से चयन कराने की मांग की लेकिन, अधिकारियों ने इस मांग का खारिज किर दिया। इसके बाद नाराज लोगों ने तहसील में जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के विरोध में नारे बाजी की और उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराते हुए दोबारा चयन कराने की मांग की। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी में खुले चयन के बाद हंगामा करना, किसी भी दशा में ठीक नहीं है। हंगामा करने वालों ने बताया कि उनके मजरे पर उक्त दुकान के प्रस्ताव के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। मुनादी कब कराई गई, इसका भी पता नहीं चला। उक्त दुकान चयन प्रस्ताव की सूचना किसी समाचार पत्र में प्रकाशित भी नहीं की गई।
विज्ञापन
हंगामा करने वाले पूरी तरह से गलत हैं। पूरी कार्रवाई वीडियोग्राफी और अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई है। चयन न होने पर कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। रघुराज यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि
विज्ञापन
ग्राम सभा खांदी में उचित दर विक्रेताओं की सात दुकानें हैं। दो दुकानें निरस्त होने के कारण काफी दिनों से खाली हैं, जिससे ग्रामीणों को दूर तक राशन लेने के लिए जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने नए दुकानदार का प्रस्ताव कराने के लिए अधिकारियों को ज्ञापन दिए। इस पर 19 अक्तूबर को दुकानों के नए प्रस्ताव खुली बैठक के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया। शनिवार को ग्राम सभा की खुली बैठक स्टेशन रोड स्थित पंचायत भवन में खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें खांदी साधन सहकारी समिति की निरस्त दुकान के लिए एकमात्र प्रस्ताव विवेक कुमार का आया, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
विज्ञापन
एक अन्य दुकान के लिए राहुल सिंह यादव बंदेसरा, भगवान सिंह यादव दरदरी तथा हरकिशन कुशवाहा ने अपने आवेदन किए। हरकिशन की उम्र कम होने के कारण उसके आवेदन को निरस्त कर दिया गया। इसके बाद भगवान सिंह और राहुल सिंह के पक्ष में हाथ उठवा कर दोनों के पक्ष में जनता की राय ली गई। इस पर अधिकारियों ने भगवान सिंह के पक्ष में अधिक मत देखकर उसके चयन की घोषणा कर दी। इस पर दूसरे पक्ष के लोगों ने चयन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराते हुए फिर से चयन कराने की मांग की लेकिन, अधिकारियों ने इस मांग का खारिज किर दिया। इसके बाद नाराज लोगों ने तहसील में जाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के विरोध में नारे बाजी की और उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराते हुए दोबारा चयन कराने की मांग की। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी में खुले चयन के बाद हंगामा करना, किसी भी दशा में ठीक नहीं है। हंगामा करने वालों ने बताया कि उनके मजरे पर उक्त दुकान के प्रस्ताव के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। मुनादी कब कराई गई, इसका भी पता नहीं चला। उक्त दुकान चयन प्रस्ताव की सूचना किसी समाचार पत्र में प्रकाशित भी नहीं की गई।
विज्ञापन
हंगामा करने वाले पूरी तरह से गलत हैं। पूरी कार्रवाई वीडियोग्राफी और अधिकारियों की मौजूदगी में कराई गई है। चयन न होने पर कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। रघुराज यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि