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बारह हजार की आबादी, विद्युत की सुचारु व्यवस्था नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:53 AM IST
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nehru nagr, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। बिना खंभों के मुहल्ला नेहरू नगर में काफी दूरी तक लंबे-लंबे बिजली के तार पड़े हुए हैं। बल्लियों के सहारे बिजली व्यवस्था चल रही है। यदि जिला प्रशासन व विद्युत विभाग द्वारा जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी जन हानि हो सकती है।
मुहल्ला नेहरू नगर शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्ती है। इस क्षेत्र में बारह हजार से अधिक लोग रहते हैं। इतनी बड़ी आबादी होने के बाद भी यह क्षेत्र वर्षों से विकास के अभाव का दंश झेल रहा है। यहां रहने वाले सैकड़ों परिवार सड़क, नाली व बिजली जैसी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। इन लोगों को विद्युत विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली तो उन्होंने बिजली की समस्या को दूर करने के लिए अपनी जुगाड़ बैठाकर मानकों के विपरीत कई मीटर दूरी पर स्थित बिजली के खंभों से संयोजन ले लिया।
यहां कई विद्युत कनेक्शन ऐसे हैं जो सैकड़ों मीटर दूरी के खंभों से लिए गए हैं। इन लंबे तारों के सहारे के लिए कोई व्यवस्था नहीं है इसलिए स्थानीय लोगों ने अपनी सुविधा से लकड़ी की बल्लियां जगह-जगह पर लगा रखी हैं। इन लंबे तारों के टूटने का भय हमेशा ही लगा रहता है, बरसात के समय यह स्थिति अति गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों को अपनी जान-माल की हानि होने का भय हमेशा ही लगा रहता है।
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अब नहीं तो कब जागेंगे जिम्मेदार
नेहरू नगर की चौपट बिजली व्यवस्था किसी जनप्रतिनिधि व प्रशासन से छिपी नहीं है। बिजली की समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों द्वारा अनेकों बार जिला प्रशासन व बिजली विभाग के अधिकारियों से इलाके में बिजली के खंभे लगवाने की मांग की है। लेकिन अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हो सकी है। हाल ही में गरीब किसान परिवार की आधा दर्जन भैंसें बिजली की इसी अव्यवस्था के कारण काल के गाल में समा गई हैं।
इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। यदि जिम्मेदार अधिकारी अब भी नींद से नहीं जागे तो आने वाले दिनों में किसी अप्रिय घटना के घटित होने की संभावना को दरकिनार नहीं जा सकता है। वर्षों पहले यहां लगाने के लिए कुछ बिजली के खंभों की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन उदासीनता के चलते यह खंभे आज भी मुहल्ले में ही लावारिस पड़े हुए हैं, कई तो क्षतिग्रस्त भी हो चुके हैं।
घरों के द्वार पर झूल रही बंच केबल
विद्युत विभाग द्वारा शहर में कुछ माह पूर्व डाली गई बंच केबल स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। शहर की मुख्य सड़कों व क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो शहर के लगभग सभी मुहल्लों में डाली गई बंच केबल लोगों के घरों के द्वार पर झूल रही है।
यदि किसी राहगीर या घर में रहने वाले लोगों का ध्यान झूल रही बंच केबल पर न पड़े तो वह इसकी चपेट में आ सकता है। मुहल्ला नेहरू नगर, गांधी नगर, नई बस्ती, घुसयाना, सदनशाह, खिरकापुरा, रावतयाना, चौकाबाग, रामनगर समेत अन्य मलिन बस्तियों की स्थिति काफी बेकार है।
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मुहल्ला नेहरू नगर शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्ती है। इस क्षेत्र में बारह हजार से अधिक लोग रहते हैं। इतनी बड़ी आबादी होने के बाद भी यह क्षेत्र वर्षों से विकास के अभाव का दंश झेल रहा है। यहां रहने वाले सैकड़ों परिवार सड़क, नाली व बिजली जैसी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं। इन लोगों को विद्युत विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली तो उन्होंने बिजली की समस्या को दूर करने के लिए अपनी जुगाड़ बैठाकर मानकों के विपरीत कई मीटर दूरी पर स्थित बिजली के खंभों से संयोजन ले लिया।
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यहां कई विद्युत कनेक्शन ऐसे हैं जो सैकड़ों मीटर दूरी के खंभों से लिए गए हैं। इन लंबे तारों के सहारे के लिए कोई व्यवस्था नहीं है इसलिए स्थानीय लोगों ने अपनी सुविधा से लकड़ी की बल्लियां जगह-जगह पर लगा रखी हैं। इन लंबे तारों के टूटने का भय हमेशा ही लगा रहता है, बरसात के समय यह स्थिति अति गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों को अपनी जान-माल की हानि होने का भय हमेशा ही लगा रहता है।
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अब नहीं तो कब जागेंगे जिम्मेदार
नेहरू नगर की चौपट बिजली व्यवस्था किसी जनप्रतिनिधि व प्रशासन से छिपी नहीं है। बिजली की समस्या झेल रहे स्थानीय लोगों द्वारा अनेकों बार जिला प्रशासन व बिजली विभाग के अधिकारियों से इलाके में बिजली के खंभे लगवाने की मांग की है। लेकिन अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं हो सकी है। हाल ही में गरीब किसान परिवार की आधा दर्जन भैंसें बिजली की इसी अव्यवस्था के कारण काल के गाल में समा गई हैं।
इससे पहले भी इसी तरह की घटनाएं घटित हो चुकी हैं। यदि जिम्मेदार अधिकारी अब भी नींद से नहीं जागे तो आने वाले दिनों में किसी अप्रिय घटना के घटित होने की संभावना को दरकिनार नहीं जा सकता है। वर्षों पहले यहां लगाने के लिए कुछ बिजली के खंभों की व्यवस्था कराई गई थी, लेकिन उदासीनता के चलते यह खंभे आज भी मुहल्ले में ही लावारिस पड़े हुए हैं, कई तो क्षतिग्रस्त भी हो चुके हैं।
घरों के द्वार पर झूल रही बंच केबल
विद्युत विभाग द्वारा शहर में कुछ माह पूर्व डाली गई बंच केबल स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। शहर की मुख्य सड़कों व क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो शहर के लगभग सभी मुहल्लों में डाली गई बंच केबल लोगों के घरों के द्वार पर झूल रही है।
यदि किसी राहगीर या घर में रहने वाले लोगों का ध्यान झूल रही बंच केबल पर न पड़े तो वह इसकी चपेट में आ सकता है। मुहल्ला नेहरू नगर, गांधी नगर, नई बस्ती, घुसयाना, सदनशाह, खिरकापुरा, रावतयाना, चौकाबाग, रामनगर समेत अन्य मलिन बस्तियों की स्थिति काफी बेकार है।