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गैर इरादतन हत्या में तीन अभियुक्तों को छह वर्ष की सजा
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ललितपुर। थाना बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जिजरवारा में 13 वर्ष पहले कुएं में गिरने से ग्रामीण की मौत के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने तीन अभियुक्तों को गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए छह वर्ष के कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना बार के ग्राम जिजरवारा निवासी रणवीर सिंह उर्फ बड़े राज ने 13 साल पहले थाना बार पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह 26 जून 2008 को अपनी फसल देखने के लिए खेत पर गए थे और जब वह लौटते समय दोपहर करीब दो बजे दयाराम के खेत के पास बने कुएं के पास पहुंचे, तो वहां गांव के ही रक्षपाल, खिलावन, अजील दुबे, नीरज कुएं में कूदकर नहा रहे थे। कुएं में सात फुट नीचे पानी था। जब वह पास में पहुंचे तो रक्षपाल ने कहा कि वह भी नहा लें, उसने मना किया तो उसे रक्षपाल व खिलावन पकड़ ले गए और कुएं में गिरा दिया। वह कुएं के उस स्थान, जहां इंजन ले जाने के लिए ढाल नुमा खाई रहती है, उधर से निकल आया। उसके बाद ही गांव का इंद्रपाल यादव आया तो रक्षपाल, खिलावन एवं अजीत ने उसे भी पकड़ लिया और कुआं में नहाने को चलने के लिए कहा, जिस पर इंद्रपाल की पत्नी ने मना किया कि कुआं में नहाने मत जाओ, काम करने जाना है। इंद्रपाल कूदना नहीं चाहता था, लेकिन उक्त तीनों लोगों ने उसे कुआं में ले जाना चाहते थे कि वह भागने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर गया। कुएं में पत्थर से उसका सिर टकराते हुए वह कुएं मेें गिर गया। यह देख उन्होंने जब उसे कुंए से बाहर निकाला, तो उसकी मौत हो चुकी थी। कोतवाली पुलिस ने उक्त मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायालय ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों रक्षपाल, खिलावन एवं अजीत को इंद्रपाल की गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए छह-छह वर्ष के कठोर कारावास एवं सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर पचास प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को दिए जाने के आदेश दिए। इस मामले में पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने की। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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थाना बार के ग्राम जिजरवारा निवासी रणवीर सिंह उर्फ बड़े राज ने 13 साल पहले थाना बार पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वह 26 जून 2008 को अपनी फसल देखने के लिए खेत पर गए थे और जब वह लौटते समय दोपहर करीब दो बजे दयाराम के खेत के पास बने कुएं के पास पहुंचे, तो वहां गांव के ही रक्षपाल, खिलावन, अजील दुबे, नीरज कुएं में कूदकर नहा रहे थे। कुएं में सात फुट नीचे पानी था। जब वह पास में पहुंचे तो रक्षपाल ने कहा कि वह भी नहा लें, उसने मना किया तो उसे रक्षपाल व खिलावन पकड़ ले गए और कुएं में गिरा दिया। वह कुएं के उस स्थान, जहां इंजन ले जाने के लिए ढाल नुमा खाई रहती है, उधर से निकल आया। उसके बाद ही गांव का इंद्रपाल यादव आया तो रक्षपाल, खिलावन एवं अजीत ने उसे भी पकड़ लिया और कुआं में नहाने को चलने के लिए कहा, जिस पर इंद्रपाल की पत्नी ने मना किया कि कुआं में नहाने मत जाओ, काम करने जाना है। इंद्रपाल कूदना नहीं चाहता था, लेकिन उक्त तीनों लोगों ने उसे कुआं में ले जाना चाहते थे कि वह भागने के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में गिर गया। कुएं में पत्थर से उसका सिर टकराते हुए वह कुएं मेें गिर गया। यह देख उन्होंने जब उसे कुंए से बाहर निकाला, तो उसकी मौत हो चुकी थी। कोतवाली पुलिस ने उक्त मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। शुक्रवार को न्यायालय ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों रक्षपाल, खिलावन एवं अजीत को इंद्रपाल की गैरइरादतन हत्या का दोषी पाते हुए छह-छह वर्ष के कठोर कारावास एवं सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर पचास प्रतिशत राशि मृतक की पत्नी को दिए जाने के आदेश दिए। इस मामले में पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने की। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
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